मध्यप्रदेश मंडियों में क्या चल रहे टमाटर के भाव?

आज मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे बड़वानी, खरगोन, देवास, धार और हाटपिपलिया आदि में क्या चल रहे हैं टमाटर के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

विभिन्न मंडियों में टमाटर के ताजा मंडी भाव

कृषि उपज मंडी

न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

बड़वानी

1300

1300

छिंदवाड़ा

600

800

देवास

700

1200

देवास

800

1500

धार

1900

2050

धार

1900

2050

हाटपिपलिया

1400

2200

हाटपिपलिया

1600

2000

खरगोन

500

1000

सेंधवा

1500

2000

सिराली 3000 3000

स्रोत: एगमार्कनेट प्रोजेक्ट

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जानिए, टमाटर के साथ गेंदा अंतरवर्ती फसल लेने के फायदे?

  • टमाटर की फसल में गेंदे की फसल एक ट्रैप फसल होती है जिसमे फल छेदक इल्ली के वयस्क, टमाटर की तुलना में गेंदे के फूलों पर अधिक आकर्षक होते है और अंडे देते हैं। इससे फल छेदक के प्रकोप से टमाटर की फसल को बचा सकते है 

  • ट्रैप पंक्ति (गेंदे) और टमाटर पर, लार्वा के प्रकोप का अनुपात 3:1 है।  

  • इससे मुख्य फसल में कम क्षति देखी गयी है। लेकिन गेंदे (जाल) पर उच्च लार्वा आकर्षित हुए। यह अन्य उपचारों की तुलना में काफी बेहतर है। इसमें खर्च भी कम आती है है और फसल भी प्रभावित नहीं होता है, साथ ही गेंदे का भी उत्पादन होता है जिससे भी लाभ कमा सकते है।

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जानिए, धान की रोपाई करते समय खेत को मचाना क्यों जरूरी है?

धान की खेती गहरे पानी में की जाती है। धान के पौधों की रोपाई से पहले पडलिंग (Puddling) की प्रक्रिया बेहद जरुरी होती है। यह एक तरह से खेत की गीली जुताई होती है। इसके लिए खेत की अंतिम जुताई के बाद खेत में पानी भरकर देशी हल, प्लाऊ या कल्टीवेटर की मदद से मिट्टी को अच्छी तरह मथा जाता है। इससे मिट्टी नरम हो जाती है तथा रोपाई में आसानी होती है। पडलिंग की प्रक्रिया से पौधों को आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता आसानी से हो जाती है। वहीं मिट्टी की उर्वरक क्षमता में इजाफा होता है।

धान की खेती के लिए पडलिंग का महत्व

  • यह खेत की तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

  • भूमि में कीचड़ मचाने की प्रक्रिया से मिट्टी की गुणवत्ता में स्थायी सुधार होता है। 

  • इससे वर्षा के जल के संरक्षण में मदद मिलती है एवं सिंचाई के जल को कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है।

  • पडलिंग से मिट्टी के कटाव में कमी आती है। इससे पौधों के स्थापित होने में मदद मिलती है। मिट्टी के पडलिंग से धान की रोपाई में सटीकता आती है। 

  • इस प्रक्रिया से, मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है तथा पौधों को समान मात्रा में सिंचाई का जल मिलता है।

  • खरपतवार नियंत्रण रहता है।

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मध्य प्रदेश राजस्थान समेत कई राज्यों में होगी भारी से अति भारी बारिश

know the weather forecast,

बंगाल की खाड़ी में एक के बाद एक निम्न दबाव के क्षेत्र बनेंगे जो मध्य भारत की ओर चलते हुए गुजरात तक पहुंचेंगे। ओडिशा छत्तीसगढ़ तेलंगाना महाराष्ट्र मध्य प्रदेश के कई भागों सहित दक्षिणी राजस्थान गुजरात मुंबई और देश के पश्चिमी तटों पर भारी बारिश की संभावना है। उत्तर भारत के राज्यों में हल्की वर्षा हो सकती है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना पर मिल रही बंपर सब्सिडी

Bumper subsidy on setting up of custom hiring centers

देशभर में कस्टम हायरिंग केंद्रों को स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसे स्थापित करने का उद्देश्य खेती में आधुनिक कृषि यंत्रो को बढ़ावा देना है, ताकि हर किसान कम दरों पर कृषि यंत्रों का लाभ उठा सकें। इसके साथ ही कस्टम हायरिंग केंद्रों के जरिए ग्रामीणों को भी रोजगार प्राप्त होगा। इसकी स्थापना के लिए सरकार किसानों, ग्राम पंचायतों, उद्यमियों और सहकारी समितियों को अनुदान भी दे रही है। 

