बुवाई के 36 से 40 दिन बाद- फल मक्खी प्रबंधन करने के लिए
फल मक्खी के अच्छे प्रबंधन के लिए 10 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ की दर से उपयोग करें l
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बुवाई के 36 से 40 दिन बाद- फल मक्खी प्रबंधन करने के लिए
फल मक्खी के अच्छे प्रबंधन के लिए 10 फेरोमोन ट्रैप प्रति एकड़ की दर से उपयोग करें l
Shareबुवाई के 31 से 35 दिन बाद- फूल, रोग और कीटों का प्रबंधन करने के लिए
फूलों की संख्या को बढ़ावा देने और रस चूसने वाले कीटों के प्रबंधन के लिए एसिटामिप्रिड [एरिस्टाप्रिड] 100 ग्राम + थियोफेनेट मिथाइल 70% डब्ल्यूपी [मिल्ड्यू विप] 300 ग्राम + होमोब्रासिनोलाइड 0.04 डब्ल्यू/डब्ल्यू [डबल] 100 मिली/एकड़ का छिड़काव करें।
Shareबुवाई के 26-30 दिनों बाद – मृदा अनुप्रयोग-पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए
आवश्यक तत्वों की पूर्ति के लिए एमओपी 25 किलो + 10:26:26 @ 100 किग्रा + बोरॉन [वनिता माइक्रोबोर] 800 ग्राम + कैल्शियम नाइट्रेट [वनिता] 10 किलो/एकड़ की दर से मिलाकर मिट्टी में मिलाएं l कैल्शियम नाइट्रेट और बोरॉन फलों को फटने से रोकने में मदद करेंगे l
Shareबुवाई के 21 से 25 दिन बाद- दूसरी सिंचाई
वानस्पतिक अवस्था के दौरान फसल को दूसरी सिंचाई दें। जड़ सड़न, विल्ट जैसी बीमारियों से बचाव के लिए अतिरिक्त पानी को बाहर निकालें।
Shareबुवाई के बाद 11 से 15 दिनों में- मिट्टी में प्रयोग – पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए
वानस्पतिक विकास को बढ़ावा देने के लिए, यूरिया 75 किग्रा + सूक्ष्म पोषक तत्व मिश्रण [एग्रोमिन] 5 किग्रा + सल्फर [कोसावेट फर्टिस] 5 किग्रा/एकड़ मिट्टी में प्रयोग करें।
Shareबुवाई के बाद 3 से 5 दिनों में- पूर्व उद्भव खरपतवारो के नियंत्रण के लिए
अंकुरण से पहले खरपतवार के प्रबंधन के लिए 200 लीटर पानी में पेण्डामैथलीन 38.7 CS [धानुटॉप सुपर] 700 मिली प्रति एकड़ की दर से स्प्रे करे |
Shareबुवाई के 1 से 2 दिन बाद- बेसल खुराक और पहली सिंचाई
बुवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और नीचे दिए गए उर्वरको का मिट्टी अनुप्रयोग करें – यूरिया- 20 किग्रा + ट्राइकोडर्मा विराइड [राइज़ोकेयर] 500 ग्राम + एनपीके बैक्टीरिया कन्सोर्टिया [टीम बायो -3] 100 ग्राम + जेडएनएसबी [ताबा जी] 100 ग्राम + समुद्री शैवाल, ह्यूमिक, अमीनो और माइकोराइजा [मैक्समाइको ] 2 किलो प्रति एकड़ l
Shareबुवाई के दिन- बीज उपचार
बीज को मिट्टी में लगने वाले फफूंद या कीटों से बचाने के लिए बीज को कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोज़ेब 63% [कर्मानोवा ] 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज की दर से उपचारित करें। बुवाई से पहले खेत में हल्की सिंचाई करें।
Shareबुवाई से 1 से 3 दिन पहले- भूमि की अंतिम तैयारी
डीएपी 50 किग्रा + बोरोनेटेड एसएसपी दानेदार 75 किग्रा + एमओपी 75 किग्रा + जिंक सल्फेट 10 किग्रा + मैग्नीशियम सल्फेट 10 किग्रा / एकड़ की दर से बुवाई से पहले मिट्टी में मिलाएं l
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