होली के दिन कई राज्यों में हो सकती है बारिश, जानें अपने क्षेत्र का मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

आज से एक के बाद एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ों की तरफ आएंगे। अगले चार-पांच दिनों के दौरान पहाड़ों पर भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तरी पंजाब और उत्तरी हरियाणा में 12 मार्च से बारिश शुरू होगी। होलिका दहन वाले दिन पंजाब, हरियाणा, उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तथा राजस्थान के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। बादल और बारिश के कारण होली के दिन इन राज्यों के कुछ इलाकों में तापमान कम होने से गर्मी से राहत मिल जाएगी। 10 और 11 मार्च को तमिलनाडु के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। केरल और दक्षिणी कर्नाटक में भी 11 और 12 मार्च को बारिश हो सकती है। गोवा सहित महाराष्ट्र के दक्षिणी तटों पर हल्की बारिश 13 और 14 मार्च को हो सकती है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

मौसम सम्बंधित पूर्वानुमानों की जानकारियों के लिए रोजाना ग्रामोफ़ोन ऐप पर जरूर आएं। नीचे दिए गए शेयर बटन को क्लिक कर इस लेख को अपने मित्रों के साथ भी साझा करें।

Share

क्या चल रहे हैं लहसुन के भाव, जानें मंडी का हाल

garlic Mandi bhaw,

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों में क्या चल रहे हैं लहसुन के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

मध्य प्रदेश की मंडियों में लहसुन के ताजा मंडी भाव
जिला कृषि उपज मंडी किस्म न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल) अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)
शाजापुर आगर लहसुन 2900 6500
धार बदनावर औसत 2100 2200
धार बदनावर लहसुन 2700 5100
भोपाल भोपाल लहसुन 3000 6100
मन्दसौर दलौदा लहसुन 1800 8800
इंदौर इंदौर लहसुन 1100 6100
नीमच जावद लहसुन 3990 4000
शाजापुर कालापीपल (F&V) लहसुन 2300 6580
होशंगाबाद पिपरिया(F&V) लहसुन 6200 11000
रतलाम रतलाम देसी 2151 5150
रतलाम सैलाना लहसुन 4300 6201
शाजापुर शाजापुर लहसुन 1790 6174
शाजापुर शुजालपुर देसी 2212 5890
मन्दसौर सीतामऊ लहसुन 2510 3700
उज्जैन उज्जैन लहसुन 4800 4800

स्रोत: एगमार्कनेट

ताज़ातरीन मंडी भाव व कृषि क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए रोजाना पढ़ते रहें ग्रामोफ़ोन के लेख। आज का लेख पसंद आया हो तो इसे शेयर करना ना भूलें।

Share

भिंडी की फसल में फल छेदक के लक्षण एवं नियंत्रण के उपाय

Symptoms and control of fruit borer in okra crop

इस कीट के शरीर पर हलके पीले संतरी, भूरे रंग के धब्बे होते हैं। आरंभिक अवस्था में ये सूंडियां कोपलों में छेद करके अंदर पनपती हैं, जिसकी वजह से कोपलें मुरझा जाती हैं और सूख जाती हैं। बाद में ये सुंडियां कलियों और फूलों को नुकसान पहुंचाती हैं। ये फल में छेद बनाकर अंदर घुसकर फल का गूदा खाती हैं, इसके कारण ग्रासित फल यानी भिंडी खाने योग्य नहीं रहती है।  

नियंत्रण के उपाय

  • क्षतिग्रस्त पौधों के तने तथा फलों को एकत्रित करके नष्ट कर दें।

  • फल छेदक कीट की निगरानी एवं नियंत्रण के लिए 5 -10 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर लगाएं।

  • लक्षण दिखाई देने पर, फेम (फ्लुबेंडियामाइड 39.35% डब्ल्यू/डब्ल्यू एस सी) @ 60 – 70 मिली प्रति एकड़ के दर से 150 से 200 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। 

कृषि क्षेत्र एवं किसानों से सम्बंधित ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए ग्रामोफ़ोन के लेख प्रतिदिन जरूर पढ़ें। आज की जानकारी पसंद आई हो तो इसे शेयर करना ना भूलें।

Share

दुधारू पशुओं पर सरकार दे रही है 90% तक की सब्सिडी, जानें किसे मिलेगा इसका लाभ?

