मक्का की फसल में बुवाई के समय खाद, उर्वरक एवं पोषक तत्व प्रबंधन

👉🏻किसान भाइयों, मक्का की अधिक पैदावार लेने के लिये खाद, उर्वरक एवं पोषक तत्व प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहलू है, अगर पोषक तत्व का सही से प्रबंधन किया जाये तो पौधों को स्वस्थ रखा जा सकता है जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्राकृतिक तनाव एवं कीट के प्रति सहनशील बनाने में मदद किया जा सकता है।

👉🏻पोषक तत्व प्रबंधन में रासायनिक उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, जैविक उर्वरक, गोबर की खाद एवं हरी खाद आदि का समुचित उपयोग किया जा सकता है।

👉🏻बीज की बुवाई के 15 -20 दिन पहले गोबर की खाद 4 टन + कॉम्बेट (ट्राइकोडर्मा विरिडी) 2 किलोग्राम, प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में समान रूप से फैला दें। 

👉🏻इसके बाद बीज की बुवाई के समय, डीएपी 50 किग्रा, एमओपी 40 किग्रा, यूरिया 25 किलो, ताबा जी (जिंक घोलक बैक्टीरिया) 4 किलोग्राम, टीबी 3 (एनपीके कन्सोर्टिया) 3 किलोग्राम, मैक्समाइको (समुद्री शैवाल, अमीनो, ह्यूमिक और माइकोराइजा) 2 किग्रा, प्रति एकड़ के हिसाब से उपयोग करें।

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देश के विभिन्न मंडियों में 30 जून को क्या रहे फलों और फसलों के भाव?

Todays Mandi Rates

देश के विभिन्न शहरों में फलों और फसलों की कीमतें क्या हैं?

मंडी

फसल

न्यूनतम मूल्य (किलोग्राम में)

अधिकतम मूल्य (किलोग्राम में)

लखनऊ

प्याज़

10

11

लखनऊ

प्याज़

12

14

लखनऊ

प्याज़

14

15

लखनऊ

प्याज़

15

16

लखनऊ

प्याज़

10

11

लखनऊ

प्याज़

12

13

लखनऊ

प्याज़

15

लखनऊ

प्याज़

17

लखनऊ

लहसुन

20

लखनऊ

लहसुन

28

32

लखनऊ

लहसुन

32

36

लखनऊ

लहसुन

40

42

गुवाहाटी

प्याज़

11

गुवाहाटी

प्याज़

13

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

16

गुवाहाटी

प्याज़

11

गुवाहाटी

प्याज़

13

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

16

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

19

गुवाहाटी

प्याज़

21

गुवाहाटी

प्याज़

22

गुवाहाटी

लहसुन

22

27

गुवाहाटी

लहसुन

28

35

गुवाहाटी

लहसुन

35

40

गुवाहाटी

लहसुन

40

42

गुवाहाटी

लहसुन

23

26

गुवाहाटी

लहसुन

27

35

गुवाहाटी

लहसुन

35

40

गुवाहाटी

लहसुन

40

42

रतलाम

आलू

22

24

रतलाम

टमाटर

35

40

रतलाम

हरी मिर्च

23

25

रतलाम

अदरक

28

30

रतलाम

कद्दू

10

14

रतलाम

आम

35

रतलाम

आम

36

40

रतलाम

आम

30

33

रतलाम

केला

22

24

रतलाम

पपीता

14

17

रतलाम

अनार

66

75

रतलाम

प्याज़

3

7

रतलाम

प्याज़

8

11

रतलाम

प्याज़

12

14

रतलाम

प्याज़

15

17

रतलाम

लहसुन

7

11

रतलाम

लहसुन

12

19

रतलाम

लहसुन

20

31

रतलाम

लहसुन

33

35

कोलकाता

आलू

22

कोलकाता

अदरक

43

कोलकाता

प्याज़

10

कोलकाता

प्याज़

12

कोलकाता

प्याज़

16

कोलकाता

लहसुन

15

कोलकाता

लहसुन

27

कोलकाता

लहसुन

42

कोलकाता

तरबूज

16

कोलकाता

अनन्नास

40

50

कोलकाता

सेब

127

140

कोलकाता

आम

65

75

कोलकाता

लीची

40

45

कोलकाता

मीठा नींबू

45

50

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होने वाली है मूसलाधार बारिश, कर लें पहले से सारी तैयारी

