ई-श्रम कार्ड पर सरकार दे रही बंपर लाभ, जानें योजना के फायदे

देश के लोगों को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ‘ई-श्रम कार्ड’ योजना चलाई जा रही है। यह योजना विशेष तौर पर असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों के लिए है। जिसके तहत ई-श्रम कार्ड के जरिए लोगों की आर्थिक मदद की जाती है। 

यह कार्ड 12 अंकों का होता है, जो मजदूर के नाम से जारी किया जाता है। इस कार्ड की मदद से लाभार्थी सभी प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकता है। इसके लिए असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 16 से 59 साल के बीच है, वह अपना ई-श्रम कार्ड बनवा सकता है।

ई-श्रम कार्ड से मिलने वाले फायदे

  • हर महीने बैंक खाते में आएगी एक हजार रूपए की सहायता राशि।

  • भविष्य में इन लाभार्थियों को पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

  • लाभार्थी की संतान को पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।

  • घर बनवाने के लिए कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराया जाएगा।

  • कार्य के दौरान दुर्घटना में विकलांग होने की स्थिति में मजदूर को एक लाख रूपए की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं मृत्यू होने पर पीड़ित परिवार को 2 लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।

ई-श्रम कार्ड के आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज 

  • आधार कार्ड

  • बैंक खाता जो कि आधार कार्ड से लिंक हो

  • मोबाइल नंबर

  • राशन कार्ड

जल्द कराएं रजिस्ट्रेशन

इस योजना का लाभ उठाने के लिए श्रम पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट eshram.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 14434 पर भी कॉल करके पंजीकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

स्रोत: कृषि जागरण

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कपास की फसल से अधिक उत्पादन लेने के लिए करें जरुरी छिड़काव

कपास की फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए, यह छिड़काव करना बहुत ही आवश्यक होता है। कपास की फसल जब 100 से 120 दिन की हो, 00:00:50, @ 800 ग्राम + ट्राई डिसॉल्व मैक्स 200 ग्राम + बोरान @ 150 ग्राम प्रति एकड़ 150 से 200 लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें। 

जानें इन उन्नत उत्पादों की विशेषताएं-

00:00:50:- इसमें उच्च पोटेशियम तत्व पाया जाता है, जो पानी में आसानी से घुलनशील है, जो कि ड्रिप सिंचाई एवं पर्णीय छिड़काव के लिए सबसे अच्छा है। पौटेशियम की सही उपस्थिति पौधो की रोगरोधी क्षमता एवं उत्पादकता के लिए जरुरी है। यह मजबूत कपास का वजन एवं गुणवत्ता को बढ़ाता है। जिससे उच्च गुणवत्ता वाला कपास प्राप्त होता है। 

ट्राई डिसॉल्व मैक्स:- यह एक जैव उत्तेजक है। इसमें जैविक कार्बन, पोटेशियम, कैल्शियम, अन्य प्राकृतिक स्थिरक आदि तत्व पाए जाते हैं। यह कपास की गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ स्वस्थ फसल वृद्धि में मदद करता है। साथ ही यह विभिन्न पोषक तत्वों की मात्रा को भी बढ़ाता है।

बोरॉन:- कपास की फसल के विकास के सभी चरणों में बोरॉन की आवश्यकता होती है। लेकिन विशेष रूप से डेंडु विकास के दौरान बोरान की उपस्थिति जरूरी होती है। बोरोन से फूलों में परागण की क्रिया, परागनली का निर्माण,और कपास बनने में सहायता करता है और रेशे की गुणवत्ता को बढ़ाता है। 

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एमपी, यूपी, बिहार में भारी बारिश के आसार, देखें मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

बंगाल की खाड़ी में बनने वाला निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम दिशा में आगे नहीं बढ़ पाएगा। यह पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ बढ़ेगा और इन राज्यों में भारी बारिश देगा। पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में भी तेज बारिश के आसार हैं। गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब शुष्क रहेंगे।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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मध्यप्रदेश की चुनिंदा मंडियों में क्या चल रहे प्याज़ के ताजा भाव?

onion Mandi Bhaw

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे ब्यावरा, देवास, खरगोन, रतलाम और मंदसौर में क्या चल रहे हैं प्याज़ के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