Mukhyamantri Dudharu Pashu Praday Yojana

मध्य प्रदेश सरकार ने बैगा, सहरिया और भारिया जनजातीय वर्ग के लिए ‘मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना’ शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य जनजातीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारना है। इससे न केवल गांवों में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि लाभार्थी स्थायी आय का स्रोत भी बना सकेंगे।

क्या है मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना?

इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को गाय या भैंस प्रदान की जाएगी, जिसमें 90% तक की सरकारी सब्सिडी मिलेगी। लाभार्थियों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा, बाकी खर्च सरकार वहन करेगी।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?
✅ मध्य प्रदेश के बैगा, सहरिया और भारिया जनजातीय समुदाय के लोग।
✅ आवेदन के लिए ग्राम पंचायत या पशुपालन विभाग से संपर्क करें।
✅ चयनित हितग्राहियों को सब्सिडी के साथ पशु उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना के लाभ

🔹 90% तक का अनुदान, जिससे पशु खरीदना होगा आसान।
🔹 दूध उत्पादन से स्थायी आय का स्रोत मिलेगा।
🔹 स्वरोजगार को बढ़ावा, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
🔹 पोषण स्तर में सुधार, क्योंकि दूध उत्पादन में वृद्धि होगी।

स्रोत: कृषि जागरण

ऐसी ही और कृषि योजनाओं की जानकारी के लिए Gramophone से जुड़े रहें!

Share

मध्य प्रदेश के मंडियों में क्या चल रहे हैं सरसों के भाव?

Mustard mandi bhaw

सरसों के मंडी भाव में तेजी देखने को मिल रही है। देखिये मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों में क्या चल रहे हैं सरसों के भाव!

