60% अनुदान पर शुरू करें मछली पालन, जानें क्या है योजना?

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

देश में मछली पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की शुरूआत की गई है। इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार लोगों को मत्स्य पालन के जरिए स्वरोजगार दिलाना है। इसके तहत मत्स्य पालन के लिए लोगों को सरकार द्वारा अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

इस स्कीम के अनुसार अनुसूचित जाति एवं महिला वर्ग के लिए 60% अनुदान देने का प्रावधान है। इसके अलावा सामान्य वर्ग को मत्स्य पालन के लिए 40% अनुदान दिया जा रहा है। यह स्कीम उन किसान भाईयों और लोगों के लिए भी है, जिनके पास पर्याप्त मात्रा में नहरी पानी उपलब्ध नहीं है। या फिर भूमिगत जल होने के बावजूद भी पानी खारा व लवणीय है। ऐसी स्थिति में सफेद झींगा मछली पालन का व्यवसाय किया जा सकता है। जिसकी मदद से प्रति एकड़ 5 से 6 लाख रुपये तक की बंपर कमाई होगी।

स्रोत: जागरण

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मध्य प्रदेश को मिले 384 करोड़ रुपये, पीएम आवास योजना में होगा उपयोग

MP gets Rs 384 crore will be used in PM Awas Yojana

मध्य प्रदेश को प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत 384 करोड़ रुपये की बड़ी रकम जारी की गई है। वीडियो के माध्यम से देखें पूरी खबर।

वीडियो स्रोत: ज़ी न्यूज़

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भविष्य में कैसा रहेगा प्याज का भाव, देखें विशेष रिपोर्ट

How will the onion price be in future

वर्ष 2022 के आने वाले महीनों में प्याज के भाव क्या रहने की संभावना है। वीडियो के माध्यम से देखें विशेषज्ञ रिपोर्ट?

वीडियो स्रोत: यूट्यूब

अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी लहसुन-प्याज जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें।

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आने वाले दिनों में किन फसलों के भाव में आएगी तेजी, जानें विषेशज्ञों का आकलन

The prices of which crops will increase in the coming week

वीडियो के माध्यम से जानें आने वाले दिनों में किस फसल के भाव में आ सकती है तेजी।

वीडियो स्रोत: मार्केट टाइम्स टीवी

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खेती प्लस सॉइल मैक्स के तहत मिट्टी परीक्षण के फायदे

Kheti plus soil max
  • किसान भाइयों, खेती प्लस सॉइल मैक्स के अंतर्गत अगर आप मिट्टी परीक्षण करवाएंगे तो इसके तहत ग्रामोफोन के कृषि अधिकारी स्वयं आपके खेत पर आएंगे एवं मिट्टी का नमूना लेने में किसान की मदद करेंगे l

  • मिट्टी के नमूने में उपलब्ध 12 तत्वों, जैसे खनिज, सूक्ष्म पोषक तत्व तथा रासायनिक संरचना की उपलब्ध मात्रा की संपूर्ण सूची दी जाएगी।

  • मिट्टी की जांच और लेबोरेटरी द्वारा दी गयी रिपोर्ट के अनुसार, 12 तत्वों के संतुलन या असंतुलन की स्थिति के अनुरूप, खाद डालने की संपूर्ण सूची दी जाएगी। 

  • स्वस्थ फसलें उगाने के लिए मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाने की आधुनिक विधि बताई जायेगी। 

  • रासायनिक उर्वरकों का आवश्यकता अनुसार उपयोग, कम छिड़काव में फसल सुरक्षा के सुझाव मिलेंगे। 

  • मिट्टी की संरचना को सुधारने की विधि बताई जायेगी।  

  • मिट्टी में हो रही खनिज और सूक्ष्म पोषक तत्व की अभाव की जानकारी और निवारण के सुझाव मिलेंगे। 

