- अगर आपके खेत में भी गाजर घास नाम की घातक खरपतवार उगी हुई है तो इसके कारण आपकी फसल प्रभावित हो सकती है। अतः वहां पर इन खरपतवारों को उगने न दें और इनमे फूल आने से पहले ही इन्हे जड़ से उखाड़कर गड्ढे में दबा दें।
- जिन जगहों पर यह घास बहुत अधिक मात्रा में लगी हुई हो वहां पर इसमें फूल आने से पहले ही इसको उखड़कर खेत से बाहर कर देना चाहिए।
- उखाड़े गये पौधों को 6 से 3 फुट के गड्ढों में गोबर के साथ मिलाकर दबा देना चाहिए। ऐसा करने से अच्छी किस्म की खाद तैयार होती है।
- इस घास के रासायनिक नियंत्रण के लिए 2,4डी @ 40 मिली/पंप का उपयोग करें। जब गाजर घास के पौधे 3-4 पत्तों कि अवस्था में हो तभी छिड़काव कर देना चाहिए।
ब्याज सहित कर्ज माफ करेगी मध्य प्रदेश सरकार, इन किसानों को होगा लाभ
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशख़बरी आ रही है। मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से यह फैसला किया गया है की किसानों का कर्ज ब्याज सहित माफ कर दिया जाएगा। इस कार्य के लिए मध्यप्रदेश साहूकारी संशोधन विधेयक और अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक को सरकार ने मंजूरी दे दी है।
इस विधेयक को आसान भाषा में हम ऋण मुक्ति विधेयक भी कह सकते हैं। इसके अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी लोगों के 15 अगस्त 2020 की तारीख तक के सभी कर्ज माफ हो जाएंगे।
इसके साथ ही अन्य वर्गों के लोगों के लिए भी सरकार मध्यप्रदेश साहूकार (संशोधन विधेयक 2020) ला रही है। इससे सूदखोर साहूकारों के जाल में फंसे लोगों को मुक्ति दिलाई जायेगी।
स्रोत: टीवी9 भारतवर्ष
Shareफोटो प्रतियोगिता के आठवें दिन इन किसानों ने बनाई टॉप टेन में जगह
ग्रामोफ़ोन कृषि मित्र एप पर 22 जनवरी से ‘मेरा गांव मेरा अभिमान’ फोटो प्रतियोगिता चल रहा है जिसमे हजारों किसान भाग ले रहे हैं और अपने गांव की तस्वीरें पोस्ट कर अपने दोस्तों से उसपर लाइक बढ़ा रहे हैं।
29 जनवरी को शीर्ष पर रहे दस किसान
दीपेश सोलंकी
एस के अलेरिया वर्मा
नरेंद्र सिसोदिया
सुमित राजपूत
प्रेम पाटीदार
धर्मेन्द्र विश्वकर्मा
भूपेन्द्र सिंह
धरम कन्नोज
नागेश पाटीदार
शिवशंकर यादव
ग़ौरतलब है की इस दस दिनी प्रतियोगिता में अभी 2 दिन और शेष हैं। इसीलिए इसमें अन्य किसान भी बढ़-चढ़ कर भाग ले सकते हैं और आकर्षक पुरस्कार जीत सकते हैं।
इस प्रतियोगिता में विजेताओं का चुनाव पोस्ट की गई गांव की तस्वीरों पर आये लाइक्स की संख्या के आधार पर किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में हर दो दिन पर अपनी तस्वीरों पर सबसे अधिक लाइक प्राप्त करने वाला एक प्रतियोगी को पुरस्कार मिलेगा और इसके साथ ही दस दिनी प्रतियोगिता के अंत में टॉप किसानों को मिलेंगे बम्पर पुरस्कार।
*नियम व शर्तें लागू
Shareमध्य प्रदेश के इन क्षेत्रों में आगामी 24 घंटे में हो सकती है बारिश
मध्य प्रदेश के पूर्वी भागों तथा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में आने वाले 24 घंटे में बारिश की संभावना बनी हुई है।
वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर
Shareऐसे करें लहसुन की फसल में लगे सफेद कीड़े की रोकथाम
- लहुसन की फसल की जड़ों में एक सफ़ेद रंग के कीड़े का प्रकोप देखने को मिलता है।
- इस कीड़े के कारण लहसनु का कंद पूरी तरह सड़ जाता है।
- यह कीड़ा लहसुन के कंद के अंदर जाकर पूरी तरह से कंद को खाकर नुकसान पहुँचाता है।
- इस कीड़े के नियंत्रण के लिए कारबोफुरान 3% GR@ 7.5 किलो/एकड़ या कारटॉप हाइड्रोक्लोराइड 50% SP@ 7.5 किलो/एकड़ मिट्टी उपचार के रूप में उपयोग करें।
- क्लोरपायरीफोस 50% EC @ 400 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें।
- जैविक उपचार के रूप में बवेरिया बेसियाना @ 500 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें।
28 और 29 जनवरी को मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों में हो सकती है बारिश
