कई क्षेत्रों में इस दिन से फिर होगी बारिश, देखें मौसम पूर्वानुमान

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उत्तर भारत मैं जारी वर्षा की गतिविधियां अब थम गई हैं। मध्य और पूर्वी भारत का मौसम शुष्क बना रहेगा। 2 मार्च को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तथा दिल्ली के कुछ भागों में हल्की वर्षा संभव है। अंडमान और निकोबार दीप समूह में भारी वर्षा के आसार हैं।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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किसानों को मिलेंगे सालाना 42000 रुपए, जानें पूरी प्रक्रिया

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi

आपको पता होगा की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को तीन किश्तों में सालाना 6000 रूपये मिलते हैं। पर शायद आप इस योजना के माध्यम से पेंशन के रूप में मिलने वाले सालाना 36000 रूपये के बारे में नहीं जानते होंगे। 

दरअसल पीएम किसान योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने के साथ ही खुद-ब-खुद पीएम किसान मानधन योजना में भी रजिस्ट्रेशन हो जाता है।  पीएम किसान मानधन योजना के अंतर्गत ही 60 साल से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन के रूप में हर महीने 3 हजार रुपए दिए जाते हैं। इस तरह साल में पेंशन के रूप में कम से कम 36 हजार रुपए का लाभ होता है।

पीएम किसान योजना से किसानों को 6 हजार रुपए मिलते हैं। वहीं पेंशन योजना में हर महीने 55 रुपए और ज्यादा से ज्यादा 200 रुपए का योगदान देना होता है। इस तरह साल में अधिकतम योगदान 2400 रुपए और कम से कम योगदान 660 रुपए का होता है। अब 6 हजार रुपए में से अधिकतम योगदान 2400 रुपए को घटा लीजिए, तो पीएम किसान योजना के खाते में 3600 रुपए शेष रह जाएंगे।

इस प्रक्रिया से जब आपकी उम्र 60 से अधिक होगी तब आपको हर महीने 3 हजार रुपए की पेंशन मिलेगी साथ ही साथ 2 हजार की 3 किस्त भी आती रहेगी। इस तरह 60 साल की उम्र के बाद किसान कुल 42 हजार रुपए सालाना का लाभ ले सकेंगे।

स्त्रोत: कृषि जागरण

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80% की सब्सिडी पर खोलें कृषि यंत्र बैंक, किराये से करें कमाई

Open Farm Machinery Bank on 80% subsidy

आधुनिक खेती में मशीन का इस्तेमाल बहुत आवश्यक हो गया है। अब मशीनों के उपयोग के बिना खेती करना काफी मुश्किल हो गया है। इसीलिए सरकार कृषि यंत्र बैंक को बढ़ावा दे रही है। सरकार किसानों को कृषि यंत्रों पर अलग अलग योजनाओं के अंतर्गत भारी सब्सिडी देती है। इसकी मदद से किसान गाँव में ही फसल कटाई, खेत जुताई, फसल थ्रेसरिंग, फसल अवशेष प्रबंधन जैसे कार्य आसानी से कर पाते हैं।

बिहार सरकार की तरफ से प्रदेश के किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन में मददगार कृषि यंत्रों पर 80% तक की सब्सिडी हेतु आवेदन मांगे हैं। इसके साथ ही कृषि विभाग बिहार ने राज्य के 9 जिलों के किसानों से कृषि यंत्र बैंक शुरू करने को लेकर भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके अंतर्गत कैमूर, रोहतास, भोजपुर, नालन्दा, बक्सर, पटना, नवादा, गया तथा ओरंगाबाद जिले के किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आप कृषि विभाग के वेबसाईट http://farmech.bih.nic.in/FMNEW/Homenew.aspx पर कर सकते हैं।

स्रोत: किसान समाधान

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किसानों को मिलेंगे 36 हजार रुपये, इस योजना से होगा लाभ

PM Kisan Maandhan Yojana

पीएम किसान योजना की 2000 रूपये की क़िस्त के साथ ही सरकार ने किसानों के लिए एक और योजना की क़िस्त को लेकर अपडेट दी है। यह योजना है पीएम किसान मानधन योजना। इस योजना में 18 से 40 वर्ष के बीच का कोई भी किसान भाग ले सकता है और 60 वर्ष का होने पर 36000 रुपये का पेंशन प्राप्त कर सकता है। 