  • प्रदूषित या दूषित मिट्टी की पहचान और निवारण के सुझाव दिए जाएंगे।

  • बुआई से कटाई तक समय समय पर विशेषज्ञों द्वारा सही सलाह, समाधान के अनुसार साधन की घर पहुंच सेवा, पक्के GST बिल के साथ मिलेगी।  

  • मिट्टी परीक्षण से मिट्टी में उपस्थित तत्वों का सही सही पता लगाया जाता है। इसकी मदद से मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्व की मात्रा के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक देकर फसल के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है। इससे फसल की पैदावार भी अच्छी होती है।

  • मिट्टी परीक्षण से मिट्टी का पीएच मान, विद्युत चालकता (लवणों की सांद्रता), जैविक कार्बन, उपलब्ध नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, जिंक, बोरोन, सल्फर, आयरन, मैंगनीज़, कॉपर आदि का पता लगाया जाता है। 

मिट्टी परीक्षण कराने के लिए यहाँ क्लिक करें: खेती प्लस सॉइल मैक्स 

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करेले की फसल में पाउडरी मिल्ड्यू रोग की रोकथाम के उपाय

Management of powdery mildew disease in bitter gourd crop
  • किसान भाइयों करेले की फसल में होने वाला यह रोग करेले की पत्तियों, तने एवं कभी कभी फलों को भी प्रभावित करता है। 

  • इसके कारण करेले की पत्तियों की ऊपरी एवं निचली सतह पर पीले से सफेद रंग का चूर्ण दिखाई देता है l जिसके कारण पौधे की प्रकाश संश्लेषण की क्रिया बाधित होती है। इसके फलस्वरूप पत्तियां पीली हो जाती है और सूख कर झड़ जाती है।  

  • गर्म, शुष्क मौसम की स्थिति इस रोग को बढ़ावा मिलता है l 

  • इनके प्रबंधन के लिए कस्टोडिया (एजेस्ट्रोबिन 11%+ टेबूकोनाज़ोल 18.3% एससी) @ 300 मिली या कर्सर (फ्लुसिलाज़ोल 40% ईसी) @ 60 मिली या इंडेक्स (मायक्लोबुटानिल 10% डब्ल्यूपी) @ 100 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें।  

  • जैविक उपचार रूप में ट्रायकोडर्मा विरिडी 500 ग्राम + स्यूडोमोनास फ्लोरोसेंस @ 250 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें।

अपने खेत को ग्रामोफ़ोन एप के मेरे खेत विकल्प से जोड़ें और पूरे फसल चक्र में पाते रहें स्मार्ट कृषि से जुड़ी सटीक सलाह व समाधान। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों संग साझा करें।

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अप्रैल माह में भीषण गर्मी का अनुमान, बंगाल की खाड़ी में बनेगा डिप्रेशन

know the weather forecast

मार्च 2022 का महीना पिछले 121 सालों में भारत के लिए सबसे गर्म रहा। दिल्ली में भी मार्च महीने में अधिकतम तापमान का औसत चौथा सबसे गर्म रहा। अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। बंगाल की खाड़ी में 4 अप्रैल के बाद निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है जिसके डिप्रेशन में सशक्त होने के आसार हैं।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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भारी अनुदान पर मिल रहा है ये बीज, जल्द करें आवेदन

These seeds are available on the huge grants, apply soon

हरियाणा सरकार ने किसानों के लिए हरी खाद तैयार करने को लेकर एक बेहतरीन योजना शुरू की है। इसकी मदद से अब किसान भाई बड़ी ही कम लागत के साथ भारी मात्रा में ढेंचा के फसल की खेती कर पाएंगे। योजना के अनुसार खेती के लिए ढेंचा बीज के खरीद पर सरकार 80 प्रतिशत का अनुदान दे रही है। इसका मतलब बीज की खरीद का सिर्फ 20 प्रतिशत भाग ही किसान भाईयों को भुगतान करना होगा।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए पहले किसान भाईयों को आवेदन करना होगा। बता दें की आवेदन करने की अंतिम तिथि 4 अप्रैल 2022 तक ही है। यह आवेदन आप कृषि विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा पर भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस योजना से जुड़ी जानकारी आधिकारिक टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर भी कॉल करके प्राप्त कर सकते हैं, या फिर नजदीकी कृषि कल्याण कार्यालय से संपर्क करके इस योजना के बारे में पता कर सकते हैं।