know the weather forecast,

कई दिनो के इंतजार के बाद मानसून ने उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में दस्तक दे दी है। अब मानसून की बारिश जल्दी ही पंजाब हरियाणा दिल्ली और राजस्थान में पहुंचेगी। इन सभी राज्यों सहित मध्य भारत में भी मूसलाधार बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां हो सकती हैं हालांकि मूसलाधार बारिश के आसार कम हैं।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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पति को खोने के बाद भी नहीं टूटा हौसला, सब्जी की खेती से कमाए लाखों रूपए

महाराष्ट्र राज्य का गोंदिया जिला धान की खेती के लिए जाना जाता है। यहां के किसान भाई धान के अलावा वैकल्पिक फसल का जोखिम उठाने से डरते हैं।  इसी बीच डोंगरगांव निवासी पल्लवी वैभव गजभिये ने वैकल्पिक खेती के जरिए लाखों रूपए कमाकर एक मिसाल पेश की है। 

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पल्लवी ने अपने पति को खो दिया था। हालांकि संकट की इस घड़ी में अपने परिवार का भरण पोषण करना उनकी पहली जिम्मेदारी थी। ऐसे में अपना हौंसला बिना खोए उन्होंने खेती करने की ठानी। पल्लवी ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सब्जियों की खेती करने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के मार्गदर्शन में 2021-22 में ककड़ी की खेती की।

ककड़ी की खेती में ज़मीन की तैयारी, बीज, खाद, कीटनाशक दवाएं, बांस, प्लास्टिक मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई एवं श्रम को मिलाकर कुल 2 लाख 50 हजार का खर्चा आया। इसमें कृषि सिंचाई योजना और एकीकृत अभियान के तहत उन्हें प्लास्टिक मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई के लिए अनुदान प्राप्त हुआ। इस खेती में उन्हें 36 मेट्रिक टन ककड़ी का उत्पादन मिला। जिसे उन्होंने कृषि उपज मंडी में 12 रूपए के भाव से बेचने के बाद लाखों की कमाई की। इसमें लागत घटाने के बाद पल्लवी ने कुल 1 लाख 86 हजार रूपए का मुनाफा कमाया।

बता दें कि ककड़ी की फसल अवधि केवल 3 महीने की होती है। वहीं सब्जी उगाने का सीज़न साल में तीन बार आता है। ऐसे में वैकल्पिक फसल के तौर पर सब्जियों की खेती करना एक बढ़िया मुनाफा देने वाला फैसला है। जिसको अपनाकर पल्लवी वैभव गजभिये ने दूसरे किसानों के लिए एक मिसाल पेश की है।

स्रोत: रिबेल बुलेटिन

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मध्यप्रदेश की चुनिंदा मंडियों में क्या चल रहे लहसुन के भाव?

Indore garlic Mandi bhaw

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे देवास, बदनावर, दमोह, पिपलिया और मनावर आदि में क्या चल रहे हैं लहसुन के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

विभिन्न मंडियों में लहसुन के ताजा मंडी भाव

कृषि उपज मंडी

न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

बदनावार

500

1700

बदवाह

2250

4000

दलौदा

2500

8889

दलौदा

2500

8889

दमोह

600

600

देवास

200

700

देवास

200

700

कुक्षी

1200

2200

मनावर

2600

2800

पिपलिया

400

7100

सैलाना

391

6666

स्रोत: एगमार्कनेट

अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी  लहसुन जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें। लेख पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।

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मध्यप्रदेश की चुनिंदा मंडियों में क्या चल रहे प्याज़ के भाव?

onion Mandi Bhaw

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे बदनावर, हाटपीपलिया, खरगोन, हरदा और  मनावर आदि में क्या चल रहे हैं प्याज़ के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

