दुर्घटना होने पर किसानों को मिलेगा पैसा, इस योजना से मिलेगा लाभ

Farmers will get money in case of accident, benefit from this scheme

दुर्घटनाएं कभी भी हो सकती हैं और दुर्घटनाओं की वजह से किसानों की मृत्यु और आंशिक या स्थायी अपंगता हो जाने पर कई सारी परेशानियों का सामना पूरे परिवार को करना पड़ता है। किसानों और उनके परिवारों की इस परेशानी को कम करने और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए राज्य सरकारें अपने अपने स्तर पर कई योजनाएं चलाती हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना।

मुख्यमंत्री गहलोत द्वारा शुरू की गई यह योजना किसानों के लिए संजीवनी की तरह है। प्रदेश में हर साल कृषि कार्यों को करते समय कई हादसे होते हैं और किसानों की मृत्यु या फिर विकलांगता भी हो जाती है। ऐसे सभी किसानों को इस योजना से आर्थिक संबल मिलता है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट www.rajasthan.gov.in पर जाएं और होमपेज पर मौजूद “ऑनलाइन आवेदन करें” बटन पर क्लिक करें। इससे आपके सामने आवेदन पत्र पृष्ठ स्क्रीन आ जायेगा। इस फॉर्म में विवरण दर्ज करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर के सबमिट बटन पर क्लिक करें।

स्रोत: कृषि जागरण

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इंदौर मंडी में 3 मार्च को क्या रहे प्याज भाव?

Indore onion Mandi Bhaw

वीडियो के माध्यम से जानें आज यानी 3 मार्च के दिन इंदौर के मंडी में क्या रहे प्याज के मंडी भाव?

वीडियो स्रोत: यूट्यूब

अब ग्रामोफ़ोन के ग्राम व्यापार से घर बैठे, सही रेट पर करें अपनी लहसुन-प्याज जैसी फसलों की बिक्री। भरोसेमंद खरीददारों से खुद भी जुड़ें और अपने किसान मित्रों को भी जोड़ें।

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नींबू में डाइबैक रोग की पहचान एवं नियंत्रण के उपाय

Measures for identification and control of dieback disease in lemon
  • प्रिय किसान भाइयों, भारत में उगाए जाने वाले सभी फलों में से नींबू प्रजाति के फलों का एक प्रमुख स्थान है, नींबू वर्ग के अंतर्गत माल्टा, किन्नो, संतरा, मौसमी, नींबू आदि आते हैंl

  • इन फलों के वृक्षों में होने वाले प्रमुख रोगों में से एक रोग है डाइबैक रोग जिसे विदर टिप के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग नींबू की फसल को काफी नुकसान पहुंचाता है। 

  • लक्षण: इस रोग के प्रमुख लक्षण आसानी से पहचाने जा सकते हैं जैसे – पत्तियां पीली होने लगती हैं। शाखाएं ऊपर से नीचे की ओर सूखने लगते हैं। पौधों की वृद्धि रुक जाती है। फूल एवं फल कम आते हैं और अंत में पौधा पूरा सूख जाता है। पौधों की जड़ें देखने पर काले रंग की दिखाई देती है।

  • प्रबंधन: रोगग्रस्त शाखाओं को काटकर बोर्डों मिश्रण या कॉपर युक्त कवकनाशी से लेप करें।   

  • फरवरी एवं अप्रैल माह में सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करें। 

  • यूरिया खाद का 100 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी का घोल बनाकर पौधों के ओज बढ़ाने के लिए छिड़काव करना चाहिए। 

  • मोनास कर्ब (स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस) @ 50 ग्राम/टैंक की दर से छिड़काव करें।    

  • ब्लू कॉपर (कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 % डब्ल्यूपी) @ 3 ग्राम या एम-45 (मैंकोज़ेब 75 % डब्ल्यूपी) @ 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिकड़ाव करें।

  • आवश्यकता होने पर 15 से 20 दिनों के अंतराल पर कवकनाशी का दोबारा छिड़काव करें।

अपने खेत को ग्रामोफ़ोन एप के मेरे खेत विकल्प से जोड़ें और पूरे फसल चक्र में पाते रहें स्मार्ट कृषि से जुड़ी सटीक सलाह व समाधान। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों संग साझा करें।

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कई राज्यों में मेघ गर्जना के साथ बारिश के आसार, देखें मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

पंजाब हरियाणा दिल्ली सहित राजस्थान के कई जिलों में बारिश और मेघ गर्जना जारी रहेगी। पहाड़ों पर हिमपात जारी रहने की संभावना है। 6 और 7 मार्च को पहाड़ों पर भारी हिमपात संभव है। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र तमिलनाडु सहित दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल तथा दक्षिणी आंध्र प्रदेश में तेज बारिश देगा।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

मौसम सम्बंधित पूर्वानुमानों की जानकारियों के लिए रोजाना ग्रामोफ़ोन एप पर जरूर आएं। नीचे दिए गए शेयर बटन को क्लिक कर इस लेख को अपने मित्रों के साथ भी साझा करें।

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31 मार्च तक नहीं हुई ई-केवाईसी तो नहीं मिलेगा पीएम किसान योजना का लाभ

Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पंजीकृत हो चुके किसानों को ई-केवाईसी करना जरूरी है और इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत सभी लाभार्थी किसानों को आगामी 31 मार्च तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर वेरिफिकेशन करवाना जरूरी होगा।