इस योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य हरी खाद को बढ़ावा देना है, ताकि ज्यादा मात्रा में ढेंचा फसल की खेती की जा सके। बता दें कि ढेंचा फसल कम लागत में अच्छी हरी खाद उगाने का काम करती है। वहीं रासायनिक उर्वरक की जगह इसका प्रयोग करने से मिट्टी की उपज क्षमता में वृद्धि होती है। इसी वजह से हरियाणा सरकार किसान भाईयों को हरी खाद का प्रयोग करने पर जोर दे रही है।

स्रोत: जागरण

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डेयरी फार्म से सालभर कमाएं बंपर मुनाफा, जानें फार्म खोलने की प्रक्रिया

Earn bumper profits from the dairy farm throughout the year

अगर आप कोई व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो डेयरी फार्म शुरू करना इसके लिए सबसे आसान माध्यम है। इस व्यवसाय को पशुपालक भाई या कोई भी कम लागत लगाकर शुरू कर सकता है। इसके लिए आपके पास दूध देने वाले कुछ पशु होने चाहिए। इनके जरिए आप अपना व्यवसाय शुरू करके सालभर मुनाफा कमा सकते हैं। अगर आप भी अपना डेयरी फार्म खोलना चाहते हैं तो, यह लेख खास आपके लिए है।

डेयरी फार्म खोलने की प्रक्रिया

  • डेयरी फार्म का व्यवसाय शुरू करने के लिए सबसे पहले अपने क्षेत्र के पशुपालन विभाग से मंजूरी लेनी होगी।

  • पशुपालन विभाग से मंजूरी मिलने के बाद डेयरी फार्म के लिए एक जगह सुनिश्चित करनी होती है।

  • फार्म खोलने के लिए हमेशा ऐसी जगह का चुनाव करना चाहिए, जहां पशुओं को सुविधा और खुली हवा मिल सके।

  • जगह तय होने के बाद पशु का चयन करना होता है कि किस नस्ल के गाय या भैंस के दूध का व्यवसाय करना है।

  • पशुओं की नस्ल का चुनाव इसलिए जरूरी है, क्योंकि बाजार में सभी नस्लों के दुग्ध उत्पादों की कीमतें अलग-अलग होती है।

  • वहीं पशुओं की अच्छी नस्ल का पता होना जरूरी है, ताकि व्यवसाय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सके।

शुरुआत में कम पशुओं के साथ भी इस व्यवसाय को चालू किया जा सकता है। अगर किसी पशुपालक भाई के पास 20 पशु भी हैं तो वह डेयरी फार्मिंग खोल सकता है। देखा जाए तो एक पशु से प्रतिदिन लगभग 10 लीटर दूध प्राप्त होता है। इस हिसाब से 20 पशुओं से प्रतिदिन 200 लीटर दूध प्राप्त होगा। अगर बाजार में दूध 50 रूपए लीटर भी बेचा जाता है तो लाभार्थी को प्रतिदिन 10 हजार का मुनाफा होगा। इस तरह आप भी बड़े ही कम बजट के साथ डेयरी फार्म खोलकर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

स्रोत: कृषि जागरण

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गेहूँ भाव में दिखी तेजी, देखें अलग अलग मंडियों में 2 अप्रैल को क्या रहे भाव?

wheat rates increasing

गेहूँ भाव में कितनी तेजी या मंदी देखने को मिल रही है? वीडियो के माध्यम से देखें अलग अलग मंडियों में क्या चल रहा है गेहूँ का भाव !

स्रोत: यूट्यूब

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