शुरू हो गई बादलों की आवाजाही, अब कई राज्यों में बरसेंगे बादल

know the weather forecast,

उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम बदलने लगा है। 17 फरवरी से कई राज्यों में बारिश हो सकती है। जिन राज्यों में पानी की कमी है, वहां हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन बहुत तेज बारिश की उम्मीद नहीं है। पहाड़ों पर बर्फबारी भी जारी रहने की संभावना है। 19 और 20 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में बारिश हो सकती है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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तरबूज की फसल में में एन्थ्रक्नोस रोग के लक्षण एवं नियंत्रण के उपाय

Symptoms and control of anthracnose disease in watermelon

एन्थ्रक्नोस के लक्षण पत्तियों एवं फल दोनों पर दिखाई देते हैं। शुरूआती अवस्था में पत्तियों पर पीले, गोल जलयुक्त धब्बे दिखाई देते हैं, बाद में यह धब्बे आपस में मिलकर बड़े व भूरे रंग के हो जाते हैं। ग्रसित पत्तियां सूख जाती है, और फलों पर भी गोलाकार जलयुक्त एवं हल्के भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं तथा फल कठोर हो जाते हैं।

नियंत्रण: इस रोग के नियंत्रण के लिए बुआई के लिए उपचारित बीज का हीं उपयोगकरें। बीज उपचार बाविस्टिन (कार्बेन्डाझिम 50 डब्लू पी) @ 2 ग्राम पर किलो बीज के दर से करें एवं रोग का प्रकोप दिखाई देने पर एम-45 (मैन्कोजेब 75% डब्लू पी) @ 2 ग्राम/लीटर पानी के दर से छिड़काव करें।

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मध्यप्रदेश को मिले सात कृषि कर्मण पुरस्कार, किसानों की मेहनत का नतीजा

Madhya Pradesh Awarded Seven Krishi Karman Awards

मध्यप्रदेश को अब तक सात बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुके हैं, जो किसानों की मेहनत और राज्य की उन्नत कृषि नीतियों का परिणाम है। प्रदेश की उपजाऊ भूमि ने न केवल बेहतर उत्पादन दिया है, बल्कि सतत विकास और वैश्विक निवेश के नए अवसर भी खोले हैं।

श्वेत क्रांति में शानदार प्रगति

2012 से 2023 के बीच मध्यप्रदेश ने दूध उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। डेयरी इन्वेस्टमेंट एक्सेलेरेटर जैसी योजनाओं ने डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। प्रति व्यक्ति 591 ग्राम दूध उपलब्धता के साथ, राज्य राष्ट्रीय स्तर पर छठवें स्थान पर है।

वैश्विक निवेश का केंद्र

पेप्सीको, कोका कोला, और अमूल जैसी बड़ी कंपनियों ने राज्य में निवेश किया है। मध्यप्रदेश की निवेश-हितैषी नीतियां इसे किसानों और निवेशकों के लिए एक आकर्षक स्थान बना रही हैं।

मध्यप्रदेश ने अपनी समृद्ध कृषि परंपरा और तकनीकी नवाचार के बल पर देश में ‘फ़ूड बास्केट’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

स्रोत: कृषक जगत

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लहसुन के भाव में जारी है गिरावट, 13000 रुपये तक चल रहे उच्च भाव

garlic mandi rate

मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों में क्या चल रहे हैं लहसुन के भाव? आइये देखते हैं पूरी सूची।

मध्य प्रदेश की मंडियों में लहसुन के ताजा मंडी भाव
जिला कृषि उपज मंडी किस्म न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल) अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)
धार बदनावर औसत 2700 4000
धार बदनावर लहसुन 1000 8540
धार बदनावर नया माध्यम 4350 5460
भोपाल भोपाल लहसुन 2000 11951
मन्दसौर दलौदा लहसुन 5000 7000
इंदौर गौतमपुरा लहसुन 1051 6811
इंदौर इंदौर औसत 2800 8500
इंदौर इंदौर लहसुन 500 11000
रतलाम जावरा लहसुन 1300 13000
नीमच जावद लहसुन 4610 9302
शाजापुर कालापीपल लहसुन 2700 4500
शाजापुर कालापीपल (F&V) लहसुन 2800 5515
नीमच मनसा लहसुन 500 8150
नीमच नीमच औसत 1500 9802
नीमच नीमच लहसुन 1800 10300
होशंगाबाद पिपरिया(F&V) लहसुन 6600 12000
मन्दसौर पिपल्या लहसुन 6000 8000
धार राजगढ़ लहसुन 900 8300
रतलाम रतलाम देसी 3000 10700
रतलाम रतलाम लहसुन 600 9050
रतलाम रतलाम लहसुन-जैविक 2400 2400
रतलाम सैलाना लहसुन 800 7799
सीहोर सीहोर लहसुन 2200 7701
शाजापुर शाजापुर औसत 3858 3858
शाजापुर शाजापुर देसी 5195 5195
शाजापुर शाजापुर लहसुन 2100 8866
शाजापुर शुजालपुर देसी 1710 10025
शाजापुर शुजालपुर(F&V) लहसुन 900 10025
मन्दसौर सीतामऊ लहसुन 500 8510
मन्दसौर सीतामऊ लहसुन-जैविक 3020 6000
उज्जैन उज्जैन लहसुन 1503 8935