ई-केवाईसी का यह काम पीएम-किसान पोर्टल और संबंधित ऐप से मुफ्त में किया जा सकता है। इसके साथ ही कामन सर्विस सेंटर से भी यह वेरिफिकेशन का काम हो सकता है। इस बाबत सरकार द्वारा कृषि विभाग के सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है की विशेष जागरूकता अभियान चलाएं और किसानों को जागरूक करें।

स्रोत: दैनिक जागरण

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मोती की खेती कर देगी मालामाल, लागत से ज्यादा होगा मुनाफ़ा

आजकल बहुत सारे किसान अपनी कृषि में नवाचार ला कर अपनी आमदनी को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के एक किसान ने भी अपनी खेती में नवाचार ला कर बढियाँ मुनाफ़ा प्राप्त किया है। ये किसान हैं खंडवा जिले के सुरेंद्रपालसिंह सोलंकी जिन्होंने मोती की खेती कर के जबरदस्त मुनाफ़ा कमाया है।

बता दें की प्राकृतिक मोती के उत्पादन हेतु मोती की खेती की जाती है। इसकी खेती तालाब में होती है और इसके लिए लगभग दस गुना दस साइज के तालाब की जरुरत पड़ती है। इसकी खेती के लिए सीपियों को एकत्रित कर के हर सीपी में छोटी-सी शैली क्रिया किया जाता है। इसके बाद इनके अंदर 4 से 6 मीटर व्यास वाले साधारण या फिर डिजाइन वाले बीड जैसे गणेश, बुध, पुष्पक आकृति डाले जाते हैं और फिर सीपी बंद कर दिया जाता है।

इसके बाद सीपियों को नायलान बैग के अंदर 10 दिनों तक एंटीबायोटिक व प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है साथ ही रोजाना इनका निरीक्षण भी किया जाता है। तालाब में डालने से पहले मोतियों को नायलॉन बैग में रखकर बाँस या फिर पीवीसी पाइप की मदद से लटकाया जाता है फिर तालाब में एक मीटर तक की गहराई में इसे छोड़ा जाता है।

इसके अंदर से निकलने वाला पदार्थ सीपी के चारों तरफ जमना शुरू हो जाता है और आखिर में मोती के रूप में आकार ले लेता है। इसकी खेती के लिए तालाब तैयार करने में 10 से 12 हजार रूपए का खर्च आता है और तालाब से प्राप्त हर प्रत्येक मोती की बाजार में कीमत 10 से 25 रूपये तक की रहती है।

स्रोत: कृषि जागरण

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2 मार्च को क्या रहे सोयाबीन भाव, देखें रतलाम मंडी का हाल

Mandsaur Mandi Soybean Rate,

सोयाबीन भाव में आज कितनी तेजी या मंदी देखने को मिली? वीडियो के माध्यम से देखें की आज मंडी में कैसा चल रहा है सोयाबीन का भाव !

स्रोत: यूट्यूब

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इंदौर मंडी में 2 मार्च को क्या रहे प्याज भाव?

Indore onion Mandi Bhaw

वीडियो के माध्यम से जानें आज यानी 2 मार्च के दिन इंदौर के मंडी में क्या रहे प्याज के मंडी भाव?

वीडियो स्रोत: यूट्यूब

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टमाटर की फसल को फल छेदक कीट से होगा नुकसान

Damage to tomato crop by fruit borer insect
  • किसान भाइयों टमाटर की फसल में फल छेदक कीट के प्रकोप से होने वाली क्षति आर्थिक रूप से बहुत अधिक नुकसान पहुंचाती है। 

  • कीट की पहचान: इस कीट का वयस्क भूरे रंग का तथा इल्ली हरे रंग की होती हैl इस कीट की सबसे हानिकारक अवस्था इल्ली ही होती है। 

  • क्षति के लक्षण: इसकी इल्ली शुरुआत में मुलायम पत्तियों पर हमला करती है तथा बाद में फलों के अंदर घुस कर अंदर से पूरे फल को नष्ट कर देती है। 

  • एक इल्ली करीब 8 से 10 फलों को नष्ट करने में सक्षम होती है।  

  • नियंत्रण: रासायनिक नियंत्रण के लिए इमानोवा (इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी) @ 100 ग्राम या टाकुमी (फ्लूबेन्डियामाइड 50% डब्ल्यूजी) @ 100 ग्राम या कौस्को (क्लोरानट्रानिलीप्रोल 18.5% एससी) @ 60 मिली या बाराजाइड (नोवालूरान 5.25% + इमामेक्टिन बेंजोएट 0.9% एससी) @ 600 मिली/एकड़ की दर से छिड़काव करें। 

  • जैविक नियंत्रण के लिए बवे कर्ब (बवेरिया बेसियाना) @ 500 ग्राम प्रति एकड़ की दर से उपयोग करें। 

  • इसके यांत्रिक नियंत्रण में फेरोमोन ट्रैप्स 10 नग प्रति एकड़ की दर से उपयोग करें।

फसल की बुआई के साथ ही अपने खेत को ग्रामोफ़ोन एप के मेरे खेत विकल्प से जोड़ें और पूरे फसल चक्र में पाते रहें स्मार्ट कृषि से जुड़ी सटीक सलाह व समाधान। इस लेख को नीचे दिए गए शेयर बटन से अपने मित्रों संग साझा करें।

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आज से कई राज्यों में भारी बारिश, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र

know the weather forecast,

बंगाल की खाड़ी में एक गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है जो श्रीलंका और तमिलनाडु की तरफ बढ़ेगा। इसकी वजह से तमिलनाडु में भारी तथा तेलंगाना, दक्षिणी आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश होगी। दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा तथा उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश के आसार है। पहाड़ों पर हिमपात और उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत हल्की बारिश संभव है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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