- ग्रीष्मकालीन फसलों के रूप में कद्दू वर्गीय फसलें बहुत अधिक मात्रा में लगाई जाती हैं।
- बदलते मौसम एवं तापमान में परिवर्तन के कारण कद्दू वर्गीय फसलों में फूल आने के बाद फल के विकास के समय बहुत समस्या आती है।
- मधुमक्खियां कद्दू वर्गीय फसलों में प्राकृतिक रूप से परागण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- कद्दूवर्गीय फसल में मधुमक्खी के द्वारा परागण की क्रिया को 80% तक पूरा किया जाता है।
- मधुमक्खियों के शरीर में बाल अधिक संख्या में पाए जाते है, जो पराग कणों को उठा लेते हैं। इसके बाद वे पराग कण को एकत्रित कर मादा फूलों तक पहुँचाते हैं।
- मधुमक्खी इन फसलों को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं पहुँचाती है।
- उपर्युक्त क्रिया के बाद निषेचन की क्रिया पूरी हो जाती है। इसके बाद पौधे में फूल से फल बनने की क्रिया शुरू हो जाती है।
मध्य प्रदेश के मंडियों में 17 मार्च को क्या रहे फसलों के भाव
| मंडी | फसल | न्यूनतम | अधिकतम |
| पिपरिया | गेहूँ | 1400 | 1700 |
| पिपरिया | चना | 3650 | 4860 |
| पिपरिया | मक्का | 900 | 1200 |
| पिपरिया | मूंग | 4350 | 6300 |
| पिपरिया | सोयाबीन | 4400 | 4780 |
| पिपरिया | तुअर | 4700 | 7350 |
| पिपरिया | धन | 2100 | 2820 |
| पिपरिया | मसूर | 4900 | 5200 |
| रतलाम | लोकवन गेहूँ | 1650 | 1916 |
| रतलाम | इटालियन चना | 4900 | 5200 |
| रतलाम | मेथी | 5801 | 5801 |
| रतलाम | पिला सोयाबीन | 5000 | 5500 |
| हरदा | गहू | 1635 | 1800 |
| हरदा | चना | 1800 | 4855 |
| हरदा | तुअर | 4500 | 5899 |
| हरदा | कट्टू चना | 6590 | 6900 |
| हरदा | सोयाबीन | 3000 | 5535 |
| हरदा | मूंग | 3000 | 8522 |
| हरदा | उड़द | 4301 | 4301 |
| हरदा | सरसों | 800 | 4793 |
| हरदा | मक्का | 1212 | 1317 |
| हरदा | डॉलर चन्ना | 7001 | 7001 |
| खरगोन | कपास | 5000 | 7000 |
| खरगोन | गेहूँ | 1652 | 1971 |
| खरगोन | चना | 4500 | 5262 |
| खरगोन | मक्का | 1261 | 1371 |
| खरगोन | तुअर | 5800 | 6560 |
| खरगोन | सोयाबीन | 5056 | 5471 |
| खरगोन | डॉलर चन्ना | 7000 | 7675 |
तरबूज की फसल में इन उपायों से बढ़ाएं फूलों की संख्या
- तरबूज की फसल की बुआई को लगभग एक माह पूरा हो चुका है।
- एक माह की अवस्था को पूर्ण करने के बाद तरबूज की फसल में फूल अवस्था शुरू हो जाती है।
- फूल लगने की अवस्था में अच्छे फूल उत्पादन एवं असमय फूलों को गिरने से बचाने के लिए कुछ उपाय करना बहुत आवश्यक होता है।
- फूलों के अच्छे उत्पादन एवं फूलों को गिरने से बचाने के लिए होमोब्रेसिनोलाइड @ 100 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें।
- इसी के साथ तरबूज़ के पौधे के अच्छे विकास एवं वृद्धि हेतु जिब्रेलिक एसिड @ 300 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें।
मेरा राशन एप से देश के किसी भी हिस्से में प्राप्त कर सकते हैं राशन
भारत सरकार द्वारा एक महत्वाकांक्षी योजना संचालित की जा रही है, जिसे वन नेशन वन राशन कार्ड के नाम से जाना जाता है। इस योजना के अंतर्गत मुफ्त एवं सस्ते राशन उपलब्ध कराये जाते हैं। अब राशन व्यवस्था को और ज्यादा व्यवस्थित करने के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की तरफ से एक मोबाइल एप शुरू किया गया है।
इस एप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। ये लाभार्थी इस एप से स्वयं यह जान पाएंगे कि उनको कितना अनाज मिलेगा। इस नए एप का नाम “मेरा राशन एप” है। इस एप का मुख्य लक्ष्य राशन वितरण प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाना होगा।
इस एप का सबसे ज्यादा लाभ प्रवासी लोगों को मिलेगा, क्योंकि इस वन नेशन वन राशन कार्ड के अंतर्गत कार्ड धारक देश के किसी भी क्षेत्र में किसी भी राशन दुकान से अनाज प्राप्त कर सकता है। इस योजना का लाभार्थी अपने आसपास में मौजूद सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चलने वाले राशन की दुकानों की भी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है।
स्रोत: कृषि जागरण
Shareकल से मध्य प्रदेश के इन क्षेत्रों में शुरू हो जाएगा बारिश का दौर, जानें मौसम पूर्वानुमान
मध्य भारत के कई क्षेत्रों में 18 मार्च से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बारिश के साथ साथ बिजली चमकने की भी संभावना जताई जा रही है। 19, 20 और 21 मार्च तक बारिश का यह दौर इन क्षेत्रों में जारी रहने की संभावना है।
वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर
Shareमिट्टी परीक्षण की आवश्यकता क्यों होती है और इससे क्या फायदे मिलते हैं?