मध्य प्रदेश की मंडियों में सरसों के ताजा मंडी भाव
जिला कृषि उपज मंडी किस्म न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल) अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)
शाजापुर आगर सरसों 4800 5800
शाजापुर आगर सरसों-जैविक 5581 5581
गुना एरन सरसों 4170 5625
अशोकनगर अशोकनगर सरसों 4885 5731
अशोकनगर अशोकनगर सरसों-जैविक 5050 5637
सीहोर आष्टा सरसों 4500 5620
सीहोर आष्टा सरसों(काला) 5000 5487
शिवपुरी बदरवास सरसों 5000 5865
शाजापुर बड़ोद सरसों 5250 5721
शिवपुरी बराड़ सरसों 5290 5970
रायसेन बेगमगंज सरसों 5000 5265
भोपाल भोपाल सरसों 5060 5305
राजगढ़ ब्यावरा सरसों 4400 5800
सागर बीना सरसों 3601 5541
गुना बीनागंज सरसों 5100 5690
गुना बीनागंज सरसों 5260 5610
अशोकनगर चंदेरी सरसों 4805 5740
छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा सरसों 5225 5250
ग्वालियर डबरा सरसों 5100 5791
मन्दसौर दलौदा सरसों 5300 5600
दमोह दमोह सरसों 4500 5280
दतिया दतिया सरसों 5690 5780
देवास देवास सरसों 4700 5448
डिंडोरी डिंडोरी सरसों(काला) 5000 5025
विदिशा गंज बासौदा सरसों 4206 5651
विदिशा गंज बासौदा सरसों-जैविक 4600 5602
सागर गढ़ाकोटा सरसों 4955 4955
गुना गुना सरसों 4600 5685
हरदा हरदा सरसों 3480 5401
खंडवा हरसूद सरसों 4890 5100
सीहोर इछावर सरसों 5000 5269
इंदौर इंदौर सरसों 5270 5270
अशोकनगर ईसागढ़ सरसों 5370 5775
जबलपुर जबलपुर सरसों 4600 5405
रतलाम जावरा सरसों 3512 5661
सीहोर जावर सरसों 4735 5386
राजगढ़ जीरापुर सरसों 5000 5715
राजगढ़ जीरापुर सरसों(काला) 4955 5715
मुरैना कैलारस सरसों 5041 5870
शाजापुर कालापीपल सरसों 5200 5655
देवास कन्नोड सरसों 4350 5121
कटनी कटनी सरसों 4826 5570
शिवपुरी खन्याधाना सरसों 5315 5400
देवास खातेगांव सरसों 3301 5466
देवास खातेगांव सरसों-जैविक 4300 5399
देवास खातेगांव सरसों(काला) 3500 3500
राजगढ़ खिलचीपुर सरसों 5145 5570
हरदा खिरकिया सरसों 4350 5100
हरदा खिरकिया सरसों-जैविक 4801 4801
राजगढ़ खुजनेर सरसों(काला) 5260 5640
सागर खुरई सरसों 4580 5240
शिवपुरी कोलारस सरसों 5850 5930
शिवपुरी कोलारस सरसों 4500 5940
गुना कुंभराज सरसों 5120 5600
विदिशा लटेरी सरसों 4105 5400
राजगढ़ माचलपुर सरसों 3545 5755
शिवपुरी मगरोनी सरसों 5600 5600
उज्जैन महिदपुर सरसों 5405 5405
गुना मकसूदनगढ़ सरसों 5130 5640
नीमच मनसा सरसों 5000 5899
मन्दसौर मन्दसौर सरसों 4500 5600
मुरैना मुरैना सरसों 5045 5800
भिंड महू पीला (काला) 5790 5790
अशोकनगर मुंगावली सरसों 4600 5695
अशोकनगर मुंगावली सरसों-जैविक 5095 5095
उज्जैन नागदा सरसों 5080 5250
सतना नागोद सरसों 5325 5325
शाजापुर नलकेहड़ा सरसों 4775 5617
राजगढ़ नरसिंहगढ़ सरसों 3100 5630
सीहोर नसरुल्लागंज सरसों 4991 4991
नीमच नीमच सरसों(काला) 5550 8300
नीमच नीमच सरसों(काला) 5473 5850
रायसेन ओबेदुल्लागंज सरसों 5000 5000
जबलपुर पाटन सरसों 4115 5150
राजगढ़ पचौर सरसों 4400 5600
राजगढ़ पचौर सरसों 4900 5600
दमोह पथरिया सरसों 4690 5195
होशंगाबाद पिपरिया सरसों 4700 4770
शिवपुरी पोहरी सरसों 5120 5960
शिवपुरी पोहरी सरसों 5125 5950
शिवपुरी पोहरी सरसों(काला) 5400 5880
मुरैना पोरसा सरसों(काला) 5490 5560
रीवा रीवा सरसों(काला) 5200 5250
मुरैना सबलगढ़ सरसों 5280 5785
मुरैना सबलगढ़ सरसों(काला) 5300 5755
सागर सागर सरसों 4275 5700
सागर सागर सरसों-जैविक 4350 5450
रतलाम सैलाना सरसों 5540 5609
सतना सतना सरसों 4790 5660
सीहोर सीहोर सरसों 4500 5382
सीहोर सीहोर सरसों(काला) 4800 5200
शाजापुर शाजापुर सरसों 4740 5435
मन्दसौर शामगढ़ सरसों 5400 5620
विदिशा शमसाबाद सरसों 5300 5526
श्योपुर श्योपुरबडोद सरसों 4301 5511
श्योपुर श्योपुरकलां सरसों 4650 6300
श्योपुर श्योपुरकलां अन्य 5620 5620
शिवपुरी शिवपुरी सरसों 4800 6000
शिवपुरी शिवपुरी सरसों 5215 5215
शाजापुर शुजालपुर सरसों 4500 5620
विदिशा सिरोंज सरसों 4420 5800
विदिशा सिरोंज सरसों-जैविक 5180 5745
मन्दसौर सीतामऊ सरसों 4600 5620
देवास सोनकच सरसों 5199 5300
शाजापुर सुसनेर सरसों 5260 5580
उज्जैन तराना सरसों 5071 5551
हरदा टिमरनी सरसों 4400 5201
उज्जैन उज्जैन सरसों 4900 5275
विदिशा विदिशा सरसों 5220 5220
श्योपुर विजयपुर सरसों 5005 5995
श्योपुर विजयपुर सरसों 5300 5650
श्योपुर विजयपुर पीला (काला) 5860 5860