पीएम किसान मानधन योजना में आयु के आधार पर किश्त की राशि तय की जाती है। इसके तहत अंशदान 55 रुपये से 200 रुपये तक प्रति महीने देना होता है। यह पेंशन फंड भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा प्रबंधित किया जा रहा है। 

स्रोत: कृषि जागरण 

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गेहूँ भंडारण करते समय रखें इन बातों का ख़ास ख्याल

Important tips for the storage of wheat crop
  • किसान भाइयों इस समय खेतों में गेहूँ फसल कटाई थ्रेसिंग का काम शुरू हो गया है या होने वाला है। इसके बाद की अगली प्रक्रिया गेहूँ भंडारण की होती है। 

  • गेहूँ का भंडारण करते समय निम्न बातों का ध्यान रखकर अनाज को लम्बे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं। 

  • सुरक्षित भंडारण हेतु दानों में 10-12% से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए। अधिक नमी से अनाज में कीट तथा फफूंद का प्रकोप होने की संभावना रहती है। इसलिये भंडारण से पहले गेहूँ को अच्छी तरह सुखा लें, सूखने के बाद यदि दाना दांतों से दबाने पर कट्ट की आवाज के साथ टूटे तो समझ लीजिए की वह पूरी तरह सूख गया है और संग्रहण के लायक है। 

  • दानों को धूप में सुखाने के बाद संग्रहण से पूर्व कुछ समय के लिये छाया में रखें जिससे दानों की गर्मी निकल जाये।

  • कीटों से अनाज को सुरक्षित रखने के लिए भंडारण करने के पहले गोदामों की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें, एवं नीम की पत्तियां जलाकर, भण्डार गृह में धुआं करें।

  • भंडारित करते समय रसायन ग्रेन गोल्ड 1 एम्पुल प्रति क्विंटल अनाज की दर से उपयोग करें या भंडारण के बाद एल्यूमिनियम फास्फाइड 3 ग्राम की दो गोली प्रति टन अनाज की दर से रखकर भंडारगृह बंद कर देना चाहिए।

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मक्का की फसल में कटवर्म या कटुआ कीट का नियंत्रण

Control of cutworm in maize
  • यह सूंडी काले रंग की होती है जो पूरी तरह से विकसित होने पर अर्थात 1 से 2 इंच लम्बी होने पर दिन के समय मिट्टी में छुपी रहती है और रात में नए पौधे को मिट्टी के पास वाले भाग से काट देती है l

  • कटुआ कीट की इल्लियां पत्तियों पर ही रहती है और पत्तियों को बीच में से खाकर, उन पर जालीनुमा संरचना बना देते है। 

  • इसके क्षति के लक्षणों में पत्तियां कटी हुई और पौधे मुरझाए हुए दिखाई देते है।

  • इसके नियंत्रण के लिए क्लोरपायरीफास 20 ईसी @ 1 लीटर 20 किलो बालू में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से खेत में डालें या लीथल 10 जी (क्लोरपायरीफॉस 10% दानेदार) @ 4 किलो प्रति एकड़ बुवाई के समय उपयोग करें।

  • कटे पौधे के पास की मिट्टी खोदकर सुंडी को बाहर निकालकर नष्ट करें। 

  • खड़ी फसल में प्रोफेनोवा (प्रोफेनोफोस 40% + साइपरमेथ्रिन 04% ईसी) @ 400 मिली या इमानोवा (इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एससी) 100 ग्राम या बैराज़ाइड (नोवालुरॉन 5.25% + इमामेक्टिन बेंजोएट 0.9% एससी) @ 600 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें। 

  • जैविक नियंत्रण के लिए बवे कर्ब (बवेरिया बेसियाना) @ 250 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें। 

फसल की बुआई के साथ ही अपने खेत को ग्रामोफ़ोन एप के मेरे खेत विकल्प से जोड़ें और पूरे फसल चक्र में पाते रहें स्मार्ट कृषि से जुड़ी सटीक सलाह व समाधान। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों संग साझा करें।

