आपकी मक्का फसल के लिए अगली गतिविधि

बुवाई के बाद 21 से 25 दिन बाद- फॉल आर्मीवर्म का प्रबंधन

वानस्पतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए और फॉल आर्मीवर्म और अन्य प्रकार के इल्ली के प्रबंधन के लिए थियामेथोक्सम 12.6% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 9.5% जेडसी (नोवालक्सम) 80 मिली + कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोजेब 63% डब्ल्यूपी (करमानोवा) 300 ग्राम + सीवीड एक्सट्रेक्ट (विगोरमैक्स जेल) 400 मिली प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलकर छिड़काव करे। अधिक जानने के लिए हमारे टोल-फ्री नंबर 18003157566 पर मिस्ड कॉल दें।

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आपकी मक्का फसल के लिए अगली गतिविधि

बुवाई के बाद 16 से 20 दिनों में – खड़ी फसल में उर्वरको की खुराक के लिए

यूरिया 35 किलो + मैग्नीशियम सल्फेट 5 किलो + जिंक सल्फेट 5 किलो प्रति एकड़ मिट्टी पर डाले इसके साथ ही फॉल आर्मीवर्म के प्रबंधन के लिए फ्यूरी ग्रेन्यूल्स @ 10 किलो प्रति एकड़ प्रसारित करें। अधिक जानने के लिए हमारे टोल-फ्री नंबर 18003157566 पर मिस्ड कॉल दें।

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आपकी मक्का फसल के लिए अगली गतिविधि

बुवाई के बाद 3 से 5 दिनों में- पूर्व उद्भव खरपतवारो के नियंत्रण के लिए

उगने से पहले खरपतवार के प्रबंधन के लिए पेंडीमेथालिन 38.7% (दोस्त सुपर) @ 700 मिली या एट्राज़िन 50% डब्ल्यूपी (धानुज़िन) 1 किलो प्रति एकड़ 200 लीटर पानी में छिड़काव करें। अधिक जानने के लिए हमारे टोल-फ्री नंबर 18003157566 पर मिस्ड कॉल दें।

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आपकी मक्का फसल के लिए अगली गतिविधि

बुवाई के 1 से 2 दिन बाद – फसल को प्राथमिक पोषक तत्व प्रदान करने के लिए

रोपाई के ठीक बाद पहली सिंचाई दें और उपरोक्त उर्वरक की बेसल खुराक लागू करें। यूरिया -25 किग्रा, डी ए पी – 50 किलो, एमओपी- 40 किग्रा, एनपीके बैक्टीरिया (एसकेबी फोस्टर प्लस बीसी 15) -100 किग्रा, जिंक सोलूबिलाइजिंग बैक्टीरिया (एसकेबी जेड़एनएसबी) – 100 किग्रा + समुद्री शैवाल, अमीनो, ह्यूमिक और माइकोराइजा (मैक्समायको)- 2 किग्रा प्रति एकड़ इन सभी को मिलाकर मिट्टी में फैलाएं| अधिक जानकारी के लिए हमारे टोल नंबर 1800-315-7566 पर मिस्ड कॉल करे|

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बुवाई से 0 से 3 दिन पहले – बीज को फफूंद जनित रोगों से बचाने के लिए

बीज को मिट्टी में फफूंद से बचाने के लिए कार्बोक्सिन 37.5% + थायरम 37.5% (विटावक्स पावर) 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज या कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोजेब 63% डब्ल्यूपी (साफ) 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज और इमिडाक्लोप्रिड 48% एफएस (गाउचो) 5 मिली प्रति किलो बीज से उपचारित करें। अधिक जानने के लिए हमारे टोल-फ्री नंबर 18003157566 पर मिस्ड कॉल दें।

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बुवाई से 8 से 10 दिन पहले – मिट्टी की संरचना में सुधार के लिए खेत की तैयारी

4 टन सड़ी गोबर की खाद में 1 किलो ट्रायकोडर्मा व्हिरीडी (कॉम्बॅट) ठीक से मिलाएं और एक एकड़ क्षेत्र की मिट्टी में फैलाएं। यदि आपके खेत में दीमक की समस्या है तो 5 किलो प्रति एकड़ फिप्रोनिल ग्रेनुवल को खेत में छिटक दे| अधिक जानकारी के लिए हमारे टोल नंबर 1800-315-7566 पर मिस्ड कॉल करे|

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सब्जियों की फसल में ड्रिप सिंचाई सिस्टम लगाने की पूरी विधि और इसके फायदे

Complete method and advantages of drip irrigation system in vegetable crop

सिंचाई प्रक्रिया के लिए आज किसानों के पास कई आधुनिक विकल्प मौजूद हैं। इन्हीं विकल्पों में से एक है ड्रिप सिंचाई का, यह सिंचाई की एक बहुत ही उन्नत तकनीक है जिसके इस्तेमाल से पौधों को पानी की आपूर्ति बेहतर ढंग से होती है। आज के इस वीडियो में सब्जियों की फसल में इसी उन्नत सिंचाई प्रक्रिया को लगाने की विधि से सम्बंधित जानकारी विस्तार से प्राप्त करेंगे।

वीडियो स्रोत: माइक्रो इरिगेशन

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पत्तागोभी की नर्सरी के इन उत्पादों के साथ यह पहला छिड़काव जरूर करें

Which products should be used for the first spray in the cabbage nursery
  • पत्तागोभी की नर्सरी में बुवाई के बाद 10-15 दिनों की अवस्था में छिड़काव करना अति आवश्यक होता है।