स्रोत: एगमार्कनेट

खेती से सम्बंधित जानकारियों और ताजा मंडी भाव जानने के लिए पढ़ते रहें ग्रामोफ़ोन के लेख। आज की जानकारी पसंद आई हो तो इसे अपने मित्रों के साथ शेयर जरूर करें।

Share

गर्मी में पशु आहार के लिए साइलेज से करें हरे चारे की पूर्ती

Supply green fodder from silage for animal feed in summer

पशुपालक गर्मी के मौसम में पशुओं को सिर्फ सूखा चारा व दाना खिलाने पर मजबूर होते हैं, जिसके कारण दुधारू पशु कम दूध देने लगते हैं। इस स्थिति में किसान यह सोच कर परेशान होते हैं कि अपने पशुओं को हरे चारे की जगह क्या खिलाएं। तो इस परेशानी का समाधान है साइलेज जिसे गर्मियों के मौसम का बेस्ट पशु आहार माना जाता है। 

सबसे पहले बात करते हैं, साइलेज क्या है?

साइलेज को दरअसल ज्वार, मक्का, नैपियर घास, बरसीम आदि हरे चारों को छोटे – छोटे टुकड़ो में काट कर उसे नमक व अन्य जरूरी पोषक तत्वों के मिश्रण से बनाया जाता है। साइलेज में भी, हरे चारे की ही तरह, उचित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट व सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा सही होनी चाहिए, इसलिए पशुपालक को मक्का, ज्वार, जई, लूटसन, नेपियर घास, लोबिया, बरसीम, रिजका, लेग्यूम्स, जवी, बाजरा, गिन्नी व अंजन का खासा ध्यान रखना जरूरी हैं। जब दाने दूध भरने की अवस्था में हों तभी इन्हे काटना चाहिए।। अगर पानी अधिक है, तो चारे को थोड़ा सुखा लेना चाहिए ताकि नमी की मात्रा 60 से 65  प्रतिशक तक रहे। 

फायदे:

  • साइलेज डेयरी पशुओं के लिए चारे की नियमित आपूर्ति को सुनिश्चित करता है।

  • यह विभिन्न मौसमों में पशुओं के लिए एक समान गुणवत्ता वाला चारा है।

  • साइलेज लगभग हर मौसम में बनाया जा सकता है। 

  • पशुओं को साइलेज खिलाना परजीवी रोगों के नियंत्रण के लिए एक प्रभावी उपकरण है, क्योंकि हरे चारे के विभिन्न चरणों में मौजूद परजीवी प्रकिया करने के दौरान नष्ट हो जाते हैं। 

  • साइलेज की आपूर्ति निश्चित करके पशुओं के दुबलेपन की अवधि के दौरान उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं। 

कृषि क्षेत्र एवं किसानों से सम्बंधित ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए ग्रामोफ़ोन के लेख प्रतिदिन जरूर पढ़ें। आज की जानकारी पसंद आई हो तो इसे शेयर करना ना भूलें।

Share

मल्चिंग पर सरकार दे रही है 50% तक की सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का लाभ!

Benefits of applying mulching in vegetable crops

खेती में नई तकनीकों का उपयोग किसानों की मेहनत और लागत को कम कर रहा है। मल्चिंग ऐसी ही एक आधुनिक तकनीक है, जो बागवानी फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद करती है। अब बिहार सरकार ने इसे अपनाने के लिए 50% सब्सिडी देने का ऐलान किया है, जिससे किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकते हैं।

क्या है मल्चिंग और इसके फायदे?

