आइये जानते हैं, क्या है कोकोपीट?

👉🏻किसान भाइयों बहुत से आवश्यक पोषक तत्व नारियल के रेशों में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं इन्ही नारियल के रेशों को कृत्रिम रूप से अन्य पोषक खनिज लवणों के साथ मिलाकर मिट्टी का निर्माण करने की प्रक्रिया को “कोकोपीट” कहते हैं।

👉🏻यह नारियल उद्योग का एक उत्पाद है और समुद्री इलाकों के लोगों को एक अतिरिक्त आय का स्रोत भी देता है। 

👉🏻नारियल के ऊपर के रेशे को सड़ाकर, उसके छिलके निकाल कर, बुरादा बनाकर इसे प्राप्त किया जाता है। 

👉🏻पीट मोस या कोकोपिट दोनों का उद्देश्य एक जैसा ही है, दोनों ही गमले की मिट्टी को हवादार बनाते हैं साथ ही उसमें नमी रोककर रखते हैं और यह बहुत हल्का भी रहता है l 

👉🏻किसान भाई इसका उपयोग मिर्च, टमाटर एवं सभी प्रकार की नर्सरी तैयार करने में भी कर सकते है।

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बंगाल की खाड़ी में तूफान का कई राज्यों पर असर

know the weather forecast,

बंगाल की खाड़ी में बना तूफान आंध्र प्रदेश उड़ीसा पश्चिम बंगाल सहित बिहार झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश देगा। मणिपुर मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के आसार। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र के कई भागों में अब तापमान बढ़ने लगे हैं तथा भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो सकता है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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तालाब निर्माण के लिए किसानों को मिलेगा 80 हजार रूपए का अनुदान

Balram Talab Yojana

पानी के बिना खेतीबाड़ी संभव नहीं है। वहीं लगातार गिरते भू जल स्तर की वजह से किसानों को पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार खेतों में सिंचाई भी नहीं हो पाती है और फसलें खराब हो जाती हैं। हालांकि इस समस्या से निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार बलराम तालाब योजना चला रही है। यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चलाई जा रही है।

इस योजना के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों को तालाब निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है। इन तालाबों का उपयोग बारिश के पानी को इकट्ठा करने में किया जाता है। जो पानी बाद में खेत की सिंचाई करने के काम आता है। इन तालाबों द्वारा पर्याप्त पानी उपलब्ध होने की वजह से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके चलते किसानों को अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रदेश शासन की आधिकारिक वेबसाइट dbt.mpdage.org पर जाकर ऑनलाइन आवदेन करना होगा। बता दें कि यह अनुदान आवेदकों की श्रेणी के अनुसार दिया जाता है। जहां लघु या सीमांत किसान को 50% की अधिकतम अनुदान राशि 80 हजार रूपए और अनुसूचित जाती या अनुसूचित जनजाति श्रेणी के किसानों को 75% की अधिकतम अनुदान राशि 1 लाख रूपए प्रदान की जाती है। इसके अलावा सामान्य श्रेणी को 40% की अधिकतम राशि 80 हजार रूपए दी जाती है।

स्रोत: कृषक जगत

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देश के विभिन्न मंडियों में 9 मई को क्या रहे फलों और फसलों के भाव?

Todays Mandi Rates

मंडी

फसल

न्यूनतम मूल्य (किलोग्राम में)

अधिकतम मूल्य (किलोग्राम में)