विभिन्न मंडियों में प्याज़ के ताजा मंडी भाव

जिला

कृषि उपज मंडी

न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

राजगढ़

ब्यावरा

300

1000

देवास

देवास

100

800

खरगोन

खरगोन

500

1000

खरगोन

खरगोन

500

1000

मंदसौर

मंदसौर

181

1005

रतलाम

रतलाम

345

1165

हरदा

टिमर्नी

1000

1000

स्रोत: एगमार्कनेट

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बारिश से हुए नुकसान का किसानों को मिलेगा जल्द मुआवजा

इस साल मानसून सीजन में असमान्य बारिश की वजह से काफी फसल बर्बाद हुई है। कई राज्यों में काफी ज्यादा बारिश हुई तो कई राज्यों को कम बारिश के कारण सूखे का सामना करना पड़ा है। इसकी वजह से किसानों को बहुत नुकसान पहुंचा है। ऐसे में राज्य सरकारें अपने अपने स्तर पर इस नुकसान की भरपाई के प्रयास कर रही हैं।

इस कड़ी में राजस्थान सरकार द्वारा किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। बता दें कि राजस्थान के कई ज़िलों में भारी बारिश के चलते फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जल्द ही पंजीकृत किसानों के लिए राहत राशि जारी की जाएगी।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार इस योजना की मदद से पिछले तीन सालों में अब तक 16 हजार करोड़ के बीमा क्लेम वितरित किये जा चुके हैं। वहीं इस साल मानसून के दौरान अधिक बारिश से हुए जल भराव के कारण जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं, उन्हें सर्वे उपरान्त उचित मुआवजा दिलवाया जाएगा। 

स्रोत: किसान समाधान

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मटर की बंपर उपज देने वाली उन्नत किस्में एवं उनकी विशेषताएं

मटर रबी मौसम की प्रमुख दलहनी फसल है। मटर बोने का सबसे उत्तम समय सितम्बर मध्य से अक्टूबर का महीना होता है। मटर के दानों का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है, जिनमें इसके हरे कच्चे दानों का इस्तेमाल सब्जी और खाने में किया जाता है। इसके अलावा इन दानों को सुखाकर उनसे कई तरह की खाद्य सामग्री बनाई जाती है।

किस्म का नाम – गोल्डन जीएस – 10

ब्रांड का नाम – यूपीएल

फली का प्रकार: पेंसिल आकार की फलियां

फसल अवधि  –  70-75 दिन 

बीजों की संख्या (फली में) – 8-10 बीज

तुड़ाई की संख्या – 2-3 बार 

औसत उपज – 9-10 टन प्रति हेक्टेयर

सहिष्णुता: पाउडरी मिल्ड्यू 

विशेष विशेषताएं: फली के अंदर के बीज एक समान और स्वाद में मीठे होते हैं।

किस्म का नाम – सुपर अर्केल

ब्रांड का नाम – मालव 

अवधि  – 65-70 दिन

बीजों की संख्या (फली में)  – 8-10 बीज

औसत उपज – हरी फली की उपज 4-5 टन/हेक्टेयर

बीज: झुर्रीदार और मीठा

किस्म का नाम – अर्केल

ब्रांड का नाम – मालव 

अवधि  – 60-70 दिन

बीजों की संख्या (फली में)  – 6-8 बीज

औसत उपज – हरी फली की उपज 4-5 टन/हेक्टेयर

बीज: झुर्रीदार और मीठा

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देश की विभिन्न मंडियों में क्या चल रहे हैं फसलों एवं फलों के भाव?

Todays Mandi Rates

देश के विभिन्न शहरों में फलों और फसलों की कीमतें क्या हैं?

