करेले की फसल में थ्रिप्स कीट का प्रकोप होने पर ऐसे करें नियंत्रण

How to control thrips in bitter gourd crop
  • थ्रिप्स छोटे एवं कोमल शरीर वाले कीट होते हैं। यह पत्तियों की ऊपरी सतह एवं अधिक मात्रा में पत्तियों की निचली सतह पर पाए जाते हैं।

  • अपने तेज मुखपत्र के साथ ये कीट पत्तियों, कलियों एवं फूलों का रस चूसते हैं।

  • इसके प्रकोप के कारण पत्तियां किनारों पर भूरी हो जाती हैं या फिर विकृत हो जाती हैं और ऊपर की ओर मुड़ जाती हैं।

  • थ्रिप्स के प्रकोप के निवारण के लिए फिप्रोनिल 5% SC @ 400 मिली/एकड़ या लैम्ब्डा साइहेलोथ्रिन 4.9% CS @ 200 मिली/एकड़ या फिप्रोनिल 40% + इमिडाक्लोप्रिड 40% WG @ 40 ग्राम/एकड़ या थियामेंथोक्साम 12.6% + लैम्ब्डा साइहेलोथ्रिन 9.5% ZC @ 80 मिली/एकड़ या स्पिनोसेड 45% SC @ 75 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें।

  • जैविक उपचार के रूप में बवेरिया बेसियाना @ 500 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें।

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इंतजार की घड़ियां हुई खत्म, बस आने ही वाली है पीएम किसान योजना के 2000 रुपये

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana

पूरे देश के किसान ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के अंतर्गत आने वाली 8वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बहरहाल अब किसानों के इंतजार की घड़ियां ख़त्म होने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद 8वीं किस्त जारी करने की तारिख तय कर दी है।

बता दें कि 14 मई को पूरे देश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 2000 रुपये की 8वीं किस्त जारी कर दी जाएगी। इस प्रक्रिया को शुरू करने के लिए पीएम मोदी किसानों को सम्बोधित भी करेंगे और किसानों से से संबंधित विषयों पर वार्ता भी करेंगे।

स्रोत: कृषि जागरण

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अरब सागर में उठे समुद्री तूफ़ान ताऊ ते से किन राज्यों में होगी बारिश, जानें मौसम पूर्वानुमान

storm in Arabian Sea Tauktae

अरब सागर में एक समुद्री तूफ़ान आने वाला है जिसका नाम है ‘ताऊ ते’ और इस तूफ़ान की वजह से आने वाले कुछ दिनों में पश्चिमी राज्यों में भारी बारिश की संभावना बन रही है। केरल, कर्णाटक सहित लक्ष्यदीप में इसका काफी असर देखने की मिलेगा। 15 और 16 मई से महाराष्ट्र के तटों पर भी बारिश हो सकती है। मुंबई तथा आसपास के इलाकों में 17 से 19 मई के बीच बारिश संभव है। 18 से 21 मई के बीच गुजरात के कई भागों में हो सकती है बारिश। आने वाले दिनों में जैसे जैसे यह तूफ़ान आगे बढ़ेगा वैसे वैसे इसका प्रभाव भी बढ़ सकता है जिसके कारण मध्य प्रदेश के पश्चिमी जिलों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर

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मुफ्त मिलेंगे दालों के उन्नत बीज, उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने लिया फैसला

Seeds of pulses will be given free

भारत दालों के उत्पादन में पूरी दुनिया में पहले स्थान पर है। इसके बाद भी भारत में दाल की खपत इतनी ज्यादा है की दाल आयात भी करना पड़ जाता है। इसी वजह से सरकार दलहन फसलों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना चाहती है और इसके लिए विशेष रणनीति भी बनाई गई है।

इस रणनीति के तहत किसानों को दलहनी फसलों के प्रमाणित बीज मुफ्त दिए जाएंगे। केन्द्रीय व राज्य एजेंसियां द्वारा बीजों के मिनी किट 15 जून 2021 तक जिला स्तर पर निर्धारित केंद्र तक पहुंचा दी जाएगी जहाँ से यह किसानों को दी जाएगी।

स्रोत: किसान समाधान

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एकीकृत खेती करने से किसानों को मिलते हैं कई प्रकार के फायदे

Integrated Farming and its benefits
  • यह एक ऐसी तकनीक है जिससे किसान पूरे वर्ष आमदनी ले सकते है।

  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत (इंटीग्रेटेड) फार्मिंग सिस्टम प्रणाली काफी लाभकारी है।

  • एकीकृत खेती का मूल यह है कि किसान की जमीन का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए।

  • इस तकनीक में किसान खेती के साथ साथ मछली पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन आदि भी कर सकते हैं।

  • इसमें एक घटक दूसरे घटक के उपयोग में लाया जाता है।

  • एकीकृत खेती से अधिक मुनाफा कमा सकते है साथ ही कृषि लागत भी कम कर सकते हैं।

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गर्मियों में सब्जियों की खेती करें तो इन बातों का रखें ख़ास ख्याल