जयपुर

अनन्नास

62

65

जयपुर

कटहल

20

22

जयपुर

आम

140

जयपुर

आम

65

जयपुर

आम

50

55

जयपुर

नींबू

75

जयपुर

हरा नारियल

35

40

जयपुर

अदरक

33

34

जयपुर

आलू

9

12

जयपुर

तरबूज

10

11

आगरा

नींबू

70

आगरा

कटहल

15

18

आगरा

अदरक

20

आगरा

अनन्नास

30

32

आगरा

तरबूज

5

8

आगरा

आम

50

65

आगरा

कच्चा आम

10

15

रतलाम

हरी मिर्च

35

42

रतलाम

आलू

18

22

रतलाम

टमाटर

16

24

रतलाम

कद्दू

12

14

रतलाम

तरबूज

4

6

रतलाम

खरबूजा

18

22

रतलाम

अंगूर

18

24

रतलाम

नींबू

200

रतलाम

कटहल

12

18

रतलाम

आम

38

45

सोलापुर

आलू

18

सोलापुर

आलू

15

19

सोलापुर

प्याज

4

7

सोलापुर

प्याज

5

8

सोलापुर

प्याज

7

10

सोलापुर

प्याज

9

13

सोलापुर

लहसुन

13

20

सोलापुर

लहसुन

17

22

सोलापुर

लहसुन

25

38

सोलापुर

लहसुन

40

55

सोलापुर

अनार

70

90

सोलापुर

अनार

75

150

सोलापुर

अनार

100

180

सोलापुर

अंगूर

28

50

सिलीगुड़ी

प्याज

14

सिलीगुड़ी

प्याज

9

सिलीगुड़ी

प्याज

8

सिलीगुड़ी

आलू

13

सिलीगुड़ी

अदरक

23

सिलीगुड़ी

लहसुन

19

सिलीगुड़ी

लहसुन

26

सिलीगुड़ी

लहसुन

35

सिलीगुड़ी

तरबूज

14

सिलीगुड़ी

अनन्नास

45

सिलीगुड़ी

सेब

120

जयपुर

प्याज

11

12

जयपुर

प्याज

13

जयपुर

प्याज

14

जयपुर

प्याज

4

5

जयपुर

प्याज

6

7

जयपुर

प्याज

8

9

जयपुर

प्याज

10

जयपुर

लहसुन

13

15

जयपुर

लहसुन

18

25

जयपुर

लहसुन

30

35

जयपुर

लहसुन

40

48

जयपुर

लहसुन

10

13

जयपुर

लहसुन

17

20

जयपुर

लहसुन

23

26

जयपुर

लहसुन

33

35

रतलाम

प्याज

2.5

4

रतलाम

प्याज

3.5

6

रतलाम

प्याज

6

8

रतलाम

प्याज

8

10

रतलाम

लहसुन

6

13

रतलाम

लहसुन

12

18

रतलाम

लहसुन

20

32

रतलाम

लहसुन

32

48

आगरा

प्याज

7

8

आगरा

प्याज

8

9

आगरा

प्याज

10

12

आगरा

प्याज

8

9

आगरा

प्याज

9

10

आगरा

प्याज

10

11

आगरा

प्याज

11

12

आगरा

प्याज

5

6

आगरा

प्याज

6

7

आगरा

प्याज

7

8

आगरा

प्याज

8

10

आगरा

लहसुन

13

15

आगरा

लहसुन

21

23

आगरा

लहसुन

24

26

आगरा

लहसुन

28

32

गुवाहाटी

प्याज

11

गुवाहाटी

प्याज

16

गुवाहाटी

प्याज

18.5

गुवाहाटी

प्याज

11

गुवाहाटी

प्याज

16

गुवाहाटी

प्याज

19

गुवाहाटी

प्याज

20

गुवाहाटी

लहसुन

30

गुवाहाटी

लहसुन

40

गुवाहाटी

लहसुन

50

गुवाहाटी

लहसुन

55

गुवाहाटी

लहसुन

35

गुवाहाटी

लहसुन

44

गुवाहाटी

लहसुन

55

गुवाहाटी

लहसुन

60

कोचीन

अनन्नास

32

कोचीन

अनन्नास

30

कोचीन

अनन्नास

28

तिरुवनंतपुरम

प्याज

15

तिरुवनंतपुरम

प्याज

18

तिरुवनंतपुरम

प्याज

20

तिरुवनंतपुरम

लहसुन

52

तिरुवनंतपुरम

लहसुन

55

तिरुवनंतपुरम

लहसुन

65

नासिक

प्याज

4

5

नासिक

प्याज

5

6

नासिक

प्याज

7

9

नासिक

प्याज

12

कोलकाता

आलू

16

कोलकाता

प्याज

15

कोलकाता

प्याज

13

कोलकाता

प्याज

12

कोलकाता

अदरक

32

कोलकाता

लहसुन

31

कोलकाता

लहसुन

32

कोलकाता

लहसुन

33

कोलकाता

तरबूज

18

कोलकाता

अनन्नास

40

50

कोलकाता

सेब

110

120

वाराणसी

प्याज

7

8

वाराणसी

प्याज