आने वाले दिनों में ख़ास कर के मध्य भारत के कुछ राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर
Shareइस विधि से तैयार करें अच्छी कम्पोस्ट खाद
- अच्छी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए खेत से निकले कचरे को एक जगह इक्कठा कर लेना चाहिये।
- इसके बाद 15 से 20 फुट लम्बा, 5-6 फुट चौड़ा, 3-3 ½ फुट गहरा गड्ढा बना लेना चाहिए।
- सारे कचरे को आपस में अच्छे से मिलाकर गड्ढे में एक परत बिछा दें और उसके ऊपर गीला गोबर फैला दें।
- यही क्रम तब तक दोहराते रहें जबतक की कचरे का स्तर भूमि की सतह से 2-2½ फुट ऊँचा ना हों जाए।
- यदि गर्मी के मौसम में कम्पोस्ट तैयार कर रहे हैं तो 15-20 दिन के अन्तर पर 1-2 बार गड्ढे में पानी चला देना चाहिए ताकि कचरे को गलाने के लिए पर्याप्त नमी बनी रहे।
- वर्षा एवं सर्दी के मौसम में ज्यादा पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती है।
- इस पूरी प्रक्रिया के बाद जो खाद बनकर तैयार होती है उसमें 0.5 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.15 प्रतिशत फास्फोरस तथा 0.5 प्रतिशत पोटाश की मात्रा होती है।
पोटैशियम से करें फसल का पोषण प्रबंधन, मिलेंगे कई लाभ
- पोटैशियम फसल की पत्तियों में शर्करा और स्टार्च के निर्माण में सहायता करता है एवं पत्तियों के कार को भी बढ़ाता है।
- पोटैशियम कोशिकाओं में प्रोटीन संश्लेषण को बढ़ाता है एवं जल संचरण में सहायता करता है।
- इसके अतिरिक्त पौधों की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करने वाले एन्जाइमों को सुचारु रूप से चलाने में भी यह सहायक होता है।
- पोटैशियम फसल में रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करता है एवं पौधे में लौह तत्व की मात्रा को संतुलित बनाये रखता है।
- इससे पौधे के तने को मज़बूती मिलती है।
फोटो प्रतियोगिता के छठे दिन इन किसानों ने बनाई टॉप टेन में जगह
ग्रामोफ़ोन कृषि मित्र एप पर 22 जनवरी से ‘मेरा गांव मेरा अभिमान’ फोटो प्रतियोगिता चल रहा है जिसमे हजारों किसान भाग ले रहे हैं और अपने गांव की तस्वीरें पोस्ट कर अपने दोस्तों से उसपर लाइक बढ़ा रहे हैं।
27 जनवरी को शीर्ष पर रहे दस किसान
नरेंद्र सिसोदिया
दीपेश सोलंकी
मोतीलाल पाटीदार
भूरू पटेल
कुलदीप चौहान
धर्मेंद्र विश्वकर्मा
कमल कृष्ण माली
प्रेम पाटीदार
सतीश मेवाड़ा
सुमित राजपूत
ग़ौरतलब है की इस दस दिनी प्रतियोगिता में अभी चार दिन और शेष हैं। इसीलिए इसमें अन्य किसान भी बढ़-चढ़ कर भाग ले सकते हैं और आकर्षक पुरस्कार जीत सकते हैं।
इस प्रतियोगिता में विजेताओं का चुनाव पोस्ट की गई गांव की तस्वीरों पर आये लाइक्स की संख्या के आधार पर किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में हर दो दिन पर अपनी तस्वीरों पर सबसे अधिक लाइक प्राप्त करने वाला एक प्रतियोगी को पुरस्कार मिलेगा और इसके साथ ही दस दिनी प्रतियोगिता के अंत में टॉप किसानों को मिलेंगे बम्पर पुरस्कार।
*नियम व शर्तें लागू
Shareमध्य प्रदेश सरकार अब गोबर व पराली से बनाएगी सीएनजी और जैव उर्वरक
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार अब गोबर और पराली के उपयोग से सीएनजी और जैव उर्वरकों का उत्पादन करने की तैयारी में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को आनंद, गुजरात के भारत बायोगैस एनर्जी लिमिटेड के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि गोबर एवं पराली दोनों ही अत्यंत उपयोगी हैं और इनके उपयोग से मध्यप्रदेश में बायो सीएनजी और ऑर्गेनिक सॉलिड एवं लिक्विड फर्टिलाइजर्स के उत्पादन के लिए योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा की “पहले चरण में इसके लिए सालरिया गौ-अभयारण्य एवं कामधेनु रायसेन को चुना गया है। यहां भारत बायोगैस एनर्जी लिमिटेड के माध्यम से प्रोजेक्ट बनाए जाकर उस पर कार्य किया जाएगा।”
स्रोत: वन इंडिया डॉट कॉम
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