मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गेहूँ भाव में दिखी कितनी तेजी?

wheat mandi rates

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों जैसे खातेगांव, खटोरा, आगर और डबरा आदि में क्या चल रहे हैं गेहूँ के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

विभिन्न मंडियों में गेहूं के ताजा मंडी भाव

कृषि उपज मंडी

न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)

आगर

2000

2000

डबरा

2080

2080

खातेगांव

1800

2008

खटोरा

2015

2015

सेगांव

2110

2118

शाहगढ़

1915

1975

उमरिया

1700

2000

स्रोत: एगमार्कनेट

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इस योजना से किसानों को मिलेंगे 4000 रुपये

Crop Diversification Scheme

एक ही फसल की खेती करने से न सिर्फ किसान को बल्कि खेत की मिट्टी पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार बदल बदल कर फसल लगाने पर किसानों को जागरूक करती है। हरियाणा सरकार इसी उद्देश्य की पूर्ती के लिए फसल विविधीकरण योजना चला रही है।

दरअसल फसल विविधीकरण योजना के माध्यम से हरियाणा सरकार दलहन-तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक मदद भी दी जाती है। बता दें की हरियाणा सरकार फिलहाल इस योजना को दक्षिण हरियाणा के 7 जिलों में चला रही है।

इन 7 जिलों में भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, हिसार, झज्जर और नूंह शामिल हैं। सरकार की तरफ से किसानों को बाजरा की खेती छोड़ने पर लगभग 4 हजार रुपए प्रति एकड़ की वित्तीय मदद मिलेगी। इस योजना में मूंग, अरहर व उड़द जैसी दलहन फसलों के अलावा अरंड, मूंगफली व तिल जैसे तिलहन फसल को भी शामिल किया गया है।

स्रोत: कृषि जागरण

कृषि एवं किसानों से सम्बंधित लाभकारी सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारियों के लिए ग्रामोफ़ोन के लेख प्रतिदिन जरूर पढ़ें। इस लेख को नीचे दिए शेयर बटन से अपने मित्रों के साथ साझा करना ना भूलें।

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करें ग्रामोफ़ोन ऐप से खरीदी की शुरुआत, मुफ्त पाएं उन्नत कृषि उत्पाद

ग्रामोफ़ोन ऐप के माध्यम से आप बड़ी ही आसानी से अपने पसंदीदा कृषि उत्पाद खरीद सकते हैं और पक्के जीएसटी बिल के साथ फ्री होम डिलीवरी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्रामोफ़ोन ऐप से पहली और दूसरी खरीदी करने वाले किसानों को कुल ₹2350 MRP के जबरदस्त फसल पोषण प्रोडक्ट बिलकुल फ्री मिलेंगे।

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नोट: इंदौर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, खातेगांव क्षेत्र में ऑफर का लाभ उठाने के लिए नोवा या मैक्स के ₹500 के प्रोडक्ट की खरीदी अनिवार्य होगी

उपर्युक्त दोनों ऑफर्स का तुरंत लाभ उठाएं और खरीदारी के लिए ऐप के बाजार सेक्शन पर जाएँ।

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कपास की फसल में 20-25 दिन की अवस्था में पोषक तत्व प्रबंधन

कपास फसल से अच्छी पैदावार लेने के लिए पोषण हेतु आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा मिट्टी में होना आवश्यक है। अगर मिट्टी में ये पोषक तत्व फसल की आवश्यकतानुसार नहीं है और फसल लगाने के पूर्व या जब भी फसल इनकी कमी देखी जाए तो उनकी उचित मात्रा देना अच्छी फसल लेने के लिए परम आवश्यक है

कपास जब 20 से 25 दिन की हो जाये तब यूरिया 40 किलो + डीएपी 50 किग्रा + सल्फर 90% डब्ल्यू जी 5 किग्रा + जिंक सल्फेट 5 किग्रा को आपस में मिलाकर मिट्टी में मिलाएं। 

2 दिन बाद  19:19 :19 @1 किलो + नोवामैक्स (जिब्रेलिक एसिड 0.001%)@300 मिली प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करें।

अगर बुवाई के समय  कपास समृद्धि किट का उपयोग नहीं किये है, तो अभी इन खाद के साथ खेत में अवश्य ही डाले।

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अगले 10 दिन कई राज्यों में होगी भीषण बारिश, देखें मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

अगले 10 दिनों के दौरान देश के पश्चिमी तटों सहित मध्यप्रदेश, विदर्भ, उत्तरी मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। उत्तर तथा पूर्वी भारत में भी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी संभव है। तेलंगाना सहित उत्तरी आंध्र प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के असर दिखाई दे रहे हैं।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

मौसम सम्बंधित पूर्वानुमानों की जानकारियों के लिए रोजाना ग्रामोफ़ोन एप पर जरूर आएं। आज की जानकारी पसंद आई हो तो लाइक और शेयर जरूर करें।

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अगले हफ्ते किन फसलों के भाव में आएगी तेजी, देखें विशेषज्ञ समीक्षा

The prices of which crops will increase in the coming week

वीडियो के माध्यम से जानें आने वाले दिनों में किस फसल के भाव में आ सकती है तेजी।

वीडियो स्रोत: मार्केट टाइम्स टीवी

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सोयाबीन की फसल में खाद एवं उर्वरक प्रबंधन कैसे करें?