विभिन्न मंडियों में प्याज़ के ताजा मंडी भाव

कृषि उपज मंडी

न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

बदनावर

500

1200

बड़वाह

850

1250

हाटपिपलिया

600

1200

हरदा

600

750

खरगोन

500

1500

खरगोन

800

1500

मनावर

938

1138

सैलान

300

1350

सांवेर

675

1375

शुजालपुर

900

900

सोयत कला

100

1075

थांदला

900

1000

स्रोत: एगमार्कनेट

अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी  प्याज जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें। लेख पसंद आया हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।

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धान की नर्सरी एवं रोपाई के समय खरपतवार नियंत्रण के उपाय

धान की नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण:- धान खरीफ मौसम की एक महत्वपूर्ण फसल है। इसलिए समय रहते खरपतवारों को नष्ट करना बहुत जरूरी है, धान की खेती में रोग और कीटों के अलावा खरपतवार भी काफी नुकसान पहुंचाते हैं। इसके साथ ही धान की फसल के लिए हानिकारक खरपतवारों के कारण विभिन्न कीट भी आकर्षित होते हैं।

बुवाई के 10-12 दिन बाद:-

नॉमिनी गोल्ड:- धान की फसल में प्रमुख घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को नियंत्रित करता है। खरपतवार के 2-4 पत्ती वाली अवस्था में प्रयोग करना उपयुक्त समय होता है। यह एक चयनात्मक शाकनाशी है।

धान की नर्सरी में खरपतवार नियंत्रण के लिए बुवाई के 10-12 दिन बाद, नॉमिनी गोल्ड (बिस्पायरीबैक-सोडियम 10% एससी) @ 8 मिली प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें। 

खरपतवार नाशक का छिड़काव करते समय फ्लैट फेन (कट वाले) नोज़ल का इस्तेमाल करें। 

रोपाई  के 0 से 3 दिन के बाद  (धान रोपाई के बाद एवं खरपतवार अंकुरण से पहले) 

एरोस गोल्ड (प्रेटिलाक्लोर 50%ईसी)

  • यह एक व्यापक स्पेक्ट्रम और चयनात्मक शाकनाशी है। धान में लगभग सभी खरपतवारों (सकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार) को नियंत्रित करता है।

  • धान की फसल में रोपाई के 0-3 दिन के बाद खरपतवारों के जमाव को रोकने के लिए एरोस गोल्ड (प्रेटिलाक्लोर 50%ईसी) @ 400 मिली, 40 किलो रेत के साथ मिलाकर खेत में समान रूप से भुरकाव करें। भुरकाव के समय खेत में 4-5 सेंटीमीटर जल स्तर बनाए रखें।

  •  रोपाई के 3-7 दिन बाद साथी (पायराज़ोसल्फ्यूरॉन एथिल 10% डब्ल्यूपी) 40-50 ग्राम प्रति एकड़ 150-200 लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें।

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देश के विभिन्न मंडियों में 29 जून को क्या रहे फलों और फसलों के भाव?

Todays Mandi Rates

देश के विभिन्न शहरों में फलों और फसलों की कीमतें क्या हैं?

मंडी

फसल

न्यूनतम मूल्य (किलोग्राम में)

अधिकतम मूल्य (किलोग्राम में)