इसी क्रम में मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में 3,000 नये कस्टम हायरिंग केंद्रों को स्थापित करने का ऐलान किया है। इस योजना के तहत सरकार कस्टम हायरिंग केंद्रों की स्थापना पर किसानों को 25 लाख तक का अनुदान दे रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण इस योजना से फायदा उठा सकें। इसके अलावा इस योजना से लोन पर 3% का एक्स्ट्रा ब्याज सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाने के लिए सरकार 4 नये कौशल विकास केंद्र शुरू करने की भी तैयारी कर रही है।

स्रोत: किसान समाधान

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बिजली उपभोक्ताओं को सरकार का तोहफा, होगा 780 रूपए तक का लाभ

Government's gift to electricity consumers there will be a benefit of up to Rs 780

राजस्थान सरकार राज्य के बिजली उपभोगक्ताओं के लिए एक तोहफा लेकर आई है। इसके तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में 780 रूपए तक का फायदा होगा। इस योजना में बीपीएल, लघु घरेलु और सामान्य घरेलु उपभोक्तओं को शामिल किया गया है। जिन्हें प्रति यूनिट बिजली दर के हिसाब से बिजली बिल में 256 रूपए से लेकर अधिकतम 780 रूपए तक का लाभ होगा।

इस योजना के तहत 50 यूनिट बिजली खर्च करने पर उपभोक्ता को एक भी रूपए नहीं भरने होगें। कहने का मतलब यह है कि 50 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर न तो उसका फिक्स चार्ज भरना होगा और न ही टैक्स या और कुछ देना पड़ेगा। वहीं इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा राज्य के बीपीएल और लघु घरेलू उपभोक्ताओं को होगा। वो इसलिए क्योंकि पहले से ही इन उपभोगक्ताओं को आम उपभोक्ताओं के मुकाबले प्रति यूनिट बिजली दर सस्ती मिल रही है। जहां इस योजना के बाद अब इन उपभोक्ताओं को दोगुना लाभ मिलेगा।

स्रोत: भास्कर

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कई राज्यों में तेज बारिश की संभावना, देखें मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

पंजाब हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश हो रही है। अब राजस्थान तथा दिल्ली में भी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा बिहार का मौसम अभी शुष्क बना रहेगा। मुंबई में हल्की से माध्यम बारिश जारी रहेगी।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गेहूँ भाव में दिखी कितनी तेजी?

wheat mandi rates

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे खातेगांव, झाबुआ, कालापीपल, करहिस और शामगढ़ आदि में क्या चल रहे हैं गेहूँ के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

मंडी का नाम

न्यूनतम मूल्य (रु./क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (रु./क्विंटल)

झाबुआ

2150

2150

कालापीपल

1780

2025

कालापीपल

1850

2120

करहिस

2020

2020

खातेगांव

1980

2140

शामगढ़

1900

2020

स्रोत: एगमार्कनेट

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मध्यप्रदेश की चुनिंदा मंडियों में क्या चल रहे प्याज़ के ताजा भाव ?

Indore onion Mandi Bhaw

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे देवास, मन्दसौर, हाटपिपलिया, होशंगाबाद, हरदा और सांवेर आदि में क्या चल रहे हैं प्याज़ के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

मंडी का नाम

न्यूनतम मूल्य (रु./क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (रु./क्विंटल)

ब्यावरा

400

800

देवास

400

1500

हाटपिपलिया

900

1200

हरदा

750

800

होशंगाबाद

1200

1750

मन्दसौर

384

1212

पिपरिया

400

1600

सांवेर

825

1225

स्रोत: एगमार्कनेट

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कपास की फसल में 40-45 दिन की अवस्था में पोषक तत्व प्रबंधन?

  • कपास की फसल की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों का होना आवश्यक है। यदि मिट्टी में ये पोषक तत्व फसल की आवश्यकता के अनुसार नहीं हैं तो, फसल बुवाई से पहले या जब भी फसल में उनकी कमी दिखाई देती है, ऐसे में अच्छी फसल प्राप्त करने के लिए उचित मात्रा में पोषक तत्व देना आवश्यक है।

  • कपास जब 40 से 45 दिन की हो जाये तब यूरिया 30 किलो + एम ओ पी 30 किग्रा + मैग्नीशियम सल्फेट 10 किग्रा को आपस में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से मिट्टी में मिलाएं। 

  • 2 दिन बाद फूल लगने में मदद के लिए गोदरेज डबल (होमोब्रासिनोलॉइड 0.04 % डब्ल्यू/डब्ल्यू) 100 मिली + न्यूट्री फूल मैक्स (फुल्विक एसिड का अर्क- 20% + कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटाश ट्रेस मात्रा में- 5% + अमीनो एसिड) @ 250 मिली, प्रति एकड़ 150 से 200 लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें। प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें।

    महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए रोजाना पढ़ते रहें ग्रामोफ़ोन के लेख। आज की जानकारी पसंद आई हो तो लाइक और शेयर करना ना भूलें।

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