- मिट्टी में पोषक तत्वों के स्तर की जांच करके फसल एवं किस्म के अनुसार तत्वों की संतुलित मात्रा का निर्धारण कर खेत में खाद एवं उर्वरक मात्रा की सिफारिश हेतु मिट्टी परीक्षण करवाना बहुत जरूरी होता है।
- मिट्टी की अम्लीयता, लवणता एवं क्षारीयता की पहचान एवं सुधार हेतु सुधारकों की मात्रा व प्रकार की सिफारिश कर इस प्रकार की भूमि को कृषि योग्य बनाने हेतु महत्वपूर्ण सलाह एवं सुझाव देने के लिए मिट्टी परीक्षण आवश्यक होती है।
- फल के बाग लगाने के लिये भूमि की उपयुक्तता का पता लगाने हेतु भी यह जरूरी होता है।
- मृदा उर्वरता मानचित्र तैयार करने के लिये भी मिट्टी परीक्षण करना जरूरी होता है। यह मानचित्र विभिन्न फसल उत्पादन योजना निर्धारण के लिये महत्वपूर्ण होता है तथा क्षेत्र विशेष में उर्वरक उपयोग संबंधी जानकारी देता है।
मध्य प्रदेश के मंडियों में 16 मार्च को क्या रहे फसलों के भाव
| मंडी | फसल | न्यूनतम | अधिकतम |
| अलोट | सोयाबीन | 5300 | 5641 |
| अलोट | गेहूँ | 1620 | 1731 |
| अलोट | चन्ना | 4381 | 4911 |
| अलोट | मेथी | 5555 | 5701 |
| अलोट | धनिया | 4700 | 5400 |
| पिपरिया | गेहूँ | 1400 | 1730 |
| पिपरिया | चन्ना | 3600 | 4980 |
| पिपरिया | मक्का | 1000 | 1250 |
| पिपरिया | मुंग | 4400 | 6700 |
| पिपरिया | सोयाबीन | 4560 | 4800 |
| पिपरिया | तुवर | 4800 | 7200 |
| पिपरिया | धन | 2100 | 2800 |
| पिपरिया | मसूर | 5000 | 5270 |
| खरगौन | कपास | 5000 | 6901 |
| खरगौन | गेहूँ | 1641 | 2007 |
| खरगौन | चन्ना | 4552 | 5152 |
| खरगौन | मक्का | 1357 | 1381 |
| खरगौन | तुवर | 5891 | 6731 |
| खरगौन | सोयाबीन | 5344 | 5565 |
| खरगौन | डॉलर चन्ना | 7297 | 7601 |
तरबूज की फसल में थ्रिप्स कीट के प्रकोप का ऐसे करें नियंत्रण
- थ्रिप्स कीट के शिशु एवं वयस्क रूप तरबूज के पौधों की पत्तियों को खुरचकर रस चूसते हैं। पौधे के कोमल डंठल, कलियों व फूलों पर इसका प्रकोप होने पर ये टेढी मेढी हो जाती हैं। इसके प्रभाव के कारण पौधे छोटे रह जाते हैं।
- इसके नियंत्रण हेतु लैम्ब्डा साइहेलोथ्रिन 4.9% CS @ 200 मिली/एकड़ या प्रोफेनोफोस 50% ईसी @ 400 मिली/एकड़ या फिप्रोनिल 5% एस सी @ 400 मिली/एकड़ की दर से 15 दिन के अन्तराल से छिड़काव करें।
- कीटनाशक को 15 दिनों के अंतराल में बदलकर उपयोग करें।
18 मार्च से मध्य प्रदेश के कई जिले में हो सकती है बारिश, जानें मौसम पूर्वानुमान
मध्य भारत के कई क्षेत्रों में काफी गर्मी बढ़ रही है। तापमान 37-38 डिग्री के आसपास चल रहा है। हालांकि इन क्षेत्रों का तापमान 40 डिग्री पार कर चुका था पर अब थोड़ी सी राहत मिली है।
उम्मीद है कि 18 मार्च से राजस्थान के पूर्वी जिलों के साथ-साथ मध्य प्रदेश के दक्षिणी जिलों और विदर्भ जैसे इलाकों में बारिश की गतविधियां बढ़ने कि संभावना है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलेगी और बिजली की चमक भी दिखाई देगी।
वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर
Shareहोली के पहले किसानों को मिलेगा तोहफा, आएगी पीएम किसान योजना की आठवीं क़िस्त
केंद्र सरकार द्वारा किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक मुख्य योजना है प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। यह योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना के तहत हर साल 3 किस्तों में 6000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है और किसानों के बैंक खाते में 2000-2000 रुपए की तीन किस्त भेजे जाते हैं।
बता दें कि, इस बार होली के त्यौहार से पहले किसानों के खाते में 2000 रूपए की आठवीं क़िस्त भेज दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 12 मार्च 2021 तक कुल 11.71 करोड़ किसान जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत सरकार उन किसानों के नाम लाभार्थियों की सूची से हटाने की भी तैयारी कर रही है जो फायदा लेने के लिए पात्र नहीं हैं।
इस योजना के अंतर्गत अपना नाम चेक करने के लिए पी.एम. किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.nic.in के फार्मर कार्नर पर क्लिक करना होगा। इसके बाद बेनेफिशरी स्टेटस पर क्लिक करें। इससे एक नया पेज खुलेगा, यहाँ आप अपना आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक नंबर डाल कर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं।
स्रोत: न्यूज़ 18
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