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हल्दी, अदरक, केला, गन्ने आदि की फसल में मिट्टी चढ़ाना एक बहुत महत्वपूर्ण अंतःसस्य क्रिया है।
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इस प्रक्रिया को किसानों के लिए आसान बनने हेतु ग्रामोफोन लेकर आया है कई खूबियों वाला इंटर कल्टीवेटर।
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यह मशीन हल्दी, अदरक, केला, गन्ने की फसल में मिट्टी चढाने की प्रक्रिया में बहुत लाभकारी होता है।
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इस मशीन में चार स्ट्रोक इंजन होता है एवं यह जमींन के अंदर 4 सेंटीमीटर से लेकर 5.7 सेंटीमीटर तक गहराई में जाकर मिट्टी पलटता है।
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यह डीज़ल से चलने वाली मशीन होती है और इसका डीज़ल टैंक 3.5 लीटर तक का होता है।
इंदौर की मंडी में क्या है अलग अलग फसलों के भाव
फसल | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
डॉलर चना | 3010 | 6700 |
गेहु | 1451 | 1997 |
चना मौसमी | 3665 | 5320 |
सोयाबीन | 1290 | 4995 |
मसूर | 4920 | 5100 |
बटला | 3695 | 3825 |
तुअर | 5725 | 5725 |
धनिया | 5410 | 5410 |
मिर्ची | 5800 | 12860 |
सरसों | 1500 | 5280 |
प्याज के भाव | ||
नई लाल प्याज (आवक 15000 कट्टे ) 2500 – 4100 ₹ | ||
किस्मे | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
सुपर | 3600 | 3900 |
एवरेज | 3000 | 3500 |
गोलटा | 2800 | 3300 |
गोलटी | 1800 | 2400 |
छाटन | 400 | 1800 |
लहसन के भाव | ||
आवक – 22000+ कट्टे | ||
किस्मे | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
सुपर ऊटी | 6000 | 7000 |
देशी मोटा | 5000 | 6000 |
लड्डू देशी | 3800 | 4800 |
मीडियम | 3800 | 3500 |
बारीक | 800 | 1500 |
हल्की | 800 | 2000 |
नया आलु | ||
आवक – 28000 + कट्टे | ||
किस्मे | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
चिप्स | 800 | 1000 |
ज्योति | 900 | 1050 |
गुल्ला | 700 | 800 |
छर्री | 200 | 350 |
छाटन | 600 | 900 |
सब्जियों के भाव | ||
फसल | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
भिन्डी | 1500 | 3500 |
लौकी | 1500 | 2500 |
बेंगन | 400 | 1000 |
पत्ता गोभी | 200 | 400 |
शिमला मिर्च | 1500 | 3500 |
गाजर | 400 | 800 |
फुल गोभी | 400 | 1000 |
हरा धनिया | 600 | 1000 |
खीरा | 1000 | 2000 |
अदरक | 600 | 1600 |
हरी मिर्च | 1500 | 3000 |
मैथी | 600 | 1000 |
प्याज | 1500 | 4000 |
पपीता | 800 | 1600 |
आलू | 200 | 1100 |
कद्दू | 400 | 800 |
पालक | 400 | 1000 |
टमाटर | 200 | 1000 |
मिलने वाली है पीएम किसान योजना की आठवीं क़िस्त, अपना नाम लिस्ट में ऐसे चेक करें
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जल्द किसानों को आठवीं क़िस्त मिलने वाली है। सरकार मार्च महीने के अंत तक किसानों के बैंक खाते में यह क़िस्त भेज देगी। ग़ौरतलब है की इस योजना की सातवीं क़िस्त 20 दिसंबर 2020 को जारी की गई थी।