मिट्टी की नमी बनाए रखता है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम होती है।
खरपतवार पर नियंत्रण, जिससे खेत साफ-सुथरा रहता है।
तापमान संतुलित रखता है, जिससे पौधों की बेहतर वृद्धि होती है।
मिट्टी के कटाव को रोकता है, जिससे उर्वरता बनी रहती है।

कैसे मिलेगा 50% सब्सिडी का लाभ?

बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग के माध्यम से यह सब्सिडी दी जाएगी। किसानों को अपनी मल्चिंग शीट खरीदने का आधा खर्च सरकार वहन करेगी और राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

ड्रिप सिंचाई के साथ मल्चिंग: डबल मुनाफा!

ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक साथ मिलकर किसानों को अधिक लाभ देती हैं। यह पानी की बचत करता है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।

कम लागत, ज्यादा मुनाफा!

मल्चिंग से पानी, उर्वरक और कीटनाशकों का खर्च कम होता है, जिससे किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार मिलती है। यह तकनीक खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने का सुनहरा मौका है।

स्रोत: कृषि जागरण

ऐसी ही और कृषि योजनाओं की जानकारी के लिए Gramophone से जुड़े रहें!

Share

क्या चल रहे हैं सोयाबीन के भाव, देखें मध्य प्रदेश के मंडियों का हाल

soybean mandi Bhaw

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों में क्या चल रहे हैं सोयाबीन के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

मध्य प्रदेश की मंडियों में सोयाबीन के ताजा मंडी भाव
जिला कृषि उपज मंडी किस्म न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल) अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)
शाजापुर आगर सोयाबीन 1500 4125
आलीराजपुर आलीराजपुर सोयाबीन 3650 3650
आलीराजपुर आलीराजपुर सोयाबीन 3650 3650
अशोकनगर अशोकनगर सोयाबीन 3400 4014
सीहोर आष्टा सोयाबीन 3301 4074
उज्जैन बड़नगर पीला 3680 4178
धार बदनावर पीला 3885 4155
होशंगाबाद बानापुरा पीला 3670 3805
भोपाल बैरसिया पीला 2100 3995
राजगढ़ ब्यावरा सोयाबीन 3200 4025
सागर बीना सोयाबीन 3550 3915
बुरहानपुर बुरहानपुर सोयाबीन 3300 3300
मन्दसौर दलौदा सोयाबीन 3700 5402
देवास देवास सोयाबीन 2500 4120
धार धामनोद सोयाबीन 3250 3825
धार धार सोयाबीन 2784 4060
धार धार सोयाबीन-जैविक 2902 3400
नरसिंहपुर गाडरवाड़ा सोयाबीन 3500 3840
इंदौर गौतमपुरा पीला 3850 4030
डिंडोरी गोरखपुर पीला 3580 3650
डिंडोरी गोरखपुर पीला 3550 3710
गुना गुना सोयाबीन 3675 3800
हरदा हरदा सोयाबीन-जैविक 3601 3601
हरदा हरदा पीला 1700 3915
इंदौर इंदौर सोयाबीन 2715 2720
इंदौर इंदौर सोयाबीन-जैविक 3560 4005
रतलाम जावरा सोयाबीन 3880 4080
नरसिंहपुर करेली सोयाबीन 3770 3770
खंडवा खंडवा पीला 3000 3955
देवास खातेगांव सोयाबीन 3301 3951
देवास खातेगांव सोयाबीन-जैविक 3877 3946
हरदा खिरकिया सोयाबीन-जैविक 3740 3740
हरदा खिरकिया पीला 3530 3830
सागर खुरई सोयाबीन 2100 3882
धार कुक्षी सोयाबीन 3655 3955
उज्जैन महिदपुर सोयाबीन 3871 3975
नीमच मनसा सोयाबीन 3200 4120
धार मनावर सोयाबीन 3600 3600
मन्दसौर मन्दसौर सोयाबीन 3900 4019
मन्दसौर मन्दसौर सोयाबीन 3986 4118
इंदौर महू सोयाबीन 1451 4121
सीहोर नसरुल्लागंज सोयाबीन 3700 3756
नीमच नीमच सोयाबीन 3841 3841
राजगढ़ पचौर सोयाबीन 3905 3945
छिंदवाड़ा पंधुरना सोयाबीन 3900 3900
दमोह पथरिया सोयाबीन 3720 4035
मन्दसौर पिपल्या सोयाबीन 600 4190
सागर राहतगढ़ पीला 3705 3705
रतलाम रतलाम सोयाबीन 3831 4140
सागर सागर सोयाबीन-जैविक 3630 4015
रतलाम सैलाना सोयाबीन 3794 4061
इंदौर सांवेर सोयाबीन 2551 4085
बड़वानी सेंधवा सोयाबीन 3875 3875
बड़वानी सेंधवा सोयाबीन-जैविक 3840 3840
सागर शाहगढ़ सोयाबीन 3480 3520
सागर शाहगढ़ पीला 3525 3525
मन्दसौर शामगढ़ सोयाबीन 3600 3890
शाजापुर शुजालपुर सोयाबीन 3750 4036
सीहोर श्यामपुर सोयाबीन 2521 2521
रतलाम ताल पीला 3771 4141
उज्जैन तराना सोयाबीन 2671 4061
हरदा टिमरनी सोयाबीन 3051 3920
उज्जैन उज्जैन सोयाबीन 3200 4180
उज्जैन उन्हेल सोयाबीन 3650 3895