  • इस छिड़काव के द्वारा पौध गलन और जड़ गलन जैसे रोग गोभी की फसल में नहीं लगते हैं।

  • पत्तागोभी की नर्सरी की प्रारंभिक अवस्था में लगने वाले कीटों का भी इस छिड़काव से आसानी से नियंत्रण किया जा सकता है।

  • 10 दिनों की नर्सरी अवस्था दरअसल अंकुरण के बाद की प्रारभिक अवस्था होती है, इस अवस्था में दो प्रकार से छिड़काव कर पौध की रक्षा की जा सकती है।

  • कीटों के प्रकोप से बचने के लिए, थायमेथोक्सम 25 % WP@ 10 ग्राम/पंप या बवेरिया @ 50 ग्राम/पंप की दर से छिड़काव करें।

  • किसी भी तरह के कवक जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए थायोफिनेट मिथाइल 70% W/W 30 ग्राम/पंप या ट्राइकोडर्मा 25 ग्राम + स्यूडोमोनास फ्लोरोसेंस @ 25 ग्राम/पंप की दर से छिड़काव करें।

  • नर्सरी में अच्छी पौध बढ़वार के लिए ह्यूमिक एसिड @ 10 ग्राम/पंप की दर से छिड़काव करें।

फसल की बुआई के साथ ही अपने खेत को ग्रामोफ़ोन एप के मेरे खेत विकल्प से जोड़ें और पूरे फसल चक्र में पाते रहें स्मार्ट कृषि से जुड़ी सटीक सलाह व समाधान। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों संग साझा करें।

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मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिले में होगी मानसून की भारी बारिश, जानें मौसम पूर्वानुमान

Madhya Pradesh Weather Update

मध्य प्रदेश के लगभग सभी जिले में अब मानसून की बारिश होने की संभावना बन रही है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश विभागों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली है। दिल्ली सहित पंजाब और हरियाणा में 9 जुलाई से बारिश शुरू होगी और 10 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में वृद्धि संभव है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के तराई वाले इलाकों में भारी मूसलाधार बारिश की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में भी 10 और 11 जुलाई को बारिश शुरू हो सकती है।

वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर

मौसम सम्बंधित पूर्वानुमानों की जानकारियों के लिए रोजाना ग्रामोफ़ोन एप पर जरूर आएं। नीचे दिए गए शेयर बटन को क्लिक कर इस लेख को अपने मित्रों के साथ भी साझा करें।

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जानें ग्रामोफ़ोन एप डाउनलोड और इंस्टॉल करने की प्रक्रिया और करें स्मार्ट खेती

Learn how to download and install Gramophone app and do smart farming

ग्रामोफ़ोन एप की मदद से बहुत सारे किसान स्मार्ट खेती कर रहे हैं और समृद्ध हो रहे हैं। आइये जानते हैं आप अपने मोबाइल फ़ोन पर ग्रामोफ़ोन एप कैसे डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं। 

ग्रामोफ़ोन एप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के प्ले स्टोर पर जाएँ। यहाँ सबसे ऊपर मौजूद सर्च बॉक्स पर ग्रामोफ़ोन एप लिख कर सर्च करें। इससे आपके समक्ष ग्रामोफ़ोन एप का स्क्रीन और इंस्टॉल करने का बटन दिखेगा। यहाँ इनस्टॉल बटन पर क्लिक कर इनस्टॉल प्रक्रिया शुरू करें। इंस्टॉल हो जाने के बाद ओपन बटन पर क्लिक कर एप को खोलें। इसके बाद ग्रामोफ़ोन एप पर आपकी प्रोफ़ाइल बनने की प्रक्रिया शुरू होगी। 

इस प्रक्रिया में सबसे पहले आपको अपनी इच्छित भाषा का चयन करना होगा। इसके बाद अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और ‘लॉगिन करें’ बटन पर क्लिक करें। ऐसा करने से आपके मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से एक OTP नंबर जाएगा। इस OTP नंबर को यहाँ दर्ज कर ‘सत्यापित करें’ बटन पर क्लिक करें। अब आपको अपने प्रोफ़ाइल का प्रकार चुनना है, किसान भाई,  मैं हूँ किसान और व्यापारी भाई, मैं हूँ व्यापारी प्रोफाइल ऑप्शन चुने और कंटीन्यू बटन पर क्लिक करें। 

ऐसा करने से ग्रामोफ़ोन एप पर आपका प्रोफ़ाइल सफलता पूर्वक बन जाएगा और आपके सामने एप की होम स्क्रीन आ जाएगी। यहाँ आप मौसम की जानकारी व मंडी भाव पता कर पाएंगे साथ ही अपनी फसल को एप से जोड़ भी पाएंगे। होम स्क्रीन पर ही आप लेख पढ़कर कृषि जगत की ख़बरें भी प्राप्त कर पाएंगे। एप के बाजार विल्कप पर आप घर बैठे कृषि उत्पाद खरीद पाएंगे, ऐप के समुदाय सेक्शन में आप दूसरे किसान भाइयों और कृषि विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं। 

अगर आप अपनी फसलें बेंचना चाहते हैं तो नीचे व्यापार लिंक पर क्लिक करें और ग्राम व्यापार में जा सकते है। आप कभी भी कृषि एप के खेती सेक्शन में भी लौट सकते हैं। 

तो कुछ इस तरह आप ग्रामोफ़ोन कृषि एप इनस्टॉल कर सकते हैं। इस एप के माध्यम से आप स्मार्ट खेती करें और अपने किसान मित्रों को भी इनस्टॉल करवाएं।

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