मंडी

फसल

न्यूनतम मूल्य (किलोग्राम में)

अधिकतम मूल्य (किलोग्राम में)

आगरा

प्याज़

6

7

आगरा

प्याज़

8

9

आगरा

प्याज़

10

11

आगरा

प्याज़

13

आगरा

हरी मिर्च

21

22

बंगलोर

लहसुन

25

बंगलोर

लहसुन

30

बंगलोर

आलू

18

20

शाजापुर

प्याज़

1

3

शाजापुर

प्याज़

3

5

शाजापुर

प्याज़

5

8

शाजापुर

लहसुन

2

4

शाजापुर

लहसुन

4

6

शाजापुर

लहसुन

6

9

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एक नए लो प्रेशर के कारण फिर कई राज्यों में होगी बारिश

know the weather forecast,

अब उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। बिहार, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहेगी। 2 दिन बाद एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी में बनेगा जिसके प्रभाव से पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तरी तेलंगाना विदर्भ तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में फिर बारिश होगी। राजस्थान में बारिश की संभावना बहुत ही कम है पंजाब दिल्ली और हरियाणा भी शुष्क रहेंगे गुजरात के दक्षिणी जिलों में बारिश हो सकती है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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सुकन्या समृद्धि योजना से परिवार की तीनों बेटियों को मिलेगा लाभ

देश की बेटियों को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। जिनमें से ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ बेहद महत्वपूर्ण है। निवेश करने के लिए यह एक बेहतर योजना है। इस योजना के तहत बेटी के नाम पर एक अकाउंट खोला जाता है। जिसमें हर साल कुछ राशि निवेश करनी होती है। अकाउंट में जमा की गई राशि पर सरकार द्वारा काफी अच्छा ब्याज दिया जाता है। इस समय सरकार योजना पर 7.6% का ब्याज दे रही है।

हालांकि पहले एक परिवार की दो बेटियां ही इस योजना का लाभ उठा सकती थीं, लेकिन एक विशेष परिस्थिति के तहत इस नियम को बदल दिया गया है। अगर परिवार में दो जुड़वा बेटियां हैं तो, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत तीनों बेटियों का खाता खोला जा सकता है। जिसके चलते तीनों बेटियों के अकाउंट में राशि जमा करने पर टैक्स में छूट दी जाएगी।

इस योजना में खाता खुलावाने की शुरुआत 250 रुपए से की जा सकती है। जिसमें हर वित्त वर्ष में न्यूनतम राशि 250 रुपये जमा करना जरूरी है। पैसे जमा न होने पर 50 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। बता दें कि यह स्कीम लड़की के 21 साल के होने पर पूरी होती है, हालांकि निवेश सिर्फ 15 साल तक ही करना होता है। इसलिए ध्यान रहे कि अकाउंट खुलावाते समय बेटी की आयु 10 वर्ष से कम हो।

स्रोत: कृषि जागरण

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मसालों की खेती पर पाएं 40% की सब्सिडी, जल्द करें आवदेन

subsidy on spices cultivation subsidy on spices cultivation

किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए सरकार सभी प्रकार की फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है। जिनमें फल, फूल, औषधीय एवं विभिन्न प्रकार के मसालों की खेती शामिल है। इनकी खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप अनुदान भी दिया जाता है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार मसाला फसलों की खेती के लिए अनुदान उपलब्ध करा रही है, जिसके लिए सरकार द्वारा चयनित जिलों के किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

‘मसाला क्षेत्र विस्तार योजना’ के तहत 11 प्रकार की मसाला फसलों की खेती के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस सूची में धनिया, जीरा, सौंफ, मेथी, अजवाईन, सोआ, कलौंजी, अजमोद, विलायती सौंफ एवं स्याह जीरा शामिल है। किसान अपनी इच्छानुसार दी गई फसलों का चयन कर योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि विभाग द्वारा एक हेक्टेयर क्षेत्र में खेती की लागत 30 हजार रूपए तय की गई है। इसके अनुसार प्रति हेक्टेयर की दर से 40% यानी 12 हजार रूपए का अनुदान दिया जाएगा। वहीं योजना के तहत एक किसान को अधिकतम 4 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान देने का प्रावधान है। 

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 सितम्बर 2022 के दिन सुबह 11 बजे से शुरू हो गई है। योजना का लाभ उठाने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://mpfsts.mp.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों को आवेदन करते समय अपने पास एक पासपोर्ट साइज फोटो, आधार, खसरा नम्बर/B1/ पट्टे की प्रति, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र आदि आवश्यक दस्तावेज का होना जरूरी है। 

स्रोत: किसान समाधान

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