जाने कुसुम योजना के तहत सब्सीडी कैसे मिलेगी

  • कुसुम योजना के तहत सौर पैनल लगाने के लिए, किसानों को उपकरणों की कुल लागत का 10 प्रतिशत का भुगतान करना होता है। 
  • शेष राशि में से 30 प्रतिशत का भुगतान केंद्र सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में किया जाएगा जबकि 30 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा। 
  •  शेष 30 प्रतिशत के लिए, किसान बैंकों से ऋण ले सकते हैं। सरकार भी किसानों को बैंकों से ऋण लेने में मदद करती है।
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क्या आप कुसुम योजना के बारे में जानते है जिसके माध्यम से किसान 10 प्रतिशत पैसे देकर सौर जल पंप प्राप्त कर सकते हैं

  • किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान Mahabhiyan  ( कुसुम ) योजना के तहत किसान किसान बिना किसी बाधा के अपने खेतों में आसानी से सिंचाई कर सकेंगे। 
  • केंद्र सरकार ने एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) कंपनी को इसकी जिम्मेदारी दी है | , 
  • एजेंसी के माध्यम से किसानों को सौर जल पंप उपलब्ध कराया जाएगा।
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गेंदे की बढ़ती माँग ने बनाया है इसे फायदे की फसल

  • सिर दर्द, सूजन, दांत दर्द, घाव और कई त्वचा की समस्याओं जैसे औषधीय प्रयोजनों के लिए मैरीगोल्ड्स अत्यधिक मूल्यवान हैं। 
  • मेकअप, रंग भरने वाले भोजन (स्ट्यू, सूप, पुडिंग आदि) और कपड़ों और औषधीय उपयोगों के लिए गेंदे की पंखुड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है ।
  •  मोमबत्तियों में अर्क के रूप में भी  गेंदे का इस्तेमाल किया जाता है।
  • बर्साइटिस या बर्सा थैली कैंसर जैसी बीमारी के उपचार में भी इसका प्रयोग किया जाता है|
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धनिया की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी और जलवायु

  • अच्छी तरह जल निकास वाली दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए अच्छी मानी जाती हैं।
  • वर्षा आधारित खेती के लिए चिकनी मिट्टी अच्छी होती है जिसका pH 6-8 होनी चाहिए।
  • धनिया की फसल हेतु उपयुक्त तापमान 20-25 oC होता हैं|
  • ठंडी और शुष्क जलवायु इसकी फसल के लिए अच्छी मानी जाती हैं।
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मटर में माहु का नियंत्रण

मटर में माहु का नियंत्रण:-

  • हरे रंग के छोटे कीट होते है । वयस्क, बड़े नाशपाती के आकार वाले हरे, पीले या गुलाबी रंग के होते है।

हानि :-  

  • पत्तियों, फूलों व फल्लियों से रस चूसते है ।  
  • प्रभावित पत्तियां मुड़ जाती है व टहनियां छोटी रह जाती है ।
  • यह कीट मीठे पदार्थ का रिसाव करते है जो सूटी मोल्ड को विकसित करते है ।

 

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Control of Root-Knot Nematode in Tomato

  • प्रतिरोधक किस्मों को उगाये|
  • ग्रीष्म ऋतू में भूमि की गहरी जुताई करें|
  • नीम खली 80 किलो प्रति एकड़ की दर से देना चाहिए|
  • कार्बोफ्युरोन 3% G 8 किलो प्रति एकड़ की दर से देना चाहिए|
  • पेसिलोमाइसेस लिलासिनास -1% डब्ल्यूपी, बीज उपचार के लिए 10 ग्राम/किलोग्राम बीज, 50 ग्राम/मीटर वर्ग नर्सरी उपचार, 2.5 से 5 किलो/हेक्टेयर जमीन से देने के लिए | 

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Root-Knot Nematode in Tomato

हानि 

  • पत्तियों का रंग हल्का पीला हो जाता है|
  • सूत्रकृमि से ग्रसित पौधों की वृद्धि रुक जाती है एवं पौधा छोटा ही रहता है| अधिक संक्रमण होने पर पौधा सुखकर मर जाता है|

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How to flower promotion in chickpea

नीचे दिए गए कुछ उत्पादों के द्वारा चने की फसल में फूलों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है|

  • होमोब्रासिनोलॉइड 0.04% डब्लू/डब्लू 100-120 एम.एल./एकड़ का स्प्रे करें|
  • समुद्री शैवाल का सत 200-250 ml/एकड़ का उपयोग करें|
  • सूक्ष्म पोषक तत्त्व 200 ग्राम/एकड़ का स्प्रे करें ख़ासतौर पर बोरोन | 
  • 2 ग्राम/एकड़ जिब्रेलिक एसिड का स्प्रे भी कर सकते है|

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The critical stage of irrigation in Potato

  • आलू की फसल में सीजन के दौरान उच्चतम मृदा नमी को बांये रखने के लिए उच्च स्तरीय प्रबंधन की आवश्यकता होता है |
  • वृद्धि के कुछ चरण जब जल प्रबंधन बहुत महत्त्वपूर्ण है-
  • 1). अंकुरण अवस्था
  • 2). कंद स्थापित अवस्था
  • 3). कंद बढ़वार अवस्था
  • 4). अंतिम फसल अवस्था
  • 5). खुदाई के पूर्व |

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Requirement of Irrigation in Pea

  • यदि भूमि सूखी हो तो अच्छी तरह से बीजांकुर होने के लिये बोने पूर्व सिंचाई करें ।
  • भूमि के प्रकार व मौसमानुसार 10 से 15 के अंतर से सिंचाई करना चाहिये ।
  • फल एवं फल्ली आने के समय नमी की कमी होने पर उपज में कमी आती है अंतः इस समय सिंचाई अवश्य करें ।

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