9

10

वाराणसी

प्याज

11

12

वाराणसी

प्याज

9

10

वाराणसी

प्याज

11

वाराणसी

लहसुन

12

13

वाराणसी

लहसुन

10

12

वाराणसी

लहसुन

15

25

वाराणसी

लहसुन

25

30

वाराणसी

लहसुन

30

35

कोलकाता

प्याज

10

कोलकाता

प्याज

12

13

कोलकाता

प्याज

14

15

कोलकाता

लहसुन

30

कोलकाता

लहसुन

32

कोलकाता

लहसुन

34

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गेहूँ भाव में जबरदस्त तेजी, देखें 9 मई को देश के प्रमुख मंडियों के भाव

wheat rates increasing

गेहूँ भाव में कितनी तेजी या मंदी देखने को मिल रही है? वीडियो के माध्यम से देखें अलग अलग मंडियों में क्या चल रहा है गेहूँ का भाव !

स्रोत: बाजार इन्फो इंडिया

अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी  फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें। जानकारी पसंद आये तो लाइक और शेयर जरूर करें।

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रतलाम मंडी में 9 मई को क्या रहे प्याज के भाव?

Onion Mandi Bhaw

वीडियो के माध्यम से जानें आज यानी 9 मई के दिन रतलाम के कृषि उपज मंडी में क्या रहे प्याज के मंडी भाव?

वीडियो स्रोत: जागो किसान

अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी लहसुन-प्याज जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें। वीडियो पसंद आई हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।

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जीरो बजट खेती अपनाएं, कम लागत में अधिक उत्पादन पाएं

👉🏻किसान भाइयों जीरो बजट खेती एक प्रकार से प्राकृतिक खेती होती है।

👉🏻यह खेती देसी गाय के गोबर एवं गोमूत्र पर निर्भर होती है।

👉🏻इस विधि से खेती करने वाले किसान को बाजार से किसी प्रकार की खाद और कीटनाशक, रसायन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। 

👉🏻इसमें रासायनिक खाद के स्थान पर किसान गोबर से तैयार की हुई खाद बनाते हैं। 

👉🏻देसी गाय के गोबर एवं मूत्र से जीवामृत तथा घनजीवामृत बनाया जाता है।

👉🏻इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है। 

👉🏻जीवामृत का महीने में एक अथवा दो बार खेत में छिड़काव किया जा सकता है। साथ ही जीवामृत का इस्तेमाल बीजों को उपचारित करने में भी किया जा सकता है।

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स्पीड कम्पोस्ट के इस्तेमाल से फसल अवशेष को खाद में बदले

👉🏻किसान दोस्तों स्पीड कम्पोस्ट एक उत्पाद है जिसका उपयोग फसल अपशिष्ट (गेहूं के डंठल/नरवाई, धान की पराली इत्यादि) से त्वरित खाद के निर्माण में किया जाता है। 

👉🏻यह 1 किलो उत्पाद 1 टन फसल अपशिष्ट को खाद में परिवर्तित कर देता है।  

👉🏻इसमें बेसिलस, एज़ोटोबैक्टर, ट्राइकोडर्मा, सेल्युलोलिटिक, एस्परजिलस, पेनिसिलियम इत्यादि जाति के सूक्ष्मजीव पाए जाते है जो त्वरित खाद निर्माण के अलावा मिट्टी में हानिकारक कवक को नष्ट करता है। अतः यह पौध संरक्षण का कार्य भी करता है।   

👉🏻सबसे पहले फसल के अवशेषों, को रोटोवेटर की सहायता से भूमि में मिला दें। 

👉🏻उसके बाद 4 किलो स्पीड कम्पोस्ट और 45 किलो यूरिया प्रति एकड़ की दर से खेत में बिखेर दें और तुरंत बाद पानी लगा दे। ताकि सूक्ष्मजीव अपना कार्य तेजी से कर सके।  