कोलकाता

आलू

22

कोलकाता

अदरक

35

कोलकाता

प्याज़

9

कोलकाता

प्याज़

11

कोलकाता

प्याज़

15

कोलकाता

लहसुन

15

कोलकाता

लहसुन

35

कोलकाता

लहसुन

46

कोलकाता

तरबूज

16

कोलकाता

अनन्नास

40

50

कोलकाता

सेब

130

150

कोलकाता

आम

60

70

कोलकाता

लीची

40

45

कोलकाता

नींबू

45

55

गुवाहाटी

प्याज़

11

गुवाहाटी

प्याज़

14

गुवाहाटी

प्याज़

16

गुवाहाटी

प्याज़

18

गुवाहाटी

प्याज़

11

गुवाहाटी

प्याज़

14

गुवाहाटी

प्याज़

16

गुवाहाटी

प्याज़

18

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

19

गुवाहाटी

प्याज़

21

गुवाहाटी

प्याज़

22

गुवाहाटी

लहसुन

22

27

गुवाहाटी

लहसुन

28

34

गुवाहाटी

लहसुन

34

40

गुवाहाटी

लहसुन

40

42

गुवाहाटी

लहसुन

23

26

गुवाहाटी

लहसुन

27

33

गुवाहाटी

लहसुन

34

40

गुवाहाटी

लहसुन

40

42

लखनऊ

प्याज़

10

11

लखनऊ

प्याज़

12

14

लखनऊ

प्याज़

14

15

लखनऊ

प्याज़

15

16

लखनऊ

प्याज़

10

11

लखनऊ

प्याज़

12

14

लखनऊ

प्याज़

16

लखनऊ

प्याज़

17

18

लखनऊ

लहसुन

20

लखनऊ

लहसुन

28

32

लखनऊ

लहसुन

32

36

लखनऊ

लहसुन

40

42

रतलाम

प्याज़

3

6

रतलाम

प्याज़

8

11

रतलाम

प्याज़

12

14

रतलाम

प्याज़

15

16

रतलाम

लहसुन

7

11

रतलाम

लहसुन

12

18

रतलाम

लहसुन

20

30

रतलाम

लहसुन

33

36

आगरा

पत्ता गोभी

16

आगरा

लौकी

20

आगरा

करेला

15

आगरा

बैंगन

18

आगरा

हरी मिर्च

35

आगरा

शिमला मिर्च

20

आगरा

भिन्डी

27

आगरा

आलू

23

आगरा

गाजर

52

कानपुर

प्याज़

5

7

कानपुर

प्याज़

8

कानपुर

प्याज़

12

कानपुर

प्याज़

16

17

कानपुर

लहसुन

11

कानपुर

लहसुन

25

कानपुर

लहसुन

32

35

कानपुर

लहसुन

42

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मेघ गर्जना के साथ भारी बारिश की संभावना, देखें मौसम पूर्वानुमान

मानसून का इंतजार लंबा होता जा रहा है और पिछले 3 दिनों से गर्मी और उमस के कारण उत्तर भारत का बुरा हाल है विशेषकर पंजाब हरियाणा दिल्ली राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भीषण उमस का माहौल है। अब जल्द ही मानसून उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक पहुंचेगा उत्तराखंड में भी दस्तक देगा और उसके 1 दिन बाद ही दिल्ली पंजाब हरियाणा जम्मू कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश सहित राजस्थान में दस्तक दे सकता है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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ई-श्रम कार्ड पर जल्द जारी होगी अगली किस्त, जानें योजना से जुड़े बाकी लाभ

देश में आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं में से एक ‘ई-श्रम कार्ड’ योजना है। इसे विशेष तौर पर असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत निर्माण साइट पर काम करने वाले मजदूर, घरों में काम करने वाले लोग, रेड़ी पटरी वाले दुकानदार, प्रवासी श्रमिकों के साथ बाकी सभी श्रमिक शामिल हैं।

वहीं ई-श्रम कार्ड धारकों के लिए एक अच्छी खबर है। मिली खबर के अनुसार जल्द ही महीने के अंत तक श्रम खाते में अगली किस्त आ सकती है। बता दें कि इस कार्ड की मदद से लाभार्थी सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 16 से 59 साल के बीच है, वह अपना ई-श्रम कार्ड बनवा सकता है। 

ई-श्रम कार्ड से मिलने वाले फायदे

  • हर महीने बैंक खाते में एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • भविष्य में इन लाभार्थियों को पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

  • लाभार्थी की संतान को पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

  • घर बनवाने के लिए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा।

  • कार्य के दौरान दुर्घटना में विकलांग होने की स्थिति में मजदूर को एक लाख रूपए की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं मृत्यू होने पर पीड़ित परिवार को 2 लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।

जल्द कराएं रजिस्ट्रेशन

इस योजना का लाभ उठाने के लिए श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट eshram.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 14434 पर भी कॉल करके पंजीकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगर आप भी इस पात्रता के अंतर्गत आते हैं तो, जल्द ही रजिस्ट्रेशन कर इस योजना का लाभ उठाएं।

स्रोत: न्यूज़24

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