वीडियो के माध्यम से जानें आज यानी 15 फरवरी के दिन इंदौर के मंडी में क्या रहे प्याज के मंडी भाव?
वीडियो स्रोत: यूट्यूब
अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी लहसुन-प्याज जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें।
ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार विकल्प पर हजारों किसानों को अपनी फसल के खरीदार मिल रहे हैं और अच्छा भाव भी मिल रहा है। आप भी अपनी फसल के लिए घर बैठे भरोसेमंद खरीदार ढूंढ सकते हैं। इस कार्य में आपको मदद करता है ग्राम व्यापार का फिल्टर ऑप्शन। आज के लेख में आप जानेंगे की कैसे फिल्टर ऑप्शन का इस्तेमाल कर आप अपनी इच्छित फसल और स्थान के खरीदार ढूंढ सकते हैं।
ग्रामोफ़ोन ऐप के ग्राम व्यापार विकल्प पर जाने के बाद आपको फ़िल्टर ऑप्शन पर क्लिक करना है।
इससे फ़िल्टर ऑप्शन खुल जाएगा।
अब आपको अपनी इच्छित फसल का नाम चुनना है, इसके लिए चयन करें बटन पर क्लिक करें। इससे आपके सामने फसल सूची आ जायेगी, इस सूची में से आप अपनी इच्छित फसल का नाम चुन लें।
इसके बाद स्थान का चयन करें, जहाँ के खरीदारों को आप फसल बेचना चाहते हैं। इसके लिए ‘एक साथ कई’ पर क्लिक करें और फिर पहले राज्य चुनें, फिर जिला चुनें और फिर क्षेत्र का चुनाव करें।
आखिर में ‘कर दिया’ बटन दबा दें।
अब ‘लागू करें’ बटन पर क्लिक कर अपनी फ़िल्टर की गई सूची देखें।
इस सूची में नजर आ रही बिक्री सूचियों पर क्लिक कर के आप खरीदारों से स्वयं संपर्क स्थापित कर सकते हैं और मोल भाव कर सकते हैं।
महाराष्ट्र के मिराज शहर से 25 किमी दूरी पर स्थित गांव बेलंकी में सिर्फ दो एकड़ जमीन से 15 टन आम का उत्पादन करते हैं परमानंद गवणे। उन्होंने प्रत्येक एकड़ में केसर आम किस्म के 900 पौधे लगाए हैं।
62 वर्षीय गवने ने अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटिंग (यूएचडीपी) प्रणाली को अपनाया है। यूएचडीपी खेती के पारंपरिक तरीकों की तुलना में 200% अधिक उत्पादन देता है। इसके अलावा, यह प्रणाली फलों के स्वाद और ताजगी को बनाए रखते हुए एक समान आकार और रंग सुनिश्चित करता है।
पिछले साल, गवने के खेत से 250 ग्राम से 400 ग्राम वजन के फल दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और रायपुर के खरीदारों द्वारा खरीदे गए थे। गवने शुरुआत में अपनी सीख साझा करने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन बाद में गवणे इसके लिए राजी हो गए।
वे हर महीने अपने खेत में करीब 50 किसानों का स्वागत करते हैं। पिछले साल महामारी के बावजूद उनके पास बहुत सारे लोग आये थे। मई और जून के महीनों में, जब पेड़ फलों से भरे होते हैं, तब आगंतुकों की संख्या चरम पर होती है।
स्रोत: द बेटर इंडिया
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प्याज की रोपाई के बाद विभिन्न विभिन्न चरणों में फसल की विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है l आज हम प्याज की रोपाई के 45 दिनों बाद फसल के अच्छे विकास और पौध संरक्षण के बारे में बात करेंगे l
प्राय इस समय फसल पर रस चूसक कीटों में थ्रिप्स एवं कवक जनित रोगो में सड़न एवं बैंगनी धब्बा रोग का प्रकोप अधिक होने की सम्भावना रहती है l
इनके प्रकोप से फसल को संरक्षित रखने के लिए निम्न सुझाव अपना सकते है-
जिब्रेलिक अम्ल [नोवामेक्स] 300 मिली + फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% WG [पोलिस] 40 ग्राम + टेबुकोनाज़ोल10% + सल्फर 65% WG [स्वाधीन] 500 ग्राम प्रति एकड़ की दर से पानी में मिलाकर छिड़काव करें l
रोगों के जैविक नियंत्रण के लिए स्यूडोमोनास [मोनास कर्ब] 250 ग्राम/एकड़ एवं कीटों के जैविक नियंत्रण के लिए बवेरिया बेसियाना [बवे कर्ब ] 250 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते है l
अपने खेत को ग्रामोफ़ोन एप के मेरे खेत विकल्प से जोड़ें और पूरे फसल चक्र में पाते रहें स्मार्ट कृषि से जुड़ी सटीक सलाह व समाधान। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों संग साझा करें।
मार्च के महीने से प्री मानसून गतिविधियां शुरू हो जाती हैं तथा उत्तर पश्चिम भारत में धूल भरी आंधी शुरू होती है। फिलहाल उत्तर पश्चिम मध्य तथा पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान बनेंगे। दिन भी हल्का गर्म बना रहेगा। तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कहीं-कहीं बारिश का अनुमान है।
स्रोत: स्काइमेट वेदर
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वीडियो के माध्यम से जानें आज यानी 14 फरवरी के दिन इंदौर के मंडी में क्या रहे प्याज के मंडी भाव?