इस योजना के अंतर्गत किसानों को एक साल में 6000 रुपये के तीन क़िस्त जारी किये जाते हैं। ये क़िस्त 2000 रूपये के होते हैं। अगर आप इस योजना के लाभार्थी हैं और यह जानकारी प्राप्त चाहते हैं की ये 8वीं किस्त आपको मिलेगी या नहीं तो इसकी जानकारी आप आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
इसके लिए पीएम किसान की वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर मौजूद ‘Farmers Corner’ में जाएँ। यहाँ ‘Beneficiary Status’ विकल्प पर क्लिक करें। इससे एक पेज खुलेगा जहाँ आप आधार नंबर, बैंक खाता संख्या व मोबाइल नंबर के माध्यम से यह जान सकते हैं की आपके बैंक खाते में पैसे आए या नहीं।
स्रोत: ज़ी न्यूज़
Shareमध्यप्रदेश में 21 फ़रवरी से थम जाएगा बारिश का दौर, जानें मौसम पूर्वानुमान
मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बरसात का दौर जारी है। 20 फ़रवरी के बाद बारिश का ये दौर थम जाएगा और मौसम साफ़ हो जाएगा। 21 फरवरी से 25 फरवरी के बीच मध्य प्रदेश के तक़रीबन सभी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
वीडियो स्रोत: स्काईमेट वेदर
Shareतरबूज की अंकुरण अवस्था में फसल का कवक रोगों से कैसे करें बचाव
- तरबूज की बुआई के बाद 10 से 15 दिनों में फसल की अंकुरण अवस्था होती है।
- अंकुरण की शुरूआती अवस्था में तरबूज की फसल में कवक रोगों का नियंत्रण बहुत आवश्यक होता है।
- इस अवस्था में कवक रोगों के नियंत्रण के लिए जैविक उपचार के रूप में स्यूडोमोनास फ्लोरोसेंस @ 250 ग्राम/एकड़ या ट्रायकोडर्मा विरिडी @ 500 ग्राम/एकड की दर से उपयोग करें।
- रासायनिक उपचार के रूप में क्लोरोथालोनिल 75% WP@ 400 ग्राम/एकड़ की दर से छिड़काव करें।
- अंकुरण अवस्था में तरबूज की फसल में पत्तियों के पीले होने व पौध के जलने की समस्या बढ़ने की संभावना होती है।
मूंग की इन उन्नत किस्मों की खेती से मिलेगी जबरदस्त उपज, जानें इनकी विशेषताएं
- PDM139 सम्राट (प्रसाद), PDM139 सम्राट (ईगल), PDM139 सम्राट (अवस्थी): ये तीनो मूंग की बेहद उन्नत किस्में मानी जाती हैं। इनकी फसल अवधि 55 से 60 दिनों की होती है। ये किस्में गर्मी एवं बसंत ऋतू की मुख्य किस्में हैं। इन किस्मों का कुल उत्पादन 5 से 6 क्विण्टल की दर से होता है। ये किस्में येलो मोजेक वायरस के प्रति प्रतिरोधी होती हैं एवं इनका दाना चमकीले हरे रंग का होता है।
- IPM205 विराट: यह किस्म भी मूंग की एक उन्नत किस्म है और इसकी फसल अवधि 52 से 55 दिनों की होती है। यह किस्म गर्मी एवं बसंत ऋतू की मुख्य किस्म है और इसका कुल उत्पादन 4 से 5 क्विण्टल तक होता है। इस किस्म के पौधे सीधे तथा बौने होते हैं तथा इसके दाने बड़े होते हैं।
- Hum-1(अरिहंत): यह मूंग की बहुत उन्नत किस्म है। इसकी फसल अवधि 60 से 65 दिन की होती है। यह किस्म गर्मी एवं बसंत ऋतू की मुख्य किस्म है और इसका कुल उत्पादन 3 से 4 क्विण्टल तक रहता है।
भिंडी की फसल में जरूर करें मिट्टी उपचार, मिलेंगे कई फायदे
- बुआई के समय भिंडी की फसल में मिट्टी उपचार करने से मिट्टी जनित रोगों एवं कीटों से फसल की रक्षा होती है।