किसान भाइयों, सोयाबीन की उच्च पैदावार के लिए उचित पोषण प्रबंधन और उर्वरकों का प्रयोग बहुत आवश्यक है। सोयाबीन में पोषक तत्वों की मांग फसल बढ़वार से लेकर बीज भराव तक अधिकतम होती है। 

बुवाई के 1 सप्ताह पूर्व खेत की तैयारी करते समय गोबर की खाद 4 टन + कालीचक्र (मेट्राजियम) @ 2 किलोग्राम प्रति एकड़ मिट्टी में डालें।

बुवाई के समय सोयाबीन समृद्धि किट (एक किट प्रति एकड़) “किट में शामिल उत्पाद हैं – प्रो कॉम्बिमैक्स (एनपीके बैक्टीरिया का कंसोर्टिया) – 1 किलोग्राम + समुद्री शैवाल, अमीनो, ह्यूमिक (ट्राईकॉट मैक्स )- 4 किलोग्राम), सोयाबीन के लिए राइजोबियम (जैव वाटिका आर सोया)” – 1 किलोग्राम, प्रति एकड़ के हिसाब से अवश्य प्रयोग करें। 

साथ ही एमओपी 20 किलोग्राम, डीएपी 40 किलोग्राम, या (एसएसपी के साथ डीएपी 25 किलोग्राम), एसएसपी 50 किलोग्राम, अमोनियम सल्फेट/यूरिया एसएसपी के साथ 15/8 किलोग्राम), केलडान (कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड) 5 किलोग्राम या दंतोत्सु (क्लोथियानिडिन 50% डब्ल्यूडीजी 100 ग्राम, जिंक सल्फेट 3 किलोग्राम, सल्फर 90% डब्ल्यू जी 5 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से अवश्य प्रयोग करें।

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धान की फसल में सीधी बुवाई पद्धति में बियासी के फायदे

  • धान की अधिकांश खेती सीधी बुवाई विधि से की जाती है। इसमें वर्षा आरम्भ होने पर खेत की जुताई कर छिटकवां विधि से बीज बोने के पश्चात् देशी हल या पाटा चलाकर बीज ढँक दिया जाता है।

  • बुवाई के 30-35 दिन बाद, जब 10 से 15 इंच का पौधा हो जाता है, तथा 15-20 सेमी.पानी भरने के बाद, खड़ी फसल में बैल चालित हल से हल्की जुताई (बियासी) कार्य किया जाता है। 

  • इससे मिट्टी दलदली हो जाती है, जिससे फसलों की वृद्धि में मदद मिलती है। 

  • जहां प्रति इकाई अधिक पौधे हों वहां जुताई करने से पौधे जड़ से निकल आते हैं, उसके बाद जहां पौधों की संख्या कम हो वहां रोपाई की जा सकती है। 

  • अधिक उपज प्राप्त करने के लिए उन्नत बियासी करना आवश्यक है, इससे खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और वायु परिसंचरण में सुधार होता है।

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देश के विभिन्न मंडियों में 3 जुलाई को क्या रहे फलों और फसलों के भाव?

Todays Mandi Rates

देश के विभिन्न शहरों में फलों और फसलों की कीमतें क्या हैं?

मंडी

फसल

न्यूनतम मूल्य (किलोग्राम में)

अधिकतम मूल्य (किलोग्राम में)

वाराणसी

प्याज़

10

11

वाराणसी

प्याज़

12

14

वाराणसी

प्याज़

14

15

वाराणसी

प्याज़

15

16

वाराणसी

प्याज़

10

11

वाराणसी

प्याज़

12

13

वाराणसी

प्याज़

15

वाराणसी

प्याज़

17

वाराणसी

लहसुन

15

वाराणसी

लहसुन

25

30

वाराणसी

लहसुन

32

36

रतलाम

आलू

22

23

रतलाम

टमाटर

30

35

रतलाम

हरी मिर्च

24

26

रतलाम

अदरक

28

30

रतलाम

कद्दू

10

14

रतलाम

आम

40

45

रतलाम

आम

32

रतलाम

आम

30

33

रतलाम

पपीता

14

16

रतलाम

प्याज़

4

6

रतलाम

प्याज़

8

11

रतलाम

प्याज़

12

14

रतलाम

प्याज़

14

15

रतलाम

लहसुन

7

14

रतलाम

लहसुन

15

24

रतलाम

लहसुन

26

34

रतलाम

लहसुन

35

40

गुवाहाटी

प्याज़

11

गुवाहाटी

प्याज़

13

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

16

गुवाहाटी

प्याज़

11

गुवाहाटी

प्याज़

13

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

16

गुवाहाटी

प्याज़

15

गुवाहाटी

प्याज़

19

गुवाहाटी

प्याज़

21

गुवाहाटी

प्याज़

22

गुवाहाटी

लहसुन

22

27

गुवाहाटी

लहसुन

28

35

गुवाहाटी

लहसुन

35

40

गुवाहाटी

लहसुन

40

42

गुवाहाटी

लहसुन

23

26

गुवाहाटी

लहसुन

27

35

गुवाहाटी

लहसुन

35

40

गुवाहाटी

लहसुन

40

42

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भारी बारिश जारी रहने की है संभावना, देखें मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

2 जुलाई को मानसून ने पूरे भारत को कवर कर लिया है हालांकि इसकी सामान्य तिथि आठ जुलाई है। दिल्ली सहित उत्तर भारत के अधिकांश भागों में अब बारिश की गतिविधियां बहुत कम हो जाएंगी। 5 जुलाई से एक बार फिर दिल्ली पंजाब हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में बारिश बढ़ेगी। पूर्वी और उत्तर पूर्वी भारत में भी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। मध्य प्रदेश पूर्वी राजस्थान और गुजरात के कई जिलों सहित महाराष्ट्र और कर्नाटक के तट पर भारी बारिश जारी रह सकती है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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