वीडियो स्रोत: यूट्यूब
अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी लहसुन-प्याज जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें।
नमस्कार किसान भाइयों, ग्रामोफ़ोन रेफरल प्रोग्राम के माध्यम से अपने किसान मित्रों को ग्रामोफ़ोन ऐप से जोड़ कर बहुत सारे किसान भाई खूब सारे ग्रामकैश की कमाई कर रहे हैं और फिर इन्हीं ग्रामकैश के साथ आकर्षक छूट के साथ कृषि उत्पादों की खरीदी भी कर रहे हैं। आप सभी किसान भाइयों के इसी जोश को देखते हुए ग्रामोफ़ोन शुरू कर रहा है ‘ग्रामकैश रेफरल रेस’ जिसमे भाग लेकर आप ग्रामकैश की कमाई के साथ साथ कई आकर्षक इनाम भी हर हफ्ते जीत सकते हैं।
‘ग्रामकैश रेफरल रेस’ प्रतियोगिता की शुरुआत 14 फरवरी से हो गई है और यह 28 फरवरी तक चलाई जाएगी। इस प्रतियोगिता में हर हफ्ते ज्यादा से ज्यादा किसान मित्रों को रेफरल प्रक्रिया के माध्यम से ग्रामोफ़ोन ऐप से जोड़ने और सबसे ज्यादा ग्रामकैश जीतने वाले टॉप 5 प्रतिभागी किसान हर हफ्ते बनेंगे विजेता।
गौरतलब है की इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आपको अपने मित्र को अपने ग्रामोफ़ोन ऐप से साझा किये गए रेफरल कोड के माध्यम से ही ऐप डाउनलोड करवाना होगा और फिर उनसे पहली खरीदी करवानी होगी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद आपको कुल 150 ग्रामकैश मिलेंगे और आपके माध्यम से जुड़ने वाले किसान मित्र को मिलेंगे 100 ग्रामकैश।
तो देर किस बात की ‘ग्रामकैश रेफरल रेस’ में सबसे आगे रहने के लिए रेफरल प्रक्रिया किसान मित्रों को जोड़ते जाएँ और ज्यादा से ज्यादा ग्रामकैश अर्जित कर ग्रामोफ़ोन ऐप के ‘ग्राम बाजार’ से भारी छूट पर कृषि उत्पादों की खरीदी संग उपहारों की सौगात भी जीतते जाएँ।
महिंद्रा 215 युवराज NXT ट्रैक्टर आपकी कई प्रकार के कृषि कार्यों में मदद करता है और काफी कम दाम में आप इसे खरीद सकते हैं। इस वीडियो में देखें इस ट्रैक्टर से जुड़ी पूरी जानकारी।
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स्मार्ट कृषि और स्मार्ट कृषि उत्पादों व कृषि मशीनरी से संबंधित नई नई जानकारियों के लिए पढ़ते रहें ग्रामोफ़ोन के लेख। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों के साथ भी साझा करें।
ग्रामोफ़ोन एप की मदद से स्मार्ट खेती करने वाले किसान अब ग्राम व्यापार के माध्यम से घर बैठे मनपसंद खरीददार को सही रेट पर अपनी उपज बेच रहे हैं। फसल बेचने के लिए किसानों को अपनी फसल की बिक्री सूची बनानी होती है। आइये जानते हैं आखिर यह बिक्री सूची बनाई कैसे जाती है?
ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार पर जाने के बाद आपको मुख्य स्क्रीन पर खरीददार और विक्रेता की सूची नजर आएगी।
व्यापार स्क्रीन के दाहिने-निचले हिस्से में बने + के चिन्ह पर क्लिक कर आप अपनी फसल की बिक्री सूची तैयार कर सकते हैं।
इसके लिए आपको बेची जाने वाली फसल का नाम, मात्रा, भाव, बेचने की तारीखें व गुणवत्ता सम्बन्धी जानकारी दर्ज करनी होगी और आखिर में इसे प्रकाशित करना होगा।
ऐसा करने से आपकी फसल की बिक्री सूची सफलतापूर्वक दर्ज हो जायेगी।
अधिक जानकारी के लिए देखें वीडियो:
तो कुछ इस तरह आप बड़ी ही आसानी से अपनी फसल का बिक्री सूची बना सकते हैं। इस सूची को देखकर खरीददार आपको स्वयं सम्पर्क करेंगे और आपसे सौदा तय करने के लिए बात करेंगे।