गेहूँ में रतुआ या गेरुआ रोग की रोकथाम के उपाय

Management of rust disease in wheat

  • किसान भाइयों गेहूँ की फसल में मुख्यतः देखा जाने वाला प्रमुख रोग है रतुआ या गेरुआ रोग l यह पक्सीनिया रिकोंडिटा ट्रिटिसाई नामक फफूंद से होता है यह 3 प्रकार का भूरा रतुआ, पीला रतुआ या काला रतुआ होता है। 

  • इस रोग की पहचान यह है कि शुरुआती अवस्था में इस रोग के लक्षण नारंगी रंग के धब्बे पत्तियों की ऊपरी सतह पर उभरते हैं जो बाद में और घने होकर पूरी पत्तियों पर फैल जाते हैं। 

  • रोगी पत्तियां जल्दी सुख जाती हैं जिससे प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में बाधा आती है और दाना हल्का बनता है। तापमान बढ़ने की स्थिति में इन धब्बों का रंग, पत्तियों की निचली सतह पर काला हो जाता है।  

  • इस रोग के रासायनिक नियंत्रण के लिए हेक्साकोनाजोल 5% एससी @ 400 मिली या प्रोपिकोनाज़ोल 25% ईसी @ 200 मिली या टेबुकोनाज़ोल 25.9% ईसी @ 200 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें।  

  • जैविक नियंत्रण के लिए ट्रायकोडर्मा विरिडी @ 500 ग्राम/एकड़ या स्यूडोमोनास फ्लोरोसेंस @ 250 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें।

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कम कृषि खर्च में किसान हुआ मालामाल, ग्रामोफ़ोन ने खेती बना दी आसान

Gramophone made farming easier

आज के इस वीडियो के माध्यम से हम देखेंगे कि कैसे किसान श्री तूफान सिंह देवड़ा जी ने प्याज, लहसुन एवं आलू की फसल में समृद्धि किट का उपयोग कर स्वस्थ एवं गुणवत्तायुक्त जबरदस्त पैदावार प्राप्त की है। वीडियो के माध्यम से देखें पूरी कहानी।

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कुछ क्षेत्रों बारिश और कुछ क्षेत्र रहेंगे शुष्क, देखें मौसम पूर्वानुमान

Weather Forecast

फरवरी के महीने में लगातार तीन पश्चिमी विक्षोभ आने से कई राज्यों में बारिश तथा बेमौसम बारिश हुई पहाड़ों पर भारी हिमपात हुआ। अब इन पश्चिमी विक्षोभ के ऊपर ब्रेक लगेगा तथा अगले 1 सप्ताह तक कोई बहुत सशक्त पश्चिमी विक्षोभ नहीं आएगा। उत्तर पश्चिम, मध्य तथा पूर्वी भारत का मौसम शुष्क रहेगा। उत्तर के साथ-साथ तमिलनाडु और केरल में बारिश संभव है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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90% की भारी सब्सिडी पर करें मुर्गी पालन, अपने घर से शुरू करें व्यवसाय

Do Poultry Farming at a huge subsidy of 90%

बहुत सारे किसान पशुपालन या मुर्गी पालन आदि के माध्यम से भी अच्छी कमाई कर लेते हैं। सरकार भी किसानों द्वारा इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। सरकार कई योजनाओं के माध्यम से पशुपालन, मुर्गी पालन आदि को बढ़ावा भी दे रही है।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुक्कुट पालन का व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम 90% तक की सब्सिडी देने का निश्चय किया गया है। इस सब्सिडी बैकयार्ड कुक्कुट, बत्तख या बटेर पालन योजना के तहत दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति अपने घर में या बागीचे में इस व्यवसाय को शुरू कर सकते हैं।

इस योजना में सामान्य वर्ग को लागत का 75% और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को 90% की सब्सिडी का प्रावधान है। यह योजना छत्तीसगढ़ के हर जिले में लागू है और इसका लाभ लेने हेतु हितग्राही को अपने नजदीकी पशु चिकित्सक संस्थामें आवेदन करना होगा।

स्रोत: किसान समाधान

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कटेगा 2 लाख का चालान, जानें नए ट्रैफिक रूल व रहें सावधान

2 lakh challan will be deducted

नए मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत ट्रैफक रूल तोड़ने पर आपको 2 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना देना पड़ सकता है। आइये जानतें हैं ट्रैफिक संबंधी किस नियम को तोड़ने पर कितना जुर्माना देना पड़ सकता है।