👉🏻लगभग 15-20 दिन बाद यह फसल अपशिष्ट खाद में बदल जाता है।

 

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बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान से इन राज्यों में मचेगा क़हर

know the weather forecast

बंगाल की खाड़ी में आया नया तूफान रविवार को और और ज्यादा तेज होकर चक्रवात में बदल गया है। इस तूफान की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक है। मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कहा कि चक्रवाती तूफान ‘असानी’ के अगले 24 घंटों में और तेज होने की आशंका है। हालांकि, चक्रवात के तटीय क्षेत्र से टकराए बिना अगले हफ्ते तक कमजोर पड़ने की भी संभावना है।

स्रोत: लाइव हिंदुस्तान

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सरपंच के कार्यों को जानें और अपने गांव का करवाएं विकास

Know the works of Sarpanch and get your village developed

देश को सुचारू ढंग से चलाने के लिए संविधान में राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि देश के विकास के लिए देश के प्रत्येक गांव का विकास होना बेहद जरूरी है। ऐसे में गांव के उत्थान के लिए ग्राम पंचायत की व्यवस्था की गई है।

इस व्यवस्था के अनुसार हर गांव में एक ग्राम पंचायत होती है, जिसका कार्यभार संभालने का काम ग्राम प्रधान करता है। ग्राम प्रधान को गांव के मुखिया और सरपंच के नाम से भी जाना जाता है। इस पद के लिए उसी गांव के किसी योग्य व्यक्ति को ग्रामीणों द्वारा चुना जाता है। जो 5 साल तक मुखिया के रूप में हर स्तर पर गांव का विकास करता है।

इसके साथ ही ग्राम प्रधान गांव का पहला नागरिक भी होता है। गांव का पहला नागरिक होने के नाते गांव की सभी जिम्मेदारियां उसके कंधों पर होती हैं। गांव में शांति बनाए रखने से लेकर विकास कार्यों तक सरपंच को सब पर ध्यान रखना होता है। वहीं गांव की उन्नति के लिए ग्राम प्रधान द्वारा किए जाने वाले काम इस प्रकार हैं।

  • गांव के हित में सरकारी योजनाओं को लागू करना

  • सार्वजनिक वितरण व्यवस्था की निगरानी करना

  • मनरेगा जैसी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाना

  • गांव में सड़कों का रखरखाव करना

  • प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देना

  • आंगनबाड़ी केंद्र को सुचारु रूप से चलाना

  • खेल का मैदान बनवाना व खेल को बढ़ावा देना

  • स्वच्छता अभियान के तहत गांव को साफ सुधरा रखना

  • किसानों के हित में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन करना

  • सिंचाई के साधन की व्यवस्था कराना

  • पशुपालन व्यवसाय को बढ़ावा देना

  • दाह संस्कार व कब्रिस्तान का रखरखाव करना

  • गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना

  • आपसी विवादों का निपटारा करना

  • ग्राम सभा की बैठकों में ग्रामिणों के भागीदारी सुनिश्चित करना

  • पिछड़े वर्गों और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना

गांव के प्रति जिम्मेदारियों की इतनी लंबी लिस्ट देखने के बाद आप सरपंच की सैलरी के बारे में सोच रहे होंगे। तो आपको बता दें कि राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक ही सरपंच की सैलरी निर्धारित होती है। यानि कि हर राज्य में सरपंच की सैलरी अलग होती है। जैसे कि उत्तर प्रदेश में सरपंच को 3500 रूपए प्रतिमाह और हरियाणा में सरपंच को 3000 रूपए प्रतिमाह मिलते हैं। हालांकि योजनाओं का क्रियान्वयन के लिए सरकार की ओर से मुखिया को लाखों रूपए दिये जाते हैं। जिसे वह गांव के विकास कार्यों में लगाता है।

स्रोत: दी रूरल इंडिया

ग्रामीण क्षेत्र व कृषि सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए रोजाना पढ़ते रहें ग्रामोफ़ोन के लेख। आज की जानकारी पसंद आई हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।

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