सरकार देगी 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी, किसान बनवा सकते हैं अपने तालाब

Farm Pond Scheme

देश के कई राज्यों में सिंचाई के लिए पानी की अनुपलब्धता देखने को मिलती है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए ही प्रदेश सरकार बलराम तालाब योजना चला रही है जिसकी मदद से किसान सरकारी सब्सिडी पर स्वयं का तालाब बना सकते हैं और अपने खेतों को सिंचित रख सकते हैं।

इस योजना के अंतर्गत किसान स्वयं के खर्च पर तालाब बनवा सकते हैं और सरकार से 80 हजार से 1 लाख रुपये त‍क की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं। बता दें की इस योजना वर्ष 2007 में शुरू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने 6144 तालाब बनाने का लक्ष्‍य निर्धारित किया है। इन तालाबों के निर्माण कार्य पर 5308.34 लाख रुपये की सब्सिडी सरकार देने वाली है।

अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं, इसी के आधार पर किसान का पंजीयन होगा। पंजीयन के बाद जिला कृषि उप संचालक से तालाब की तकनीकी मंजूरी मिलने और जिला पंचायत से प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद ही तालाब निर्माण कार्य शुरू होता है। यह ध्यान रखें की इस योजना में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को सब्सिडी दी जाती है।

स्रोत: किसान तक

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तालाब निर्माण के लिए किसानों को मिलेगा 80 हजार रूपए का अनुदान

Balram Talab Yojana

पानी के बिना खेतीबाड़ी संभव नहीं है। वहीं लगातार गिरते भू जल स्तर की वजह से किसानों को पानी की कमी से जूझना पड़ रहा है। इसके चलते कई बार खेतों में सिंचाई भी नहीं हो पाती है और फसलें खराब हो जाती हैं। हालांकि इस समस्या से निपटने के लिए मध्यप्रदेश सरकार बलराम तालाब योजना चला रही है। यह योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चलाई जा रही है।

इस योजना के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों को तालाब निर्माण के लिए अनुदान दिया जाता है। इन तालाबों का उपयोग बारिश के पानी को इकट्ठा करने में किया जाता है। जो पानी बाद में खेत की सिंचाई करने के काम आता है। इन तालाबों द्वारा पर्याप्त पानी उपलब्ध होने की वजह से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। इसके चलते किसानों को अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है।

इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रदेश शासन की आधिकारिक वेबसाइट dbt.mpdage.org पर जाकर ऑनलाइन आवदेन करना होगा। बता दें कि यह अनुदान आवेदकों की श्रेणी के अनुसार दिया जाता है। जहां लघु या सीमांत किसान को 50% की अधिकतम अनुदान राशि 80 हजार रूपए और अनुसूचित जाती या अनुसूचित जनजाति श्रेणी के किसानों को 75% की अधिकतम अनुदान राशि 1 लाख रूपए प्रदान की जाती है। इसके अलावा सामान्य श्रेणी को 40% की अधिकतम राशि 80 हजार रूपए दी जाती है।

स्रोत: कृषक जगत

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