स्रोत: एगमार्कनेट

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तरबूज में रेड पम्पकिन बीटल से होने वाले नुकसान एवं रोकथाम के उपाय

Damage caused by red pumpkin beetle in watermelon and preventive measures

इस कीट की नवजात एवं वयस्क दोनों ही अवस्था फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। नवजात पौधों की जड़, भूमिगत तना एवं जमीन से लगे फल खाते है, जिससे पौधे मुरझाने लगते हैं या पौधों में सड़न भी हो सकती है। वयस्क कीट पौधों की पत्तियों में छेद करते हैं जिसके कारण पौधे का विकास नहीं होता एवं प्रकोप बढ़ने पर पौधे भी जाते हैं। इससे खेत में फसलों पर जले जले से धब्बे दिखाई पड़ते हैं। यह कीट फूल की अवस्था में भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे फल धारणा कम होती है, और गंभीर अवस्था में उत्पादन में 90 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। 

रोकथाम के उपाय: इस कीट के रोकथाम के लिए फसल की कटाई के तुरंत बाद खेतों की जुताई करें और सुप्तावस्था में रहने वाले वयस्क कीटों को नष्ट कर दें। प्रकोप दिखाई देने पर इमानोवा (इमामेक्टिन बेंजोएट 5% एसजी) @ 100 ग्राम/एकड़ या टफगोर (डायमेथोएट 30% इसी) @ 200 मिली प्रति एकड़ के दर से 150-200 लीटर पानी में छिड़काव करें। 

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बागवानी फसलों को मिलेगा सही दाम, सरकार की विशेष योजना से लाभ उठाएं

Horticulture Farmers to Get Fair Prices with Government's Special Scheme

बागवानी फसलों की कीमतों में गिरावट से किसानों को नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा ‘बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS)’ शुरू की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उनकी आय को बढ़ाना है।

योजना के फायदे:

  • आर्थिक सुरक्षा: कीमतें गिरने पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की तरह ही मदद मिलती है।

  • बिचौलियों की कमी: सरकार सीधे किसानों से उत्पाद खरीदती है।

  • भंडारण सुविधा: खरीदी गई उपज को सुरक्षित रखा जाता है।

कैसे काम करती है यह योजना?

  1. राज्य सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजती है।

  2. केंद्र सरकार स्वीकृति और आर्थिक सहायता प्रदान करती है।

  3. राज्य सरकार न्यूनतम मूल्य पर किसानों से उपज खरीदती है।

  4. भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जाता है।

किन उत्पादों को मिलता है लाभ?

इस योजना में आम, प्याज, टमाटर, आलू, सेब, अंगूर, केला, मसाले जैसे बागवानी उत्पाद शामिल हैं।

किसानों को इस योजना से न केवल सही दाम मिलता है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।

स्रोत: कृषि जागरण

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मध्य प्रदेश के मंडियों में क्या चल रहे हैं सरसों के भाव?

Mustard mandi bhaw

सरसों के मंडी भाव में तेजी देखने को मिल रही है। देखिये मध्य प्रदेश के अलग अलग मंडियों में क्या चल रहे हैं सरसों के भाव!