If you cultivate vegetables in summer take special care of these things
  • ग्रीष्मकाल में जिस प्रकार तापमान में बढ़ोतरी होती है इसके कारण सब्जी वर्गीय फसलों को बहुत नुकसान पहुँचता है।

  • गर्मियों में सब्जियां उगाने के लिए पहले से तैयार किये गये पौधों का उपयोग करना चाहिए।

  • सब्जी वर्गीय फसलों को गर्मियों में नेट या पॉली हाउस में लगाने से फसलों में नुकसान कम होता है।

  • ध्यान रखें की सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था हो ताकि तापमान बढ़ने के बाद भी फसल में पानी की कमी के कारण तनाव की स्थिति ना हो पाए।

  • फूल एवं फल वृद्धि के लिए समय समय पर बेहतर पोषण देने के उपाय करते रहना चाहिए।

  • गर्मियों में कद्दू वर्गीय फसलें जैसे मिर्च, टमाटर, बैंगन आदि की बुआई कर सकते हैं।

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महिलाओं को इस योजना के अंतर्गत मिलते हैं 5000 रुपये

Women get 5000 rupees under this scheme

सरकार महिलाओं के लिए कई ख़ास योजनाएं चला रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को लाभ मिलता है। यह योजना साल 2017 में की गयी थी। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकार की तरफ से 5000 रु की आर्थिक मदद दी जाती है। यह रकम महिलाओं को तीन किस्तों में मिलता है।

इस योजना का लाभ दिहाड़ी मजदूरी पर काम करने वाली महिलाएं ले सकती हैं या फिर आर्थिक तौर पर कमजोर महिलाएं भी इस योजना से लाभ ले सकती हैं। इस योजना का आवेदन आप घर बैठे कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए www.Pmmvy-cas.nic.in पर लॉगिन करें और उसके बाद आवेदन करें।

स्रोत: गुड रिटर्न्स डॉट कॉम

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मध्य प्रदेश के इन इलाकों में हो सकती है बारिश, देखें मौसम पूर्वानुमान

Weather report

मध्य भारत के राज्यों में हालाँकि बारिश की ज्यादा गतिविधि नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा दक्षिणी राजस्थान में बारिश काफी कम होने की संभावना है। इसके साथ ही गुजरात का मौसम शुष्क ही बना रहेगा।

स्रोत : स्काईमेट वेदर

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कपास की फसल से लें जबरदस्त उपज, कपास समृद्धि किट का करें उपयोग

Cotton Samriddhi Kit

  • ‘कपास समृद्धि किट’ आपकी कपास की फसल का सुरक्षा कवच बनेगा। इस किट में आपको वो सब कुछ एक साथ मिलेगा जिसकी जरूरत कपास की फसल को होती है।

  • खेत की अंतिम जुताई के समय ग्रामोफोन ‘कपास समृद्धि किट’ को 5 टन अच्छी सड़ी हुई गोबर की खाद में प्रति एकड़ की दर से अच्छी तरह मिलाकर डालें और उसके बाद हल्की सिंचाई कर दें।

  • इस किट में लाभकारी बैक्टीरिया, कवकों एवं पोषक तत्वों का मिश्रण है इसका उपयोग खेत में बुआई के समय भुरकाव करने से फसल का विकास बहुत अच्छा होता है एवं पौधों को बहुत सी बीमारियों से बचाया जा सकता है। यह किट मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ाने में सहायता करती है।

  • आप कपास समृद्धि किट का इस्तेमाल ड्रिप के साथ भी कर सकते हैं इसके लिए कपास की ड्रिप समृद्धि किट है जो जल में पूर्णतः घुलनशील है एवं ड्रिप के लिए उपयोगी है।

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85% छोटे किसानों को मिलेगा लाभ, 10000 एफपीओ में खर्च होंगे 6865 करोड़ रुपये

FPO

पिछले दिनों कृषि भवन में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि व कृषि अवसंरचना निधि योजनाओं को लेकर परामर्श समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने भी में भाग लिया।

इस बैठक में कैलाश चौधरी ने कहा की “10 हजार एफपीओ की योजना के लिए 6865 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे 85 प्रतिशत छोटे किसानों को लाभ मिलेगा। छोटे किसानों का रकबा, उत्पादन-उत्पादकता बढ़ाने की दृष्टि से इन एफपीओ की बड़ी भूमिका होगी। सामूहिक रूप से सिंचाई, खाद-बीज आदि सुविधाएं मिलने से खेती की लागत कम होगी।”

बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की और इस दौरान कृषि मंत्रालय के अधिकारीगण एवं वर्चुअल माध्यम से परामर्श समिति के सदस्य सांसदगण उपस्थित रहे।

स्रोत: कृषि जागरण

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