- बुआई के समय यह प्रक्रिया अपनाने से अंकुरण के समय भिंडी के बीजों का अंकुरण प्रतिशत बहुत अच्छा हो जाता है।
- FYM या वर्मी कम्पोस्ट से मिट्टी उपचार करने से मिट्टी हवादार हो जाती है।
- किसी भी रासायनिक या जैव उर्वरक से मिट्टी उपचार करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की पूर्ति आसानी से हो जाती है।
- इससे फसल उत्पादन बहुत हद तक बढ़ जाता है एवं फसल रोगरहित पैदा होती है।
- साथ ही अंकुरण अवस्था में लगने वाले कवक रोगों से अंकुरित पौध को सुरक्षा भी मिलती है।
मध्यप्रदेश में एक ही दिन शुरू होगी गेहूँ, चना, सरसों एवं मसूर की खरीदी
रबी फसलों की कटाई का समय आ गया है। किसान गेहूँ की कटाई अब शुरू करने वाले हैं। फसल कटाई की तैयारियों को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने उपज खरीदने की तारीखों की भी घोषणा कर दी है। आने वाले महीने मार्च की 15 तारीख से सरकार खरीदी प्रक्रिया शुरू कर देगी।
इस बाबत मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा कि “15 मार्च से गेहूँ के साथ चना, सरसों, मसूर की खरीद भी होगी और खरीद की सीमा को भी बढ़ा दिया गया है।” उन्होंने आगे कहा की “गेहूँ के साथ ही चना, सरसों, मसूर की खरीदी शुरू होने से किसानों को समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम मिलेगा।
स्रोत: न्यूज़ 18
Shareअगले 24 घंटे में मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों में फिर होगी बारिश
पिछले कुछ दिनों से देश के कई क्षेत्रों में मौसम ने करवट ले ली है। मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश के साथ साथ ओले गिरने की भी खबर आई है। आने वाले 24 घंटे में भी बारिश होने के आसार बताये जा रहे हैं।
आने वाले 24 घंटों के दौरान मध्यप्रदेश के साथ साथ छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है साथ ही कहीं कहीं गरज के साथ बौछारें गिरने के भी आसार हैं। इन क्षेत्रों में कहीं कहीं ओले गिरने की भी संभावनाएं हैं।
स्रोत: कृषि जागरण
Shareभिंडी की फसल से अच्छी उपज प्राप्ति के लिए जरूरी है बीज उपचार
- बुआई के पूर्व भिंडी की बीजों का बीज़ उपचार करने से कई प्रकार के कीट तथा रोगों के प्रकोप से बीजों का बचाव होता है।
- बीज़ उपचार करने से भिंडी के बीजों का अंकुरण बहुत अच्छा होता है।
- रासायनिक उपचार: बुआई से पहले भिंडी के बीजों को कवकनाशी कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोज़ेब 63% WP@ 2.5 ग्राम/किलो बीज या कार्बोक्सिन 37.5% + थायरम 37.5% DS @ 2.5 ग्राम/किलो बीज या कीटनाशी इमिडाक्लोप्रिड 48% FS @ 4 मिली/किलो बीज या थियामेंथोक्साम 30% FS@ 4 मिली/किलो बीज से बीज उपचार करें।
- जैविक उपचार: ट्रायकोडर्मा विरिडी @ 5 ग्राम + PSB बैक्टेरिया @ 2 ग्राम/किलो बीज या स्यूडोमोनास फ्लोरोसेंस @ @ 5 ग्राम/किलो बीज की दर से बीज उपचार करें।
- इस बात का विशेष ध्यान रखें की बीज उपचार के बाद उपचारित बीजों को उसी दिन बुआई के लिए उपयोग करें। उपचारित बीजों को संगृहीत करके ना रखें।