मध्य प्रदेश की मंडियों में सरसों के ताजा मंडी भाव
जिला कृषि उपज मंडी किस्म न्यूनतम मूल्य (प्रति क्विंटल) अधिकतम मूल्य (प्रति क्विंटल)
शाजापुर आगर सरसों 5450 5450
अशोकनगर अशोकनगर सरसों 5225 5445
अशोकनगर अशोकनगर सरसों-जैविक 5290 5500
सीहोर आष्टा सरसों 5140 5183
सीहोर आष्टा सरसों(काला) 5080 5080
शिवपुरी बदरवास सरसों 5245 5620
रीवा बैकुंठपुर सरसों 5400 5400
राजगढ़ ब्यावरा सरसों 5405 5405
गुना बीनागंज सरसों 5011 5361
छतरपुर छतरपुर सरसों 5025 5025
दतिया दतिया सरसों 5405 5600
विदिशा गंज बासौदा सरसों 5060 5250
हरदा हरदा सरसों 3011 5341
खंडवा हरसूद सरसों 4626 5276
इंदौर इंदौर सरसों 2600 4401
होशंगाबाद इटारसी सरसों 4500 5100
रतलाम जावरा सरसों 5401 5700
राजगढ़ जीरापुर सरसों(काला) 5215 5600
मुरैना कैलारस सरसों 5600 5743
शाजापुर कालापीपल सरसों 4433 5236
देवास कन्नोड सरसों 4881 4902
कटनी कटनी सरसों 4400 5541
देवास खातेगांव सरसों 4111 5200
देवास खातेगांव सरसों-जैविक 4600 5091
हरदा खिरकिया सरसों 4681 5200
हरदा खिरकिया सरसों 4600 5150
सागर खुरई सरसों 4000 5200
शिवपुरी कोलारस सरसों 4500 5955
ग्वालियर लश्कर सरसों 5340 5780
छतरपुर लवकुशनगर(लौंदी) सरसों 5440 5550
नीमच मनसा सरसों 5261 5700
सतना नागोद सरसों-जैविक 5000 5100
शाजापुर नलकेहड़ा सरसों 5491 5491
राजगढ़ नरसिंहगढ़ सरसों 4000 4700
सीहोर नसरुल्लागंज सरसों 4201 4891
राजगढ़ पचौर सरसों 5035 5700
राजगढ़ पचौर सरसों 5405 5695
राजगढ़ पचौर सरसों(काला) 5260 5260
होशंगाबाद पिपरिया सरसों 4270 4270
शिवपुरी पोहरी सरसों 5090 5925
छतरपुर राजनगर सरसों(काला) 5200 5200
मुरैना सबलगढ़ सरसों(काला) 5675 5785
सागर सागर सरसों-जैविक 5235 6525
रतलाम सैलाना सरसों 4700 5200
सतना सतना सरसों 5170 5475
शाजापुर शाजापुर सरसों 4850 5661
श्योपुर श्योपुरकलां सरसों 5200 5200
शिवपुरी शिवपुरी सरसों 5160 5845
शाजापुर शुजालपुर सरसों 4941 5330
विदिशा सिरोंज सरसों 4695 5325
विदिशा सिरोंज सरसों-जैविक 5270 5270
देवास सोनकच सरसों 4861 4861
उज्जैन तराना सरसों 4501 5595
उज्जैन तराना सरसों(काला) 4701 4701
हरदा टिमरनी सरसों 4400 5022
विदिशा विदिशा सरसों 5020 5305
विदिशा विदिशा सरसों 5320 5320

स्रोत: एगमार्कनेट

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लूज़ स्मट से गेहूँ की फसल को होगा नुकसान, जानें लक्षण एवं नियंत्रण के उपाय

Symptoms and control of loose smut in wheat crop

लूज़ स्मट गेहूँ की फसल में लगने वाला एक बीज़ जनित रोग है। इस रोग के लक्षण बाली आने पर ही दिखाई देते हैं। रोगी पौधों की बालियों में दानों की जगह रोग जनक के बीजाणु काले पाउडर के रूप पाए जाते हैं एवं ये बीजाणु एक पतली झिल्ली से ढके होते हैं। ग्रसित पौधे आमतौर पर पहले परिपक्व होते हैं और उनकी ऊंचाई कम होती है।  

लूज़ स्मट रोग के रोकथाम के उपाय 

इस रोग के नियंत्रण का सबसे अच्छा उपाय बीज़ उपचार है। पत्तियों के पीले पड़ने पर संक्रमित बालियों को निकाल दें। इसके आलावा इस रोग के नियंत्रण के लिए करमानोवा  (कार्बेन्डाजिम 12% + मैनकोज़ेब 63%) @ 600 ग्राम/एकड़ या टेसूनोवा (टेबुकोनाज़ोल 10% + सल्फर 65% WG)@ 500 ग्राम, प्रति एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।

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अगले हफ्ते कई राज्यों में होगी झमाझम बारिश, जानें अपने क्षेत्र का मौसम पूर्वानुमान

know the weather forecast,

कुछ दिनों तक मौसम साफ बना रहेगा, हालांकि पहाड़ों पर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश और बर्फबारी के आसार हैं, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की बारिश हो सकती है। 18 फरवरी से 21 फरवरी के बीच पहाड़ों पर भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती है, साथ ही उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है।

स्रोत: स्काइमेट वेदर

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गाय, भैंस, और बकरी की खरीद के लिए अब मिलेगा अधिक लोन, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

Pashu Kisan Credit Card Scheme

किसानों की सहायता के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना’ के तहत किसान लोन लेकर गाय, भैंस, बकरियां, मुर्गियां आदि खरीद सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना और किसानों की आय को दोगुना करना है।

हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में इस योजना के तहत मिलने वाले लोन की सीमा को बढ़ाने की घोषणा की है। पहले जहां ₹3 लाख तक का लोन मिलता था, अब इस योजना के तहत ₹5 लाख तक का लोन उपलब्ध होगा।

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • किसानों को ₹2 लाख तक का लोन केवल 7% ब्याज दर पर मिलेगा।

  • समय पर लोन चुकाने पर किसानों को 3% प्रोत्साहन मिलेगा।

  • जल्दी भुगतान करने पर ₹2 लाख तक की लोन राशि पर केवल 4% सालाना ब्याज दर लागू होगी।

आवेदन प्रक्रिया: यदि आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने क्षेत्र की नजदीकी बैंक शाखा में जाकर आवेदन पत्र भरें। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करें। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैंक 15 दिनों के भीतर पशु किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर देता है।

स्रोत: कृषि जागरण

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