रसोई से युद्ध के मैदान तक में इस मिर्च का होता है उपयोग

वैसे तो मिर्च का नाम सुनकर ही चीभ तिलमिला जाती है, लेकिन दुनिया में कई ऐसी मिर्च की किस्में हैं जो इंसान का पसीना छुड़ाने में नंबर एक हैं। इन्हीं में से एक है ‘भूत झोलकिया’, जिसकी गिनती दुनिया की सबसे तीखी मिर्च की किस्मों में की जाती है। इस मिर्च को भूत काली मिर्च, घोस्ट चिली, घोस्ट पेपर और नागा झोलकिया नाम से भी जाना जाता है। 

भारत में इसकी खेती उत्तर पूर्वी इलाके जैसे असम, नागालैंड और मणिपुर में की जाती है। जिस मिर्च में एसएचयू यानी तीखापन स्कोवाइल हीट यूनिट की मात्रा अधिक होती है, वो मिर्च उतनी ही ज्यादा तीखी होती है। वैसे तो सामान्य मिर्च का एसएचयू स्तर 2500 से 5000 के बीच होता है। वहीं भूत झोलकिया मिर्च में तीखापन 10,41,427 एसएचयू मापा गया है। इस वजह से मसाले के रूप में इस मिर्च की पूरी दुनिया की बहुत मांग है।

नाम की तरह ही इसका उपयोग दुश्मनों के छक्के छुड़ाने में किया जाता है। इसका इस्तेमाल न सिर्फ खाने में बल्कि हथियार बनाने में भी किया जाता है। सीमा सुरक्षा बल यानि बीएसएफ की ग्वालियर, टेकनपुर स्थित टियर स्मोक यूनिट इस मिर्च का इस्तेमाल  आंसू गैस के गोले बनाने में करती है। इससे आंख में होने वाली जलन दम घोटने के बराबर होती है। हालांकि इससे कोई शारीरिक नुकसान नहीं होता है।

स्रोत: कृषि जागरण

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देश के प्रमुख मंडियों में 26 मई को क्या रहे लहसुन के भाव?

Indore garlic Mandi bhaw

लहसुन भाव में कितनी तेजी या मंदी देखने को मिल रही है? वीडियो के माध्यम से देखें अलग अलग मंडियों में क्या चल रहा है लहसुन का भाव !

स्रोत: ऑल इनफार्मेशन

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गेहूँ भाव में तेजी जारी, देखें 26 मई को देश के प्रमुख मंडियों के भाव

wheat mandi rates

गेहूँ भाव में कितनी तेजी या मंदी देखने को मिल रही है? वीडियो के माध्यम से देखें अलग अलग मंडियों में क्या चल रहा है गेहूँ का भाव !

स्रोत: आज का सोयाबीन भाव

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एकीकृत (इंटीग्रेटेड) खेती अपनाएं बंपर उत्पादन पाएं

👉🏻किसान भाइयों, यह एक ऐसी तकनीक है जिससे किसान पूरे वर्ष आमदनी ले सकते है। 

👉🏻किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत (इंटीग्रेटेड) फार्मिंग सिस्टम प्रणाली काफी लाभकारी है। 

👉🏻एकीकृत खेती का मूल यह है कि किसान की जमीन का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। 

👉🏻इस तकनीक में किसान खेती के साथ साथ मछली पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन आदि कर सकते है। 

👉🏻इसमें एक घटक दूसरे घटक के उपयोग में लाया जाता है।  

👉🏻एकीकृत खेती से अधिक से अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है।  

👉🏻इस तकनीक से खेती करने से कृषि कार्य में लागत भी कम आती है।

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मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में होगी प्री मॉनसूनी वर्षा

know the weather forecast,

नया पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर बारिश देगा हालांकि पंजाब हरियाणा और दिल्ली का मौसम शुष्क बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों सहित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में गरज के साथ बौछारें संभव है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में बारिश होने के आसार हैं। दक्षिण भारत सहित उत्तर पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रहेगी।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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50% पर सब्सिडी पर खरीदें मुर्रा भैंस, जानें योजना से जुड़े कई लाभ

पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने भैंस खरीदने पर अनुदान देने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत मुर्रा भैंस खरीदने पर राज्य सरकार की ओर से 50% का अनुदान दिया जाएगा। वहीं राज्य में मुर्रा प्रजाति की कमी के चलते इन्हें हरियाणा से मंगवाया जाएगा।

इस योजना के अंतर्गत केवल छोटे किसानों को 50% की सब्सिडी पर दो मुर्रा भैंस उपलब्ध कराई जाएंगी। जिसमें एक भैंस प्रैग्नेंट और दूसरी बच्चे के साथ दी जाएगी, ताकि दूध मिलने का क्रम बना रहे और किसान की कमाई का ज़रिया बंद न हो।

इसके अलावा अगर तीन साल के अंदर भैंस मरती है तो, सरकार की ओर से भैंस मुफ़्त दी जाएगी। इतना ही नहीं, भैंस के आहार के लिए छह महीने का दाना-चारा भी दिया जाएगा, ताकि किसान को किसी तरह की समस्या न हो। 

इन भैंसों को गर्भवती करने के लिए सेक्स सार्टेड सीमन का उपयोग किया जाएगा। जो कि सिर्फ मुर्रा बुल का ही होगा। इसकी खास बात यह होगी कि इससे सिर्फ फीमेल भैंस ही पैदा होंगी। बता दें कि एक मुर्रा भैंस रोजाना 12 से 15 लीटर दूध देती है, जो कि एक छोटी सी डेयरी के लिए काफी है।

इस स्कीम के माध्यम से किसान को ढाई लाख की दो भैंस केवल 62 हजार 500 में मिल जाएंगी। राज्य सरकार की इस योजना का उद्देश्य छोटे किसानों की आर्थिक मदद करने के साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार के अनुसार यह प्रोजेक्ट अगस्त से शुरू हो सकता है।

स्रोत:  कृषि जागरण

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देश के प्रमुख मंडियों में 25 मई को क्या रहे लहसुन के भाव?

Indore garlic Mandi bhaw

लहसुन भाव में कितनी तेजी या मंदी देखने को मिल रही है? वीडियो के माध्यम से देखें अलग अलग मंडियों में क्या चल रहा है लहसुन का भाव !

स्रोत: ऑल इनफार्मेशन

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गेहूँ भाव में तेजी जारी, देखें 25 मई को देश के प्रमुख मंडियों के भाव

wheat rates increasing

गेहूँ भाव में कितनी तेजी या मंदी देखने को मिल रही है? वीडियो के माध्यम से देखें अलग अलग मंडियों में क्या चल रहा है गेहूँ का भाव !

स्रोत: आज का सोयाबीन भाव

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जानिए, खेती में जिप्सम उपयोग का उचित समय

👉🏻किसान मित्रों, जिप्सम एक अच्छा भू सुधारक है, यह क्षारीय भूमि को सुधारने का कार्य करता है।

👉🏻जिप्सम को मृदा में फसलों की बुवाई से पहले डालते हैं। ध्यान रहे जिप्सम डालने से पहले खेत की गहरी जुताई अवश्य करें। 

👉🏻मुख्यतः जिप्सम का उपयोग क्षारीय भूमि के सुधार के लिए किया जाता है। 

👉🏻जिप्सम का उपयोग करने पर फसल को कैल्शियम 22% एवं सल्फर 18 % मिलता है। 

👉🏻जिप्सम को मृदा में अधिक गहराई तक नहीं मिलाना चाहिए। 

👉🏻अलग अलग फसल को जिप्सम की अलग अलग मात्रा की आवश्यकता होती है, अतः फसल के अनुसार ही जिप्सम की मात्रा का उपयोग करें। 

👉🏻उपयोग के पहले मृदा परीक्षण कराये एवं इसके उपरान्त ही जिप्सम की मात्रा सुनिश्चित करें।

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तेजी से आगे बढ़ रहा है मॉनसून, आज भी कई राज्यों में होगी बारिश

know the weather forecast,

बारिश और ओलावृष्टि के प्रभाव से दिल्ली ने मई के महीने में इस सदी का सबसे कम तापमान दर्ज किया। आज भी उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश संभव है। पूर्वी भारत तथा उत्तर पूर्वी भारत सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश जारी रहेगी। मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। अगले 2 दिनों के दौरान श्रीलंका पहुंच सकता है मॉनसून।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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