  • परमिट के उल्लंघन के लिए 10000 रुपये

  • गैर-बीमा के लिए 4000 रुपये

  • गैर-प्रदूषण प्रमाण पत्र के लिए 10000 रुपये

  • बिना कवर के निर्माण सामग्री ले जाने पर 20000 रुपये

  • सीट बेल्ट नहीं पहनने पर 1000 रुपये

  • ओवरलोडिंग करेंसी 20000 रुपये होगी

  • टन भार जितना अधिक होगा, जुर्माना 2000 गुना होगा

स्रोत: समाचारनामा

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सोयाबीन भाव में कितनी तेजी, देखें 11 फरवरी को रतलाम मंडी के भाव

Mandsaur Mandi Soybean Rate,

सोयाबीन भाव में आज कितनी तेजी या मंदी देखने को मिली? वीडियो के माध्यम से देखें की आज मंडी में कैसा चल रहा है सोयाबीन का भाव !

स्रोत: यूट्यूब

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इंदौर मंडी में 11 फरवरी को लहसुन के भाव क्या रहे?

Mandsaur garlic Mandi bhaw,

वीडियो के माध्यम से देखें, मध्य प्रदेश के इंदौर मंडी में आज क्या रहे लहसुन के भाव?

वीडियो स्रोत: यूट्यूब

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प्याज भाव में भयंकर तेजी, देखें 11 फरवरी को इंदौर मंडी का हाल

Indore onion Mandi Bhaw

वीडियो के माध्यम से जानें आज यानी 11 फरवरी के दिन इंदौर के मंडी में क्या रहे प्याज के मंडी भाव?

वीडियो स्रोत: यूट्यूब

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फसलों में दीमक की रोकथाम के प्रभावी उपाय

Biological control of termites
  • किसान भाइयों फसलों में दीमक की समस्या एक गंभीर समस्या बन गई है। यह बागवानी फसलें जैसे अनार, आम, अमरूद, जामुन, नींबू, संतरा, पपीता, आंवला आदि में अधिक देखने को मिलती है। 

  • यह जमीन में सुरंग बनाकर पौधों की जड़ों को खाते हैं। इसका प्रकोप अधिक होने पर ये तने को भी खाते हैं और मिट्टी युक्त संरचना भी बनाते हैं। 

  • गर्मियों में मिट्टी में दीमक को नष्ट करने के लिए ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करें। खेत में हमेशा अच्छी तरह से पकी हुई गोबर खाद का प्रयोग करें। 

  • बवे कर्ब (बवेरिया बेसियाना) @ 1 किलोग्राम को 25 किलोग्राम गोबर की सड़ी हुई खाद में मिलाकर पौधरोपण से पहले डालना चाहिए। 

  • दीमक के टीले को केरोसिन से भर दें ताकि दीमक की रानी के साथ-साथ अन्य दीमक भी मर जाएँ।

  • दीमक द्वारा तनों पर बनाये गए छेद में (लीथल सुपर 505) क्लोरोपाइरीफोस 50% + साइपरमेथ्रिन 5% ईसी @ 250 मिली प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर प्रयोग करें और पेड़ की जड़ों के पास यही दवा 50 मिली प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर दें।

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सब्जियों वाली फसलों में ऐसे करें दीमक के प्रकोप का नियंत्रण

Control the outbreak of termites in horticultural crops like this
  • दीमक अपने प्रकोप से आलू , टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूल गोभी, पत्ता गोभी, सरसों, राई, मूली, गेहूँ आदि फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

  • इस कीट के जैविक नियंत्रण के लिए निम्न उपाय कर सकते हैं

  • बीजो को कीटनाशकों के द्वारा बीज़ उपचार करके ही बोना चाहिए।

  • कीटनाशक मेट्राजियम से मिट्टी उपचार अवश्य करना चाहिए l

  • खड़ी फसल में दीमक नियंत्रण के लिए 1 -1.5 लीटर नीम का तेल प्रति एकड़ की दर से सिंचाई के  पानी के साथ दें या 15 – 20  किलो बजरी में मिलाकर भुरकाव कर सिंचाई करें।

  • दीमक प्रभावित क्षेत्रों में 200 किलो अरण्डी की खली प्रति एकड़ की दर से अंतिम जुताई के समय भूमि में डालें।

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