स्रोत: एगमार्कनेट

ताज़ातरीन मंडी भाव व कृषि क्षेत्र की सभी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए रोजाना पढ़ते रहें ग्रामोफ़ोन के लेख। आज का लेख पसंद आया हो तो  शेयर करना ना भूलें।

Share

जानिए कैसे बचाएं मकड़ी के प्रकोप से मिर्च की फसल!

Know how to save chilli crop from mite attack

इस कीट के नवजात और वयस्क दोनों अवस्थाएं नई पत्तियों को निचली सतह से और पौधों के बढ़ते सिरों से रस चूसते हैं। इसके कारण, पत्तियां नीचे की ओर मुड़कर सिकुड़ जाती हैं, एवं उलटे नाव के आकार का रूप ले लेती हैं। संक्रमित पौधे के फल छोटे रह जाते हैं। 

रोकथाम- इन कीटों का प्रकोप दिखाई देते ही बचाव के लिए, ओमाइट (प्रोपरजाइट 57% ईसी)  @ 600 मिली प्रति एकड़ या पेजर (डायफेंथियूरॉन 50% डब्लूपी) @ 240 ग्राम प्रति एकड़ या इमानोवा (इमामेक्टिन बेंजोएट 05 % एसजी) @ 80 ग्राम प्रति एकड़ के दर से 150 -200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। 

कृषि क्षेत्र एवं किसानों से सम्बंधित ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए ग्रामोफ़ोन के लेख प्रतिदिन जरूर पढ़ें। आज की जानकारी पसंद आई हो तो इसे  शेयर करना ना भूलें।

Share

होली तक लगातार आएंगे वेस्टर्न डिस्टरबेंस, उत्तर भारत में हल्की बारिश के आसार

know the weather forecast,

9 मार्च से शुरू होकर होली तक एक के बाद एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस आएंगे। होली के समय कुछ राज्यों में बारिश हो सकती है और पहाड़ों पर बर्फबारी जारी रहेगी। अब हवाओं की रफ्तार कम हो जाएगी। दिन और रात के तापमान उत्तर, मध्य, और पूर्वी भारत में बढ़ेंगे। उत्तर प्रदेश के उत्तर पश्चिम जिलों में, और पंजाब-हरियाणा के उत्तरी जिलों में होली के समय 13 और 14 तारीख को बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में भी होली के समय बारिश बढ़ने की संभावना है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

मौसम सम्बंधित पूर्वानुमानों की जानकारियों के लिए रोजाना ग्रामोफ़ोन ऐप पर जरूर आएं। नीचे दिए गए शेयर बटन को क्लिक कर इस लेख को अपने मित्रों के साथ भी साझा करें।

Share