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देश के कुछ क्षेत्रों में आज भी बारिश की संभावना, देखें मौसम पूर्वानुमान

Weather Update

पिछले चौबीस घंटों के दौरान पहाड़ों पर भारी हिमपात हुआ है तथा उत्तर भारत में बारिश के साथ मेघ गर्जना तथा ओलावृष्टि देखने को मिली है। अब उत्तर भारत का मौसम साफ होने लगेगा हालांकि पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में आज भी वर्षा संभव है। पूर्वी भारत का मौसम शुष्क रहेगा उत्तर पूर्वी राज्यों सहित दक्षिण तमिलनाडु और केरल में हल्की वर्षा हो सकती है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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किसान ऐसे पा सकते हैं सिंचाई यंत्रों पर 65% की सब्सिडी

Farmers of MP can get a 65% subsidy on irrigation equipment like this

आज के जमाने में कृषि प्रक्रियाओं में आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है। सिंचाई प्रक्रिया में भी कई आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया जाने लगा है। किसानों को अपनी फसल के लिए बेहतर सिंचाई मिले इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना चलाई जा रही है। इस योजना के माध्यम से कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से मिनी, माइक्रो, पोर्टेबल स्प्रिंकलर और ड्रिप जैसे आधुनिक सिंचाई यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है। मध्यप्रदेश के किसानों से इसके लिए आवेदन आमंत्रित किये गए हैं।

अनुसुचित जाति व जनजाति के किसानों को इसके तहत 65% तक की सब्सिडी दी जाती है। वहीं सामान्य वर्ग के किसानों को इसके तहत 60% तक की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा सभी वर्गों के सम्पन्न किसानों भी इसके तहत 55% की सब्सिडी दी जाती है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसान उधानिकी विभाग मध्यप्रदेश फार्मर्स सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम https://bit.ly/3iKOJ5g पर जाएँ और आवेदन करें।

स्रोत: कृषि जागरण

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मात्र 4 हजार में बनाएं 40 फ़ीट लम्बा पशु शेड, दो दिन बनकर होगा तैयार

Build 40 feet long animal shed in just Rs 4000

बरसात के मौसम में पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए पशु शेड की जरूरत होती है। आज के इस वीडियो के माध्यम से आप जानेंगे देशी जुगाड़ से महज 4000 रूपये में तैयार हो जाने वाले 40 फ़ीट लम्बे पशु शेड को कैसे तैयार किया जाता है। विस्तृत जानकारी के लिए देखें पूरा वीडियो।

वीडियो स्रोत: यूट्यूब

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केकड़ा पालन किसानों को कर सकता है मालामाल, जानें पूरी प्रक्रिया

Crab farming can be beneficial for farmers

कीचड़ में पाए जाने वाले केकड़े की मांग विदेशों में बहुत ज्यादा बढ़ गई है। भारतीय किसान भी केकड़ा पालन से अच्छी कमाई कर सकते हैं। केकड़ों की बड़ी प्रजातियां “हरे मड क्रैब” और छोटी प्रजातियां “रेड क्लॉ” के नाम से जानी जाती है। इन दोनों ही प्रजातियों की मांग घरेलू व विदेशी बाजार में बहुत अधिक है।

Crab Types

केकड़ा पालन दो विधि से कर सकते हैं। एक है ग्रो-आउट (उगाई) विधि और दूसरी है फैटनिंग विधि। ग्रो-आउट विधि के अंतर्गत छोटे केकड़ों को तालाब में 5-6 महीने तक छोड़ दिया जाता है जिससे वेअपेक्षित आकार बढ़ा सकें। वहीं फैटनिंग विधि में छोटे केकड़ों का पालन किया जाता है। इसमें 200 ग्राम के केकड़े का 1 महीने में 25-50 ग्राम वजन बढ़ता है। वज़न बढ़ने की ये प्रक्रिया 9-10 महीने तक जारी रहती है।

अच्छे से पालन करने के बाद केकड़ों का वज़न 1 से 2 किलो तक पहुँच जाता है। इसकी मांग विदेशी व देशी दोनों ही बाजारों में है तो इससे अच्छा मुनाफ़ा मिलने की संभावना अधिक होती है।

स्रोत: विकासपेडिया

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